{"_id":"67a121982be765638104ae2a","slug":"youth-sentenced-to-one-year-in-check-bounce-case-court-ordered-to-return-the-amount-pkl-office-news-c-87-1-pk11006-119310-2025-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: चेक बाउंस में युवक को एक साल की सजा, कोर्ट ने रकम लौटाने का दिया आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: चेक बाउंस में युवक को एक साल की सजा, कोर्ट ने रकम लौटाने का दिया आदेश
विज्ञापन
पंचकूला। चेक बाउंस मामले में जिला अदालत ने एक युवक को एक साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने चेक की रकम लौटाने का भी आदेश दिया है। दोषी की पहचान पवन कुमार निवासी गांव बीड़ घग्गर के रूप में हुई है। सेक्टर-20 फतेहपुर निवासी सूरज भान ने पवन कुमार के खिलाफ जिला अदालत में चेक बाउंस का केस फाइल किया था। इसी मामले में सुनवाई कर कोर्ट ने फैसला सुनाया।
सूरज भान ने अदालत में दायर की शिकायत में बताया था कि दोषी भारतीय सेना में नौकरी करता है। वह कमांड अस्पताल चंडीमंदिर आर्मी कैंट में तैनात है। दोषी ने उसके भाई परवीन कुमार को भारतीय सेना में लगवाने का झांसा दिया था। इसके एवज में उसने चार लाख रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने दोषी को 2.50 लाख रुपये नकद दिए थे।
दोषी ने शिकायतकर्ता से सभी कागजात भी लिए थे। इसके बाद उसका व्यवहार बदल गया। उसने कई बार आरोपी से पूछा तो उसने रुपये लौटाने का दावा किया। इसके बाद उसने 16 जुलाई 2017 को 2.50 लाख रुपये का चेक दे दिया। जब उसने चेक बैंक में लगाया तो फंड की कमी के चलते बाउंस हो गया। शिकायतकर्ता ने दोषी के खिलाफ लीगल नोटिस भेजने के बाद जिला अदालत में चेक बाउंस का केस फाइल किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सूरज भान ने अदालत में दायर की शिकायत में बताया था कि दोषी भारतीय सेना में नौकरी करता है। वह कमांड अस्पताल चंडीमंदिर आर्मी कैंट में तैनात है। दोषी ने उसके भाई परवीन कुमार को भारतीय सेना में लगवाने का झांसा दिया था। इसके एवज में उसने चार लाख रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने दोषी को 2.50 लाख रुपये नकद दिए थे।
विज्ञापन
दोषी ने शिकायतकर्ता से सभी कागजात भी लिए थे। इसके बाद उसका व्यवहार बदल गया। उसने कई बार आरोपी से पूछा तो उसने रुपये लौटाने का दावा किया। इसके बाद उसने 16 जुलाई 2017 को 2.50 लाख रुपये का चेक दे दिया। जब उसने चेक बैंक में लगाया तो फंड की कमी के चलते बाउंस हो गया। शिकायतकर्ता ने दोषी के खिलाफ लीगल नोटिस भेजने के बाद जिला अदालत में चेक बाउंस का केस फाइल किया था।
विज्ञापन