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असमंजसः मुफ्त जमीन, 50% खर्च के कारण अटका यमुनानगर-चंडीगढ़ रेल लाइन प्रोजेक्ट

Mon, 22 Jun 2020 11:10 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 22 Jun 2020 11:10 AM IST
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Yamunaanagar-Chandigarh rail line project stuck due to free land, 50% cost
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
हरियाणा सरकार यमुनानगर-चंडीगढ़ रेल लाइन प्रोजेक्ट के लिए मुफ्त जमीन देने और कुल निर्माण लागत का आधा खर्च उठाने को तैयार नहीं है। केंद्र सरकार ने ये शर्तें लगाते हुए हां या ना में जवाब मांगा था, जो अभी तक नहीं दिया है। सरकार असमंजस की स्थिति में है कि प्रोजेक्ट को लेकर हामी भरे या नहीं, चूंकि रेल लाइन के लिए किसानों की जमीन लेना सबसे बड़ी चुनौती है। इसकी राशि भी सरकार को ही किसानों को देनी है। इसके बाद लाइन निर्माण पर आने वाली कुल लागत का पचास फीसदी हिस्सा भी देना होगा।
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इसे देखते हुए सरकार ने फिलहाल इस प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में ही डाला है। 2013-14 के बजट में इसकी घोषणा की गई थी। 25 करोड़ रुपये सर्वे के लिए रखे गए थे। उसके बाद तमाम तरह की मंजूरियां और राज्य सरकार की सहमति भी अहम पहली थी, जो अभी तक नहीं मिल पाई है। इस कारण प्रोजेक्ट कागजों तक ही सीमित है। बीते वर्ष रेल मंत्रालय आरटीआई में भी हरियाणा का जवाब न मिलने के बारे में बता चुका है।
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शिवालिक विकास मंच के अध्यक्ष एडवोकेट विजय बंसल ने बताया कि यमुनानगर-चंडीगढ़ वाया सढौरा 91 किमी रेलवे लाइन प्रोजेक्ट को कांग्रेस कार्यकाल में बजट में डाला गया था। इसके बाद सीमित फंड होने के चलते केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को 50 प्रतिशत खर्च के साथ मुफ्त जगह देने की पेशकश की थी। 6 साल बीतने के बावजूद अब तक इस मामले में राज्य ने केंद्र सरकार व रेलवे मंत्रालय को कोई जवाब नहीं दिया गया है।
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लघु उद्योगों को बढ़ावा मिलने के साथ सृजित होने थे रोजगार
इस रेल लाइन प्रोजेक्ट से यमुनानगर, जगाधरी, बिलासपुर में उद्योगों, लघु उद्योगों को तो बढ़ावा मिलना ही था, सढौरा, नारायणगढ़, रायपुरानी, बरवाला, रामगढ़ व पंचकूला में विकास की रफ्तार तेज होने के साथ नए रोजगार सृजित होने थे। विजय बंसल के अनुसार शिवालिक क्षेत्र से एक सांसद, एक केंद्रीय मंत्री हैं, हरियाणा के स्पीकर व कैबिनेट में 2 मंत्री भी यहां से आते हैं। उन्हें इस प्रोजेक्ट को लेकर आवाज उठानी चाहिए।


ये प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में
शिवालिक क्षेत्र की कई योजनाएं ठंडे बस्ते में हैं। इनमें ताजेवाला से रायपुरानी तक सिंचाई नहर, मोरनी को पहाड़ी क्षेत्र घोषित करना, 1000 करोड़ का आर्थिक पैकेज, छामला-दिवानवाला-डागराना सिंचाई बांध, मेडिकल कालेज, विश्वविद्यालय की स्थापना, हिमाचल की भांति औद्योगिक पैकेज, पिंजौर-मोरनी को पर्यटन केंद्र बनाना इत्यादि प्रोजेक्ट शामिल हैं।
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