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लड़की के विवाह के लिए श्रमिकों को मिलेंगे 51 हजार रुपये : डीसी
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पंचकूला। हरियाणा भवन और सन्निर्माण श्रम कल्याण विभाग की ओर से विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भवन एवं सन्निर्माण श्रमिकों के लिए क्रियान्वित कई तरह की योजनाएं एवं सुविधाएं दी जा रही हैं। इनमें श्रमिकों की बेटी की शादी के लिए 51,000 रुपये की राशि कन्यादान के अलावा मकान की खरीद या निर्माण के लिए 2 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण मिलेगा। मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत श्रमिक की मृत्यु पर 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता जैसी योजनाएं शामिल हैं।
डीसी मुकेश कुमार आहूजा ने बताया कि बोर्ड की ओर से कन्यादान योजना की राशि का लाभ श्रमिकों की तीन बेटियों तक ही प्रदान किया जाता है। इसके साथ ही विधवा पेंशन योजना के अंतर्गत 2 हजार रुपये प्रति माह, मातृत्व लाभ के लिए 36 हजार रुपये तथा पितृत्व लाभ के लिए 21 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाती है।
उन्होंने बताया कि कामगारों को 5 वर्ष में एक बार नए औजारों की खरीद के लिए 8 हजार रुपये, पंजीकृत महिला कामगारों को उनकी सदस्यता के नवीनीकरण के समय साड़ी, सूट, चप्पल, रेन कोट, छाता, रबड़ मैट्रेस, बर्तन आदि खरीदने के लिए 5100 रुपये की राशि दी जाती है।
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साइकिल के लिए मिलते हैं 3 हजार
कामगारों को साइकिल खरीदने के लिए 3 हजार रुपये की वित्तीय सहायता एवं महिला श्रमिक को सिलाई मशीन प्रदान की जाती है। पंजीकृत कामगार और उसके परिवार के चार सदस्यों को चार वर्ष में एक बार धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण के लिए रेलवे की द्वितीय श्रेणी और साधारण रोडवेज बसों का किराया दिया जाता है। पंजीकृत कामगारों के जो बच्चे मेडिकल अथॉरिटी द्वारा 50 प्रतिशत या इससे अधिक शारीरिक अथवा मानसिक रुप से अक्षम व दिव्यांग घोषित किए गए हैं उन्हें 2 हजार रुपये प्रति माह सहायता राशि दी जाती है। किसी संक्रामक बीमारी या कार्य स्थल पर दुर्घटना के कारण दिव्यांग होने पर उसे 3 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन भी दी जाती है।
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डीसी मुकेश कुमार आहूजा ने बताया कि बोर्ड की ओर से कन्यादान योजना की राशि का लाभ श्रमिकों की तीन बेटियों तक ही प्रदान किया जाता है। इसके साथ ही विधवा पेंशन योजना के अंतर्गत 2 हजार रुपये प्रति माह, मातृत्व लाभ के लिए 36 हजार रुपये तथा पितृत्व लाभ के लिए 21 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाती है।
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उन्होंने बताया कि कामगारों को 5 वर्ष में एक बार नए औजारों की खरीद के लिए 8 हजार रुपये, पंजीकृत महिला कामगारों को उनकी सदस्यता के नवीनीकरण के समय साड़ी, सूट, चप्पल, रेन कोट, छाता, रबड़ मैट्रेस, बर्तन आदि खरीदने के लिए 5100 रुपये की राशि दी जाती है।
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साइकिल के लिए मिलते हैं 3 हजार
कामगारों को साइकिल खरीदने के लिए 3 हजार रुपये की वित्तीय सहायता एवं महिला श्रमिक को सिलाई मशीन प्रदान की जाती है। पंजीकृत कामगार और उसके परिवार के चार सदस्यों को चार वर्ष में एक बार धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण के लिए रेलवे की द्वितीय श्रेणी और साधारण रोडवेज बसों का किराया दिया जाता है। पंजीकृत कामगारों के जो बच्चे मेडिकल अथॉरिटी द्वारा 50 प्रतिशत या इससे अधिक शारीरिक अथवा मानसिक रुप से अक्षम व दिव्यांग घोषित किए गए हैं उन्हें 2 हजार रुपये प्रति माह सहायता राशि दी जाती है। किसी संक्रामक बीमारी या कार्य स्थल पर दुर्घटना के कारण दिव्यांग होने पर उसे 3 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन भी दी जाती है।