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पंजाब सरकार के दफ्तरों में तीसरे दिन भी काम ठप, सरकार के साथ बातचीत में नहीं निकला कोई हल
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पंजाब सिविल सचिवालय परिसर में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन अपनी मांगों के समर्थन में कलम छोड़ हड?
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पंजाब सरकार के कार्यालयों में लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी कलम छोड़ हड़ताल जारी रही और सरकारी कामकाज पूरी तरह ठप रहा। पंजाब सिविल सचिवालय से लेकर चंडीगढ़ और मोहाली स्थित सभी निदेशालयों में पूरी तरह हड़ताल रही। इस बीच पंजाब स्टेट मिनिस्ट्रियल सर्विसेज यूनियन ने हड़ताल में शामिल होकर पूरे पंजाब में डीसी दफ्तरों और अन्य कार्यालयों में भी कामकाज ठप कर दिया।
इसी दौरान सरकार की तरफ से मुलाजिमों की मांगों बारे कई अनौपचारिक बैठकें भी की गईं, जिससे मुलाजिमों में कई महत्वपूर्ण मांगों का हल जल्दी निकलने की उम्मीदबंधी है। पंजाब सिविल सचिवालय में शुक्रवार सुबह से ही मुलाजिम सरकारी बसों और निजी वाहनों पर दफ्तर पहुंचे, लेकिन दफ्तरों में जाने के बजाय हड़ताल वाले स्थान पर जमा हुए। इस मौके पर मुलाजिमों को संबोधित करते हुए मुलाजिम नेता सुखचैन सिंह खैरा ने कहा कि बीते तीन दिन से काम ठप रहने के कारण सरकार बातचीत के लिए तैयार हो गई है, लेकिन जब तक मुलाजिमों की जायज मांगें मान नहीं ली जाएंगी, तब तक हड़ताल वापस नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि मुलाजिमों की तरफ से सरकार के साथ बातचीत का रास्ता हमेशा खुला रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि मुलाजिम हड़ताल व प्रदर्शन करके खुश नहीं हैं, क्योंकि इससे आम जनता को परेशानी होती है। लेकिन सरकार मुलाजिमों की मांगों को लेकर टालमटोल पर आ जाती है तो मजबूरन मुलाजिमों को संघर्ष में उतरना पड़ता है।
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इसी दौरान सरकार की तरफ से मुलाजिमों की मांगों बारे कई अनौपचारिक बैठकें भी की गईं, जिससे मुलाजिमों में कई महत्वपूर्ण मांगों का हल जल्दी निकलने की उम्मीदबंधी है। पंजाब सिविल सचिवालय में शुक्रवार सुबह से ही मुलाजिम सरकारी बसों और निजी वाहनों पर दफ्तर पहुंचे, लेकिन दफ्तरों में जाने के बजाय हड़ताल वाले स्थान पर जमा हुए। इस मौके पर मुलाजिमों को संबोधित करते हुए मुलाजिम नेता सुखचैन सिंह खैरा ने कहा कि बीते तीन दिन से काम ठप रहने के कारण सरकार बातचीत के लिए तैयार हो गई है, लेकिन जब तक मुलाजिमों की जायज मांगें मान नहीं ली जाएंगी, तब तक हड़ताल वापस नहीं होगी।
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उन्होंने कहा कि मुलाजिमों की तरफ से सरकार के साथ बातचीत का रास्ता हमेशा खुला रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि मुलाजिम हड़ताल व प्रदर्शन करके खुश नहीं हैं, क्योंकि इससे आम जनता को परेशानी होती है। लेकिन सरकार मुलाजिमों की मांगों को लेकर टालमटोल पर आ जाती है तो मजबूरन मुलाजिमों को संघर्ष में उतरना पड़ता है।
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