{"_id":"60fb29ab8ebc3e585e42193d","slug":"without-slc-admission-issued-contempt-notice-to-acs-panchkula-news-pkl421033335","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोक का आदेश भी नहीं मान रही सरकार, बिना एसएलसी दे रहे प्रवेश, अवमानना नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोक का आदेश भी नहीं मान रही सरकार, बिना एसएलसी दे रहे प्रवेश, अवमानना नोटिस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों में प्रवेश के लिए स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) की बाध्यता को समाप्त करने के हरियाणा सरकार के 10 मार्च के आदेश पर रोक के बावजूद बिना एसएलसी के प्रवेश जारी रखने पर अवमानना याचिका दाखिल की गई है। नीसा एजुकेशन सोसायटी की याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अब हरियाणा सरकार के एसीएस स्कूल महावीर सिंह को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
सर्व हरियाणा प्राइवेट स्कूल ट्रस्ट ने एडवोकेट पंकज मैनी के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया था कि प्रदेश सरकार ने 10 मार्च को सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए थे कि छात्र बिना स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट के भी सरकारी स्कूलों में दाखिला ले सकते हैं। 2003 के रूल 194 ए के तहत सरकार इस तरह के आदेश जारी नहीं कर सकती है। इस आदेश से निजी स्कूलों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। हरियाणा सरकार की ओर से कहा गया था कि 2003 के रूल 194 ए के तहत सरकार बिना एसएलसी के दाखिले के निर्देश जारी कर सकती है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा था कि इस रूल को देखने के बाद नहीं लग रहा कि यह रूल ऐसी कोई इजाजत देता है।
जुलाई के प्रथम सप्ताह में लगाई गई रोक के आदेश के बावजूद हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बिना एसएलसी के प्रवेश जारी रखने को हाईकोर्ट की अवमानना बताते हुए नीसा एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने एडवोकेट पंकज मानी के माध्यम से अवमानना याचिका दाखिल की है। याचिका में बताया गया कि हाईकोर्ट की रोक के बाद स्कूलों ने राहत की सांस ली थी लेकिन रोक के बाद भी स्कूलों को लगातार स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट जारी करने के लिए नोटिस मिल रहे हैं। नोटिस में स्पष्ट लिखा जा रहा है कि यदि एसएलसी 15 दिन में जारी नहीं किया गया तो इसे स्वयं ही जारी हुआ मान लिया जाएगा। इस बारे में अधिकारियों को सूचित किया गया लेकिन उन्होंने इस ओर ध्यान तक नहीं दिया। याचिका पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार के एसीएस स्कूल महावीर सिंह को अवमानना नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सर्व हरियाणा प्राइवेट स्कूल ट्रस्ट ने एडवोकेट पंकज मैनी के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया था कि प्रदेश सरकार ने 10 मार्च को सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए थे कि छात्र बिना स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट के भी सरकारी स्कूलों में दाखिला ले सकते हैं। 2003 के रूल 194 ए के तहत सरकार इस तरह के आदेश जारी नहीं कर सकती है। इस आदेश से निजी स्कूलों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। हरियाणा सरकार की ओर से कहा गया था कि 2003 के रूल 194 ए के तहत सरकार बिना एसएलसी के दाखिले के निर्देश जारी कर सकती है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा था कि इस रूल को देखने के बाद नहीं लग रहा कि यह रूल ऐसी कोई इजाजत देता है।
विज्ञापन
जुलाई के प्रथम सप्ताह में लगाई गई रोक के आदेश के बावजूद हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बिना एसएलसी के प्रवेश जारी रखने को हाईकोर्ट की अवमानना बताते हुए नीसा एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने एडवोकेट पंकज मानी के माध्यम से अवमानना याचिका दाखिल की है। याचिका में बताया गया कि हाईकोर्ट की रोक के बाद स्कूलों ने राहत की सांस ली थी लेकिन रोक के बाद भी स्कूलों को लगातार स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट जारी करने के लिए नोटिस मिल रहे हैं। नोटिस में स्पष्ट लिखा जा रहा है कि यदि एसएलसी 15 दिन में जारी नहीं किया गया तो इसे स्वयं ही जारी हुआ मान लिया जाएगा। इस बारे में अधिकारियों को सूचित किया गया लेकिन उन्होंने इस ओर ध्यान तक नहीं दिया। याचिका पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार के एसीएस स्कूल महावीर सिंह को अवमानना नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।
विज्ञापन