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पंजाब का धुआं दिल्ली से आगे क्यों नहीं जाता और हरियाणा का क्यों नहीं आता : मान

Wed, 29 Oct 2025 12:05 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 29 Oct 2025 12:05 AM IST
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Why doesn't Punjab's smoke go beyond Delhi and why doesn't Haryana's smoke reach there: Mann
अमर उजाला ब्यूरो
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चंडीगढ़। पराली जलाने से दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर पंजाब को इसका जिम्मेदार ठहराए जाने के आरोपों पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पलटवार किया है। उन्होंने दिल्ली और केंद्र सरकार से सवाल पूछते हुए तंज कसा है। सीएम ने पूछा है कि पंजाब का धुआं दिल्ली से आगे क्यों नहीं जाता और हरियाणा का धुआं दिल्ली तक क्यों नहीं आ पाता। ये पंजाब के किसानों को बदनाम करने की दिल्ली वालों की साजिश है। सीएम ने स्पष्ट किया कि अनाज मंडियों में अभी करीब 90 लाख मीट्रिक टन फसल पहुंचनी बाकी है, इसलिए राज्य में पराली जलाने का सवाल ही नहीं उठता। दिल्ली के प्रदूषण के लिए पंजाब को जिम्मेदार ठहराने वाले भूल जाते हैं कि हरियाणा राज्य पंजाब और राष्ट्रीय राजधानी के बीच स्थित है, फिर भी इस मुद्दे के लिए हरियाणा को कभी दोषी नहीं ठहराया जाता।
मान ने कहा कि पंजाब के अन्न उत्पादकों को बिना वजह बदनाम किया जा रहा है और केंद्र सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए कोई विकल्प भी नहीं दिया है। प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्धविराम सुनिश्चित कर सकते हैं लेकिन कई राज्यों से जुड़े इस बड़े मुद्दे की उन्हें कोई चिंता नहीं। सीएम ने कहा कि कई राजनीतिक दल भारतीय चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों की विशेष जांच (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की प्रक्रिया पर आपत्ति जता रहे हैं, इसलिए इस संवैधानिक संस्था को इस मुद्दे पर बनी उलझन वाली स्थिति को स्पष्ट करना चाहिए।
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चुनाव आयोग की कार्रवाई खासकर एसआईआरसे ऐसा नहीं लगना चाहिए कि वह वोट चोरी के उद्देश्य से लोकतंत्र की आवाज को दबा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को मूक दर्शक बने रहने के बजाय विपक्षी दलों की आपत्तियों पर ध्यान देना चाहिए और इन पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। मान ने कहा कि राज्य को बाढ़ राहत के लिए प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1600 करोड़ रुपये अब तक प्राप्त नहीं हुए हैं और केंद्र सरकार इस मुआवजे की राशि में से अन्य चल रही योजनाओं के फंड को एडजस्ट करने की कोशिश कर रही है, जिससे पंजाब की स्थिति और खराब हो रही है।
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भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे प्रधानमंत्री के समक्ष बाढ़ का मुद्दा उठाने के साथ-साथ उन्हें नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस समारोह में आमंत्रित करना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री बिहार में व्यस्त हैं, फिर भी वे स्वयं चुनावी राज्य में जाकर उनसे मिलने के लिए तैयार हैं ताकि पंजाब राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दों को उनके सामने रख सकें।
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