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अनुकंपा आधार पर नौकरी में केवल आरक्षित वर्ग को आयु में छूट क्यों: हाईकोर्ट
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चंडीगढ़। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) में ड्राइवर त्रिलोक कुमार की विधवा को अनुकंपा के आधार पर नौकरी से इनकार करने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, रक्षा मंत्रालय व अन्य को नोटिस जारी किया है। पठानकोट निवासी याची ने बताया कि उसे अधिक उम्र होने के कारण नौकरी से इनकार किया गया है, जबकि आरक्षित वर्ग के मामले में उन्हें आयु में छूट दी जा रही है। हाईकोर्ट ने इस पर केंद्र सरकार को पक्ष रखने का आदेश दिया है।
मृतक की विधवा रेखा शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि उसके पति की मृत्यु 2017 में हो गई थी। इसके बाद बीआरओ ने 2018 में भर्ती निकाली थी और इसी में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति देने के लिए याची ने आवेदन किया था। याची के आवेदन को इस आधार पर अस्वीकार कर दिया गया क्योंकि भर्ती की अधिकतम आयु से उसकी आयु अधिक थी। याची ने बताया कि उससे अधिक आयु के कई आवेदकों को नियुक्ति दी गई और आयु में छूट का लाभ भी दिया गया। याची को केवल इस आधार पर छूट का लाभ नहीं दिया गया क्योंकि वह सामान्य श्रेणी से है, जबकि अन्य आवेदक आरक्षित श्रेणी से।
उत्तराखंड हाईकोर्ट शशिबाला मामले में स्पष्ट कर चुका है कि अनुकंपा के आधार पर नौकरी देते हुए अधिक आयु को इससे इनकार का आधार नहीं बनाया जा सकता है। अनुकंपा नियुक्ति परोपकारी योजना है और इसे उदारता पूर्वक समझते हुए मामूली कारणों से पात्र व्यक्ति को वंचित नहीं किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद केंद्र सरकार, रक्षा मंत्रालय व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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मृतक की विधवा रेखा शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि उसके पति की मृत्यु 2017 में हो गई थी। इसके बाद बीआरओ ने 2018 में भर्ती निकाली थी और इसी में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति देने के लिए याची ने आवेदन किया था। याची के आवेदन को इस आधार पर अस्वीकार कर दिया गया क्योंकि भर्ती की अधिकतम आयु से उसकी आयु अधिक थी। याची ने बताया कि उससे अधिक आयु के कई आवेदकों को नियुक्ति दी गई और आयु में छूट का लाभ भी दिया गया। याची को केवल इस आधार पर छूट का लाभ नहीं दिया गया क्योंकि वह सामान्य श्रेणी से है, जबकि अन्य आवेदक आरक्षित श्रेणी से।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट शशिबाला मामले में स्पष्ट कर चुका है कि अनुकंपा के आधार पर नौकरी देते हुए अधिक आयु को इससे इनकार का आधार नहीं बनाया जा सकता है। अनुकंपा नियुक्ति परोपकारी योजना है और इसे उदारता पूर्वक समझते हुए मामूली कारणों से पात्र व्यक्ति को वंचित नहीं किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद केंद्र सरकार, रक्षा मंत्रालय व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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