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Panchkula News: कुर्सी लेकर बहस के लिए सीएम आवास जा रहे शिअद नेताओं पर पानी की बौछारें
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चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा सभी विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं को दी गई खुली बहस की चुनौती के जवाब में मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास की तरफ कूच करने वाले शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेताओं और वर्करों को चंडीगढ़ पुलिस ने पार्टी कार्यालय के बाहर ही बैरिकेड लगाकर रोक लिया। इस दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया, जिसमें शिअद के अनेक कार्यकर्ताओं और नेताओं की पगड़ियां तक गिर गईं। पुलिस ने सुखबीर बादल, बिक्रम सिंह मजीठिया समेत सभी सीनियर नेताओं और कई पार्टी वर्करों को हिरासत में ले लिया और देर शाम उन्हें रिहा कर दिया गया।
शिअद के वर्करों ने मंगलवार दोपहर पार्टी अध्यक्ष सुखबीर बादल के नेतृत्व में पार्टी कार्यालय से सीएम आवास की ओर कूच किया था। सुखबीर अपने साथ दो कुर्सियां भी लेकर निकले थे, जिनमें से एक कुर्सी पर ‘मुख्यमंत्री पंजाब’ का स्टीकर लगाया गया था। गौरतलब है कि सीएम मान द्वारा आगामी 1 नवंबर को खुली बहस की चुनौती देने के तुरंत बाद सुखबीर बादल ने उन्हें चुनौती दी थी कि 1 नवंबर तक इंतजार क्यों, वह 10 अक्तूबर को ही उनके आवास पर पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री घर से बाहर आकर मीडिया के सामने उनसे किसी भी मुद्दे पर बहस कर लें।
शिअद का काफिला मंगलवार को जैसे की पार्टी कार्यालय से निकला, चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें वहीं रोक दिया। इस दौरान पुलिस ने शिअद नेताओं को जानकारी दी कि मुख्यमंत्री भगवंत मान चंडीगढ़ में नहीं हैं और वह मध्यप्रदेश में अपनी पार्टी के कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए हैं। पार्टी वर्करों ने सड़क पर ‘भज गया वी भज गया’ की नारेबाजी शुरू कर दी। सुखबीर इस समय जिस वाहन पर सवार होकर कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे, उस पर दो खाली कुर्सियां भी रखी थीं, जिसे लेकर उन्होंने कहा कि भगवंत मान बहस से भाग गए हैं।
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इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह भूंदड़, प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा और डा. दलजीत सिंह चीमा ने भी संबोधित किया। बिक्रम सिंह मजीठिया, गुलजार सिंह रणीके, हीरा सिंह गाबड़िया और यूथ अकाली दल के अध्यक्ष सरबजीत सिंह झिंझर सहित अन्य लोगों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।
गौरतलब है कि एसवाईएल नहर के मुद्दे पर पंजाब सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए जवाब के बाद से शिअद ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सुखबीर का कहना है कि उनकी पार्टी पंजाब का एक बूंद पानी भी किसी दूसरे प्रदेश को नहीं देने देगी। उन्होंने आरोप लगाया है कि आप की सरकार हरियाणा के आगामी चुनाव में फायदा लेने के लिए पंजाब के हितों से विश्वासघात कर रही है।
बहस करने के बजाय मध्यप्रदेश भाग गए सीएमः सुखबीर
सुखबीर बादल ने मंगलवार शाम जारी प्रेस बयान में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिअद के साथ एसवाईएल नहर को लेकर किए विश्वासघात के बारे में बहस करने के बजाय पंजाब से भागने का विकल्प चुना। उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री ने मुझे एसवाईएल पर बहस करने की चुनौती दी, जिसे मैंने स्वीकार कर लिया और घोषणा भी कि मैं मामले के सभी पहलुओं पर बहस करने के लिए आज उनके आवास पर आऊंगा। मैंने सोचा था कि मुख्यमंत्री उसी तरह हमारा स्वागत करेंगें, जिस तरह से पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने भगवंत मान और आप वर्करों का अपने आवास पर आने पर किया ता। हालांकि उन्होंने मेरा और शिअद दल का सामना करने के बजाय अरविंद केजरीवाल के साथ मध्य प्रदेश भागने का फैसला किया।
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शिअद के वर्करों ने मंगलवार दोपहर पार्टी अध्यक्ष सुखबीर बादल के नेतृत्व में पार्टी कार्यालय से सीएम आवास की ओर कूच किया था। सुखबीर अपने साथ दो कुर्सियां भी लेकर निकले थे, जिनमें से एक कुर्सी पर ‘मुख्यमंत्री पंजाब’ का स्टीकर लगाया गया था। गौरतलब है कि सीएम मान द्वारा आगामी 1 नवंबर को खुली बहस की चुनौती देने के तुरंत बाद सुखबीर बादल ने उन्हें चुनौती दी थी कि 1 नवंबर तक इंतजार क्यों, वह 10 अक्तूबर को ही उनके आवास पर पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री घर से बाहर आकर मीडिया के सामने उनसे किसी भी मुद्दे पर बहस कर लें।
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शिअद का काफिला मंगलवार को जैसे की पार्टी कार्यालय से निकला, चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें वहीं रोक दिया। इस दौरान पुलिस ने शिअद नेताओं को जानकारी दी कि मुख्यमंत्री भगवंत मान चंडीगढ़ में नहीं हैं और वह मध्यप्रदेश में अपनी पार्टी के कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए हैं। पार्टी वर्करों ने सड़क पर ‘भज गया वी भज गया’ की नारेबाजी शुरू कर दी। सुखबीर इस समय जिस वाहन पर सवार होकर कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे, उस पर दो खाली कुर्सियां भी रखी थीं, जिसे लेकर उन्होंने कहा कि भगवंत मान बहस से भाग गए हैं।
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इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह भूंदड़, प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा और डा. दलजीत सिंह चीमा ने भी संबोधित किया। बिक्रम सिंह मजीठिया, गुलजार सिंह रणीके, हीरा सिंह गाबड़िया और यूथ अकाली दल के अध्यक्ष सरबजीत सिंह झिंझर सहित अन्य लोगों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।
गौरतलब है कि एसवाईएल नहर के मुद्दे पर पंजाब सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए जवाब के बाद से शिअद ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सुखबीर का कहना है कि उनकी पार्टी पंजाब का एक बूंद पानी भी किसी दूसरे प्रदेश को नहीं देने देगी। उन्होंने आरोप लगाया है कि आप की सरकार हरियाणा के आगामी चुनाव में फायदा लेने के लिए पंजाब के हितों से विश्वासघात कर रही है।
बहस करने के बजाय मध्यप्रदेश भाग गए सीएमः सुखबीर
सुखबीर बादल ने मंगलवार शाम जारी प्रेस बयान में आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिअद के साथ एसवाईएल नहर को लेकर किए विश्वासघात के बारे में बहस करने के बजाय पंजाब से भागने का विकल्प चुना। उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री ने मुझे एसवाईएल पर बहस करने की चुनौती दी, जिसे मैंने स्वीकार कर लिया और घोषणा भी कि मैं मामले के सभी पहलुओं पर बहस करने के लिए आज उनके आवास पर आऊंगा। मैंने सोचा था कि मुख्यमंत्री उसी तरह हमारा स्वागत करेंगें, जिस तरह से पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने भगवंत मान और आप वर्करों का अपने आवास पर आने पर किया ता। हालांकि उन्होंने मेरा और शिअद दल का सामना करने के बजाय अरविंद केजरीवाल के साथ मध्य प्रदेश भागने का फैसला किया।