{"_id":"6abc2c34280c86d74100a6ee","slug":"villagers-in-bhareli-troubled-by-drinking-water-shortage-awaiting-a-solution-for-a-year-panchkula-news-c-87-1-spkl1034-141979-2026-09-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: भरेली में पेयजल किल्लत से परेशान ग्रामीण, एक साल से समाधान का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: भरेली में पेयजल किल्लत से परेशान ग्रामीण, एक साल से समाधान का इंतजार
विज्ञापन
बरवाला। खंड के गांव भरेली में पेयजल किल्लत से ग्रामीण परेशान हैं। दो नलकूपों से मिलने वाली सप्लाई पूरी आबादी के घरों तक नहीं पहुंच रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों को कई बार शिकायत देने के बावजूद करीब एक साल से समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
ग्रामीण प्रेम सिंह, सुखाराम, शमशेर सिंह, दयाला राम, परमजीत कौर, कुसुम देवी आदि ने बताया कि ग्राम पंचायत में भरेली, भरेली टाउन और सगराना गांव आते हैं। भरेली टाउन और सगराना की आबादी करीब एक हजार है, जबकि भरेली की आबादी करीब तीन हजार है। इसके बावजूद भरेली में भी दो नलकूपों से ही पेयजल सप्लाई दी जा रही है। कम सप्लाई के कारण कई घरों तक पानी नहीं पहुंच पाता।
ग्रामीणों ने बताया कि वे समस्या को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों से शिकायत कर चुके हैं। उन्होंने एक अन्य नलकूप की सप्लाई भरेली गांव की लाइन से जोड़ने की मांग की, लेकिन पिछले एक साल से केवल आश्वासन मिल रहा है। पानी की जरूरत पूरी करने के लिए उन्हें पैसे खर्च कर टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत पर भी समस्या के समाधान को लेकर गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीण प्रेम सिंह, सुखाराम, शमशेर सिंह, दयाला राम, परमजीत कौर, कुसुम देवी आदि ने बताया कि ग्राम पंचायत में भरेली, भरेली टाउन और सगराना गांव आते हैं। भरेली टाउन और सगराना की आबादी करीब एक हजार है, जबकि भरेली की आबादी करीब तीन हजार है। इसके बावजूद भरेली में भी दो नलकूपों से ही पेयजल सप्लाई दी जा रही है। कम सप्लाई के कारण कई घरों तक पानी नहीं पहुंच पाता।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि वे समस्या को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों से शिकायत कर चुके हैं। उन्होंने एक अन्य नलकूप की सप्लाई भरेली गांव की लाइन से जोड़ने की मांग की, लेकिन पिछले एक साल से केवल आश्वासन मिल रहा है। पानी की जरूरत पूरी करने के लिए उन्हें पैसे खर्च कर टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत पर भी समस्या के समाधान को लेकर गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया।
विज्ञापन