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Panchkula News: बच्चों से भरी वैन डिवाइडर से टकराकर पलटी, ड्राइवर समेत नौ घायल
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प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को नागरिक अस्पताल पहुंचाया, उपचार के बाद घर भेजा, तीन निजी अस्पताल पहुंचे
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-25 पुलिस चौकी के पास बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे स्कूली बच्चों से भरी वैन डिवाइडर से टकराकर पलट गई। वैन के पलटते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने ड्राइवर के साथ मिलकर वैन में फंसे आठ बच्चों को शीशा तोड़कर बाहर निकाला। इसके बाद लोगों ने अपनी गाड़ी में स्कूली बच्चों और वैन के ड्राइवर को सेक्टर-26 पॉलिक्लीनिक में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी बच्चों और वैन के ड्राइवर को सेक्टर-6 के नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया गया। आठ में से तीन बच्चों के अभिभावकों ने अपने बच्चों को निजी अस्पताल में दाखिल करवाया। ड्राइवर समेत पांच बच्चों को नागरिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया। पुलिस ने ड्राइवर को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है।
जानकारी के अनुसार वैन पहले डिवाइडर से टकराई। इसके बाद पलट गई। वैन में फायर सेफ्टी किट और मेडिकल फर्स्ट एड बॉक्स नहीं था। अभिभावकों ने ड्राइवर पर वैन चलाने के दौरान फोन पर बात करने का आरोप लगाया है। अभिभावकों का कहना है कि चालक वैन चलाने के दौरान फोन पर बात करता है। इसी वजह से बुधवार की सुबह हादसा हुआ है। डीसीपी हिमाद्री कौशिक ने बताया कि बच्चों के परिजनों ने वैन के चालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने के लिए लिखित में दिया है। सभी बच्चे ठीक हैं।
जानकारी के अनुसार बच्चों के परिजनों ने भवन विद्यालय में पढ़ने वाले नौ बच्चों के अभिभावकों ने मिलकर एक निजी ओमनी वैन मालिक से बातचीत कर बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने के लिए किराए पर लिया। सुबह करीब 8 बजे बच्चों को घर से लेकर दोपहर करीब 1 बजे उन्हें रोजाना ड्रॉप करता था।
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घग्गर पार के बच्चों को स्कूल की तरफ से ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा देने से मना किया गया था। अभिभावक बच्चों को खुद न छोड़कर अवैध वाहनों से बच्चों को स्कूल भेज रहे थे। स्कूल को सख्त हिदायत दी गई है कि इस तरह के अवैध वाहनों से न भेजा जाए। हादसे के बाद आरटीए और स्कूल प्रबंधन को इस तरह के अवैध वाहनों पर प्रतिबंध लगाने के लिए पत्र लिखा गया है। -सतपाल कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी पंचकूला
बच्चों का अस्पताल जाकर हाल जाना है। सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं। स्कूल ने दूर जाने वाले नर्सरी के बच्चों को ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा देने से अभिभावकों को मना कर दिया गया था। इसके बाद अभिभावकों ने बच्चों को स्वयं छोड़ने की बात कही थी। अब बच्चों को स्कूल खुद छोड़ने की बजाय अवैध वाहन से स्कूल भेज रहे हैं। - गुलशन कौर, प्रिंसिपल, भवन विद्यालय पंचकूला
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-25 पुलिस चौकी के पास बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे स्कूली बच्चों से भरी वैन डिवाइडर से टकराकर पलट गई। वैन के पलटते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने ड्राइवर के साथ मिलकर वैन में फंसे आठ बच्चों को शीशा तोड़कर बाहर निकाला। इसके बाद लोगों ने अपनी गाड़ी में स्कूली बच्चों और वैन के ड्राइवर को सेक्टर-26 पॉलिक्लीनिक में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी बच्चों और वैन के ड्राइवर को सेक्टर-6 के नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया गया। आठ में से तीन बच्चों के अभिभावकों ने अपने बच्चों को निजी अस्पताल में दाखिल करवाया। ड्राइवर समेत पांच बच्चों को नागरिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया। पुलिस ने ड्राइवर को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है।
जानकारी के अनुसार वैन पहले डिवाइडर से टकराई। इसके बाद पलट गई। वैन में फायर सेफ्टी किट और मेडिकल फर्स्ट एड बॉक्स नहीं था। अभिभावकों ने ड्राइवर पर वैन चलाने के दौरान फोन पर बात करने का आरोप लगाया है। अभिभावकों का कहना है कि चालक वैन चलाने के दौरान फोन पर बात करता है। इसी वजह से बुधवार की सुबह हादसा हुआ है। डीसीपी हिमाद्री कौशिक ने बताया कि बच्चों के परिजनों ने वैन के चालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने के लिए लिखित में दिया है। सभी बच्चे ठीक हैं।
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जानकारी के अनुसार बच्चों के परिजनों ने भवन विद्यालय में पढ़ने वाले नौ बच्चों के अभिभावकों ने मिलकर एक निजी ओमनी वैन मालिक से बातचीत कर बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने के लिए किराए पर लिया। सुबह करीब 8 बजे बच्चों को घर से लेकर दोपहर करीब 1 बजे उन्हें रोजाना ड्रॉप करता था।
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घग्गर पार के बच्चों को स्कूल की तरफ से ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा देने से मना किया गया था। अभिभावक बच्चों को खुद न छोड़कर अवैध वाहनों से बच्चों को स्कूल भेज रहे थे। स्कूल को सख्त हिदायत दी गई है कि इस तरह के अवैध वाहनों से न भेजा जाए। हादसे के बाद आरटीए और स्कूल प्रबंधन को इस तरह के अवैध वाहनों पर प्रतिबंध लगाने के लिए पत्र लिखा गया है। -सतपाल कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी पंचकूला
बच्चों का अस्पताल जाकर हाल जाना है। सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं। स्कूल ने दूर जाने वाले नर्सरी के बच्चों को ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा देने से अभिभावकों को मना कर दिया गया था। इसके बाद अभिभावकों ने बच्चों को स्वयं छोड़ने की बात कही थी। अब बच्चों को स्कूल खुद छोड़ने की बजाय अवैध वाहन से स्कूल भेज रहे हैं। - गुलशन कौर, प्रिंसिपल, भवन विद्यालय पंचकूला