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Panchkula News: मिस्ट्रेस शब्द का उपयोग सही नहीं, महिला हो या पुरुष सबसे उपयुक्त शब्द शिक्षक ः हाईकोर्ट

Thu, 22 Feb 2024 02:23 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 22 Feb 2024 02:23 AM IST
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Use of the word mistress is not correct, be it a man or a woman, the most appropriate word is teacher: High Court
चंडीगढ़। पंजाबी शिक्षक के पद पर 2009 की भर्ती को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि मिस्ट्रेस शब्द का प्रयोग सही नहीं है क्योंकि यह लिंग के आधार पर है। महिला हो या पुरुष सबसे उपयुक्त शब्द शिक्षक है जिससे दोनों को समान रूप से संबोधित किया जा सकता है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के 12 साल बाद याचिका को मंजूर करते हुए याचिकाकर्ताओं को नियुक्ति देने का आदेश दिया है। याचिका दाखिल करते हुए नीतू शर्मा व अन्य ने हाईकोर्ट को बताया था कि पंजाब सरकार ने विभिन्न विषय के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला था। विज्ञापन के अनुसार 12 पद स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों के लिए आरक्षित थे। 2012 में जब नियुक्तियां की गईं तो उस दौरान याचिकाकर्ताओं से मेरिट में नीचे लोगों को नियुक्ति दे दी गई। याची ने बताया कि नियम के अनुसार सबसे पहली प्राथमिकता स्वतंत्रता सेनानी के बेटे और बेटी को दी जाती है। इसके बाद पोते-पोती व नाती-नातिन को। इस मामले में चयनित लोगों ने खुद को बेटा या बेटी के तौर पर दिखाया था, जबकि याचिकाकर्ता पोते या पोती हैं। ऐसे में मेरिट में ऊपर होते हुए भी याचिकाकर्ताओं को नियुक्ति नहीं दी गई।
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नियुक्त हुए लोगों की ओर से बताया गया कि आवेदन के समय उनके पास पोता या पोती का ऑप्शन नहीं था और ऐसे में उन्होंने बेटा व बेटी के तौर पर आवेदन किया था। हालांकि जब दस्तावेजों की जांच हुई तो उसमें स्पष्ट तौर पर दर्ज था कि वे बेटा व बेटी नहीं बल्कि पोता या पोती हैं। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि इसमें चयनित लोगों की गलती नहीं है बल्कि चयन कमेटी की गलती है। जो लोग नियुक्ति के बाद करीब एक दशक से सेवाएं दे रहे हैं उन्हें बिना उनके दोष से सेवा मुक्त करने का आदेश देना भी सही नहीं है। ऐसे में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को 2012 से नियुक्ति देने और चयनित लोगों से वरिष्ठता में ऊपर रखने का आदेश दिया है।
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