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एसवाईएल पर पंजाब के खिलाफ लामबंद हो हरियाणा के सियासी दल
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इंडियन नेशनल लोकदल ने हरियाणा की गठबंधन सरकार से मांग की है कि प्रदेश के सभी सियासी दलों को एसवाईएल के समर्थन में एकजुट कर पंजाब के सियासी दलों द्वारा इस संदर्भ में पारित प्रस्ताव का जवाब दिया है। पिछले दिनों पंजाब के सभी राजनीतिक दलों ने लामबंद होकर ये प्रस्ताव पारित किया था कि पंजाब के पास पर्याप्त पानी नहीं है, इसलिए एसवाईएल का पानी हरियाणा को नहीं दिया जा सकता।
इनेलो के विधायक अभय चौटाला ने कहा कि बड़ी हैरानी की बात है कि पंजाब ने सर्वदलीय बैठक में एक स्वर में हरियाणा को एक भी बूंद पानी न देने का प्रस्ताव पास कर एकता का परिचय दिया है। जबकि हरियाणा में भाजपा की सरकार को इस प्रस्ताव को ध्यान में रखते हुएहरियाणा में भी सर्वदलीय बैठक बुलाकर इसका विरोध करना चाहिए था और इसके बारे में केंद्रीय नेतृत्व से मिलकर सर्वोच्च न्यायालय ने जो फैसला दिया था उसको तुरंत लागू करने का आग्रह करना चाहिए था।
इनेलो नेता ने कहा कि गठबंधन की सरकार को हरियाणा के किसानों व कृषि क्षेत्र की कोई चिंता नहीं है क्योंकि इनेलो शासनकाल के दौरान यमुनानगर, अम्बाला एवं कुरुक्षेत्र आदि जिलों में कृषि क्षेत्र के लिए उचित पानी की व्यवस्था करना और भूमि-रिचार्ज उद्देश्य के लिए दादूपुर-नलवी नहर निर्माण के लिए 260 एकड़ जमीन सरकार ने अधिकृत की थी। परंतु सरकार ने किसानों व कृषि क्षेत्र के लिए इस नहर द्वारा पानी देने की बजाय दादूपुर-नलवी नहर को डी-नोटिफाई कर दिया है और किसानों को जमीन वापिस लेने के लिए कहा है।
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इनेलो नेता ने कहा कि यह ठीक है कि भाजपा सरकार जल संरक्षण परियोजना एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्कीम पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है ताकि भूमि का जल स्तर री-चार्जिंग होने की वजह से इसको घटने से रोका जा सके। परंतु संगठन सरकार की जल संरक्षण योजनाएं मिट्टी में दबती जा रही हैं और रेन वाटर हार्वेस्ंिटग योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते हुए महज खानापूर्ति साबित हो रही हैं।
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इनेलो के विधायक अभय चौटाला ने कहा कि बड़ी हैरानी की बात है कि पंजाब ने सर्वदलीय बैठक में एक स्वर में हरियाणा को एक भी बूंद पानी न देने का प्रस्ताव पास कर एकता का परिचय दिया है। जबकि हरियाणा में भाजपा की सरकार को इस प्रस्ताव को ध्यान में रखते हुएहरियाणा में भी सर्वदलीय बैठक बुलाकर इसका विरोध करना चाहिए था और इसके बारे में केंद्रीय नेतृत्व से मिलकर सर्वोच्च न्यायालय ने जो फैसला दिया था उसको तुरंत लागू करने का आग्रह करना चाहिए था।
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इनेलो नेता ने कहा कि गठबंधन की सरकार को हरियाणा के किसानों व कृषि क्षेत्र की कोई चिंता नहीं है क्योंकि इनेलो शासनकाल के दौरान यमुनानगर, अम्बाला एवं कुरुक्षेत्र आदि जिलों में कृषि क्षेत्र के लिए उचित पानी की व्यवस्था करना और भूमि-रिचार्ज उद्देश्य के लिए दादूपुर-नलवी नहर निर्माण के लिए 260 एकड़ जमीन सरकार ने अधिकृत की थी। परंतु सरकार ने किसानों व कृषि क्षेत्र के लिए इस नहर द्वारा पानी देने की बजाय दादूपुर-नलवी नहर को डी-नोटिफाई कर दिया है और किसानों को जमीन वापिस लेने के लिए कहा है।
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इनेलो नेता ने कहा कि यह ठीक है कि भाजपा सरकार जल संरक्षण परियोजना एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्कीम पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है ताकि भूमि का जल स्तर री-चार्जिंग होने की वजह से इसको घटने से रोका जा सके। परंतु संगठन सरकार की जल संरक्षण योजनाएं मिट्टी में दबती जा रही हैं और रेन वाटर हार्वेस्ंिटग योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते हुए महज खानापूर्ति साबित हो रही हैं।