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Panchkula News: 7 लाख के लोन की आड़ में 18 लाख पास कर 10.70 लाख की ठगी
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बैंक कर्मियों, लोन एजेंटों की मिलीभगत का आरोप, खरड़ी निवासी महिला की शिकायत पर केस दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। बैंक कर्मियों और लोन एजेंटों की कथित मिलीभगत से 10.70 लाख रुपये की धोखाधड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। खरड़ निवासी जगजीत कौर की शिकायत पर थाना सेक्टर-5 पुलिस ने राहुल अग्रवाल, अभिषेक, प्रशांत और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, वह वर्ष 2007 से पंजाब शिक्षा विभाग के हेडक्वार्टर फेज-8, मोहाली में कार्यरत हैं। निजी जरूरत के लिए उन्हें सात लाख रुपये के लोन की आवश्यकता थी। इसी दौरान लोन एजेंट प्रशांत ने उनसे संपर्क कर लोन दिलवाने का भरोसा दिया। 13 मार्च 2025 को प्रशांत उनके कार्यालय पहुंचा और पैन कार्ड, आधार कार्ड, सैलरी स्लिप सहित अन्य दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा कर अपने साथ ले गया।
इसके बाद राहुल अग्रवाल और अभिषेक ने भी उनसे संपर्क किया। 26 मार्च 2025 को तीनों आरोपी उन्हें भारतीय स्टेट बैंक सेक्टर-4 पंचकूला ले गए, जहां बैंक सिक्योरिटी के नाम पर उनसे दो खाली हस्ताक्षरित चेक ले लिए गए। आरोप है कि कर्मचारियों की मिलीभगत से मात्र 15 मिनट में लोन पास कर दिया गया।
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अगले दिन शिकायतकर्ता को पता चला कि सात लाख रुपये के बजाय 18 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कर दिया गया है। इतना ही नहीं, बिना जानकारी के एक लाख रुपये की बीमा राशि भी जोड़ दी गई। आरोप है कि आरोपियों ने उन्हीं खाली चेकों से 10.70 लाख रुपये राहुल अग्रवाल के खाते में ट्रांसफर कर लिए।
विरोध करने पर आरोपियों ने उन्हें धमकाने का भी आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता को आशंका है कि उनके दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ कर फर्जी कागजात तैयार किए गए। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया से उन्हें जानकारी मिली कि पंचकूला पुलिस पहले भी ऐसे ही फर्जी लोन मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसके बाद उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज करवाई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। बैंक कर्मियों और लोन एजेंटों की कथित मिलीभगत से 10.70 लाख रुपये की धोखाधड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। खरड़ निवासी जगजीत कौर की शिकायत पर थाना सेक्टर-5 पुलिस ने राहुल अग्रवाल, अभिषेक, प्रशांत और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, वह वर्ष 2007 से पंजाब शिक्षा विभाग के हेडक्वार्टर फेज-8, मोहाली में कार्यरत हैं। निजी जरूरत के लिए उन्हें सात लाख रुपये के लोन की आवश्यकता थी। इसी दौरान लोन एजेंट प्रशांत ने उनसे संपर्क कर लोन दिलवाने का भरोसा दिया। 13 मार्च 2025 को प्रशांत उनके कार्यालय पहुंचा और पैन कार्ड, आधार कार्ड, सैलरी स्लिप सहित अन्य दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा कर अपने साथ ले गया।
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इसके बाद राहुल अग्रवाल और अभिषेक ने भी उनसे संपर्क किया। 26 मार्च 2025 को तीनों आरोपी उन्हें भारतीय स्टेट बैंक सेक्टर-4 पंचकूला ले गए, जहां बैंक सिक्योरिटी के नाम पर उनसे दो खाली हस्ताक्षरित चेक ले लिए गए। आरोप है कि कर्मचारियों की मिलीभगत से मात्र 15 मिनट में लोन पास कर दिया गया।
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अगले दिन शिकायतकर्ता को पता चला कि सात लाख रुपये के बजाय 18 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कर दिया गया है। इतना ही नहीं, बिना जानकारी के एक लाख रुपये की बीमा राशि भी जोड़ दी गई। आरोप है कि आरोपियों ने उन्हीं खाली चेकों से 10.70 लाख रुपये राहुल अग्रवाल के खाते में ट्रांसफर कर लिए।
विरोध करने पर आरोपियों ने उन्हें धमकाने का भी आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता को आशंका है कि उनके दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ कर फर्जी कागजात तैयार किए गए। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया से उन्हें जानकारी मिली कि पंचकूला पुलिस पहले भी ऐसे ही फर्जी लोन मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसके बाद उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज करवाई।