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Panchkula News: दो साल का इंतजार खत्म, सितंबर में शुरू होंगे पंचकूला के 9 सिटीजन फैसिलिटेशन सेंटर
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घर के पास मिलेंगी 30 से ज्यादा सरकारी सेवाएं, सेक्टर-4 के निगम स्टाफ को सेंटरों पर तैनात करेगी एजेंसी
एचएसवीपी ने पिछले सप्ताह निगम को सौंपी चाबियां, फरवरी में खामियां मिलने के बाद रोक दिया गया था हैंडओवर
आदित्य शर्मा
पंचकूला। पंचकूला के लोगों के लिए दो साल से अधर में लटकी सिटीजन फैसिलिटेशन सेंटर (सीएफसी) की सुविधा अब शुरू होने जा रही है। शहर के नौ सीएफसी सितंबर के अंत तक फंक्शनल हो जाएंगे। नगर निगम ने इन केंद्रों को चलाने के लिए एजेंसी तय कर दी है और सेक्टर-4 स्थित निगम कार्यालय के स्टाफ को ही सेंटरों के काउंटरों पर तैनात करने की योजना बनाई है। इससे लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, बिल जमा कराने और वेरिफिकेशन समेत 30 से अधिक सरकारी सेवाओं के लिए सेक्टर-14 स्थित निगम मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
निगम आयुक्त विनय कुमार ने बताया कि सिटीजन फैसिलिटी सेंटरों को फंक्शनल बनाने की जिम्मेदारी एजेंसी को सौंपी गई है। सामुदायिक केंद्रों में चल रहे कार्यालय के स्टाफ को इन सेंटरों पर तैनात किया जाएगा। सितंबर खत्म होने से पहले लोगों को सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
फरवरी में लौटाई थीं चाबियां, अब दूर हुईं खामियां
ये सेंटर सेक्टर-4, 7, 10, 15, 16, 17, 20, 25 और सेक्टर-5 एमडीसी में एचएसवीपी ने बनाए हैं। इनका निर्माण करीब दो साल पहले ही पूरा हो गया था। फरवरी में एचएसवीपी ने हैंडओवर का दावा किया था, लेकिन निगम की टीम के निरीक्षण में बिजली-पानी के कनेक्शन, सेनेटरी, फिनिशिंग और सुरक्षा से जुड़ी कई खामियां मिली थीं। इसके चलते निगम ने पजेशन लेने से इनकार कर दिया था। निगम की आपत्ति के बाद एचएसवीपी ने खामियां दूर कर मरम्मत करवाई। पिछले सप्ताह दोबारा औपचारिक रूप से चाबियां नगर निगम को सौंप दी गईं। अब सेंटरों को शुरू करने के लिए कागजी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
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दो साल बंद रहे, खिड़की-दरवाजे टूटे और सीलन आई
करीब दो साल तक बंद रहने के कारण लाखों रुपये की लागत से बने ये सेंटर खुद ही बदहाली का शिकार हो गए थे। रखरखाव नहीं होने से कई सेंटरों में खिड़की-दरवाजे टूट गए और दीवारों पर सीलन आ गई। सेक्टर-20, सेक्टर-16 और एमडीसी-5 के सेंटरों में रात के समय नशेड़ियों और आवारा तत्वों के जमावड़े की शिकायतें भी सामने आई थीं। कुछ जगह गंदगी के ढेर लगे थे तो कहीं लोगों ने निजी सामान रखना शुरू कर दिया था। लोगों का कहना था कि विभागीय देरी के कारण बने-बनाए सेंटर दो साल तक शुरू नहीं हो सके।
एक ही छत के नीचे मिलेंगी 30 से ज्यादा सेवाएं
नगर निगम के अनुसार, सीएफसी में 30 से अधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें आधार कार्ड, वोटर कार्ड, पासपोर्ट आवेदन, बिजली-पानी के बिल, सरल केंद्र और ई-स्टांप पेपर, किराएदार-नौकर का वेरिफिकेशन, बायोमेट्रिक अथेंटिकेशन, प्रॉपर्टी से जुड़े काम, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की ऑनलाइन सेवाएं और जन शिकायतों का निवारण शामिल है। पहले चरण में सभी नौ सेंटरों पर दो-दो काउंटर शुरू किए जाएंगे। फुटफॉल के हिसाब से बाद में स्टाफ बढ़ाया जाएगा। निगम को उम्मीद है कि इससे मुख्यालय पर लोगों की भीड़ का दबाव कम होगा और नागरिकों को अपने सेक्टर के नजदीक ही सरकारी सेवाएं मिल सकेंगी।
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एचएसवीपी ने पिछले सप्ताह निगम को सौंपी चाबियां, फरवरी में खामियां मिलने के बाद रोक दिया गया था हैंडओवर
आदित्य शर्मा
पंचकूला। पंचकूला के लोगों के लिए दो साल से अधर में लटकी सिटीजन फैसिलिटेशन सेंटर (सीएफसी) की सुविधा अब शुरू होने जा रही है। शहर के नौ सीएफसी सितंबर के अंत तक फंक्शनल हो जाएंगे। नगर निगम ने इन केंद्रों को चलाने के लिए एजेंसी तय कर दी है और सेक्टर-4 स्थित निगम कार्यालय के स्टाफ को ही सेंटरों के काउंटरों पर तैनात करने की योजना बनाई है। इससे लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, बिल जमा कराने और वेरिफिकेशन समेत 30 से अधिक सरकारी सेवाओं के लिए सेक्टर-14 स्थित निगम मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
निगम आयुक्त विनय कुमार ने बताया कि सिटीजन फैसिलिटी सेंटरों को फंक्शनल बनाने की जिम्मेदारी एजेंसी को सौंपी गई है। सामुदायिक केंद्रों में चल रहे कार्यालय के स्टाफ को इन सेंटरों पर तैनात किया जाएगा। सितंबर खत्म होने से पहले लोगों को सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
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फरवरी में लौटाई थीं चाबियां, अब दूर हुईं खामियां
ये सेंटर सेक्टर-4, 7, 10, 15, 16, 17, 20, 25 और सेक्टर-5 एमडीसी में एचएसवीपी ने बनाए हैं। इनका निर्माण करीब दो साल पहले ही पूरा हो गया था। फरवरी में एचएसवीपी ने हैंडओवर का दावा किया था, लेकिन निगम की टीम के निरीक्षण में बिजली-पानी के कनेक्शन, सेनेटरी, फिनिशिंग और सुरक्षा से जुड़ी कई खामियां मिली थीं। इसके चलते निगम ने पजेशन लेने से इनकार कर दिया था। निगम की आपत्ति के बाद एचएसवीपी ने खामियां दूर कर मरम्मत करवाई। पिछले सप्ताह दोबारा औपचारिक रूप से चाबियां नगर निगम को सौंप दी गईं। अब सेंटरों को शुरू करने के लिए कागजी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
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दो साल बंद रहे, खिड़की-दरवाजे टूटे और सीलन आई
करीब दो साल तक बंद रहने के कारण लाखों रुपये की लागत से बने ये सेंटर खुद ही बदहाली का शिकार हो गए थे। रखरखाव नहीं होने से कई सेंटरों में खिड़की-दरवाजे टूट गए और दीवारों पर सीलन आ गई। सेक्टर-20, सेक्टर-16 और एमडीसी-5 के सेंटरों में रात के समय नशेड़ियों और आवारा तत्वों के जमावड़े की शिकायतें भी सामने आई थीं। कुछ जगह गंदगी के ढेर लगे थे तो कहीं लोगों ने निजी सामान रखना शुरू कर दिया था। लोगों का कहना था कि विभागीय देरी के कारण बने-बनाए सेंटर दो साल तक शुरू नहीं हो सके।
एक ही छत के नीचे मिलेंगी 30 से ज्यादा सेवाएं
नगर निगम के अनुसार, सीएफसी में 30 से अधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें आधार कार्ड, वोटर कार्ड, पासपोर्ट आवेदन, बिजली-पानी के बिल, सरल केंद्र और ई-स्टांप पेपर, किराएदार-नौकर का वेरिफिकेशन, बायोमेट्रिक अथेंटिकेशन, प्रॉपर्टी से जुड़े काम, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की ऑनलाइन सेवाएं और जन शिकायतों का निवारण शामिल है। पहले चरण में सभी नौ सेंटरों पर दो-दो काउंटर शुरू किए जाएंगे। फुटफॉल के हिसाब से बाद में स्टाफ बढ़ाया जाएगा। निगम को उम्मीद है कि इससे मुख्यालय पर लोगों की भीड़ का दबाव कम होगा और नागरिकों को अपने सेक्टर के नजदीक ही सरकारी सेवाएं मिल सकेंगी।