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पंजाबः एसएफजे और उसके मुखिया के खिलाफ केस दर्ज, कॉल से लोगों को भड़काने का आरोप
Sat, 11 Apr 2020 01:44 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Apr 2020 01:44 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को गुरपतवंत सिंह पन्नू और उसकी बैन की गई संस्था सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) पर कोविड -19 के मद्देनजर लगाए गए कर्फ्यू / तालाबंदी के दौरान आटोमेटेड (देश विरोधी) कॉल द्वारा लोगों, खासकर नौजवानों को राज्य सरकार के विरुद्ध भड़काने के लिए मुकदमा दर्ज किया है। डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि पन्नू और यूएस आधारित एसएफजे के विरुद्ध स्टेट स्पेशल आपरेशन सेल, मोहाली में आईपीसी की धारा 124 ए और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) एक्ट, 1967 की धारा 10 (ए) और 13 (1) के तहत केस दर्ज किए गए हैं।
स्टेट स्पेशल आपरेशन सेल (एसएसओसी) मोहाली के एआईजी वरिंदरपाल सिंह, पंजाब की प्राथमिक जांच से पता लगा है कि पन्नू स्वचालित कॉल के जरिये पंजाब को अलग करने की वकालत करने के साथ-साथ पहले से रिकार्ड किए आडियो संदेशों को फैलाने में शामिल है। यह संदेश मार्च और अप्रैल, 2020 में पंजाब और इसके साथ लगते इलाकों के अलग-अलग निवासियों को, सूबे का माहौल खराब करने के इरादे से भेजे गए। भारत में कोविड -19 महामारी के फैलने के बाद पन्नू, उसके साथी और उसकी संस्था पंजाब की जनता को और निराश करने और भड़काने के लिए सोशल मीडिया पर लगातार देशद्रोही गतिविधियों को अंजाम देने में सक्रिय रहे हैं।
मुख्य साजिशकर्ता संबंधी जानकारी देते हुए एआईजी ने बताया कि उत्तरी अमरीका क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय नंबर ( 1-8336101020) से भेजे गए एक ऐसे रिकार्डेड ऑडियो संदेश में पन्नू ने यह आरोप लगाते हुए लोगों को भड़काया कि केंद्र सरकार और पंजाब सरकार कोविड -19 महामारी के कारण राज्य में चल रहे कर्फ्यू तालाबंदी को लागू करने के नाम पर नौजवानों पर कहर ढा रही है। एआईजी ने कहा कि न्यूयॉर्क (यूएसए) के अलग-अलग क्षेत्रों से संबंधित पंजाब के लोगों की टेलीफोन कॉल पर बातचीत और ऑडियो संदेशों को पहले ही रिकार्ड किया जा रहा है।
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स्टेट स्पेशल आपरेशन सेल (एसएसओसी) मोहाली के एआईजी वरिंदरपाल सिंह, पंजाब की प्राथमिक जांच से पता लगा है कि पन्नू स्वचालित कॉल के जरिये पंजाब को अलग करने की वकालत करने के साथ-साथ पहले से रिकार्ड किए आडियो संदेशों को फैलाने में शामिल है। यह संदेश मार्च और अप्रैल, 2020 में पंजाब और इसके साथ लगते इलाकों के अलग-अलग निवासियों को, सूबे का माहौल खराब करने के इरादे से भेजे गए। भारत में कोविड -19 महामारी के फैलने के बाद पन्नू, उसके साथी और उसकी संस्था पंजाब की जनता को और निराश करने और भड़काने के लिए सोशल मीडिया पर लगातार देशद्रोही गतिविधियों को अंजाम देने में सक्रिय रहे हैं।
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मुख्य साजिशकर्ता संबंधी जानकारी देते हुए एआईजी ने बताया कि उत्तरी अमरीका क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय नंबर ( 1-8336101020) से भेजे गए एक ऐसे रिकार्डेड ऑडियो संदेश में पन्नू ने यह आरोप लगाते हुए लोगों को भड़काया कि केंद्र सरकार और पंजाब सरकार कोविड -19 महामारी के कारण राज्य में चल रहे कर्फ्यू तालाबंदी को लागू करने के नाम पर नौजवानों पर कहर ढा रही है। एआईजी ने कहा कि न्यूयॉर्क (यूएसए) के अलग-अलग क्षेत्रों से संबंधित पंजाब के लोगों की टेलीफोन कॉल पर बातचीत और ऑडियो संदेशों को पहले ही रिकार्ड किया जा रहा है।
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लोगों को एसएफजे से जोड़ने की कोशिश
किसी मुखबिर की तरफ से रिकार्ड की ऑडियो कॉल में पन्नू को वायस काल द्वारा एसएफजे को वोट डालने संबंधी यह कहते सुना गया है कि यदि सुनने वाले, संगठन की नीतियों से सहमत हैं तो ‘1’ दबाएं या अगर वह भारत के प्रधानमंत्री और पंजाब के मुख्यमंत्री की नीतियों के साथ सहमत हैं तो ‘2’ दबाएं। पन्नू पर मौजूदा संकट का फ़ायदा उठाने का आरोप लगाते हुए एआईजी ने कहा कि पूरी साजिश का पता लगाने के लिए अगली जांच की जा रही है।
गैरकानूनी संगठन घोषित है एसएफजे
10 जुलाई, 2019 को भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने एसएफजे को गैरकानूनी संगठन घोषित किया था क्योंकि यह ऐसी गतिविधियों में शामिल पाया गया, जो भारत की अंदरूनी सुरक्षा और जनता के बीच भेदभाव पैदा करने वाला है, जिससे देश की शांति, एकता और अखंडता भंग होने की आशंका हो सकती है।
इसके अलावा, केंद्र सरकार का विचार था कि एसएफजे पंजाब और अन्य देश विरोधी गतिविधियों में शामिल है, जिसका उद्देश्य भारत की प्रभुसत्ता और क्षेत्रीय अखंडता को भंग करना है। एसएफजे की आतंकवादी संगठनों और गतिविधियों के साथ भी नजदीकियां पाई गई थी और पंजाब में आतंकवाद के हिंसक रूपों की हिमायत कर रहा है।
गैरकानूनी संगठन घोषित है एसएफजे
10 जुलाई, 2019 को भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने एसएफजे को गैरकानूनी संगठन घोषित किया था क्योंकि यह ऐसी गतिविधियों में शामिल पाया गया, जो भारत की अंदरूनी सुरक्षा और जनता के बीच भेदभाव पैदा करने वाला है, जिससे देश की शांति, एकता और अखंडता भंग होने की आशंका हो सकती है।
इसके अलावा, केंद्र सरकार का विचार था कि एसएफजे पंजाब और अन्य देश विरोधी गतिविधियों में शामिल है, जिसका उद्देश्य भारत की प्रभुसत्ता और क्षेत्रीय अखंडता को भंग करना है। एसएफजे की आतंकवादी संगठनों और गतिविधियों के साथ भी नजदीकियां पाई गई थी और पंजाब में आतंकवाद के हिंसक रूपों की हिमायत कर रहा है।