{"_id":"61edb5f08708b9043715af39","slug":"tribute-netaji-gave-a-lesson-do-not-lose-self-esteem-do-not-tolerate-injustice-pkl-office-news-pkl440103128","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रद्धांजलि : नेताजी ने दी सीख, आत्मसम्मान नहीं खोना, अन्याय मत सहना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रद्धांजलि : नेताजी ने दी सीख, आत्मसम्मान नहीं खोना, अन्याय मत सहना
विज्ञापन
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यलय के विद्यार्थियों ने वेबिनार में नेताजी श्रद्धांजलि दी।
- फोटो : PKL OFFICE
पंचकूला। राष्ट्र के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर अमर उजाला फाउंडेशन ने रविवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के सहयोग से ऑनलाइन श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया। आयोजित वेबिनार में डॉ. अनिल पांडेय ने छात्रों को नेताजी के संघर्षशील जीवन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र में नेताजी जैसा व्यक्तित्व खोजने से भी नहीं मिलता। भारतवर्ष का सौभाग्य है कि उन्हें सुभाष चंद्र बोस जैसे व्यक्तित्व वाले नेताजी मिले। नेताजी धनी परिवार से संबंध रखते थे, लेकिन सुखद जिंदगी को छोड़कर उन्होंने संघर्षों का रास्ता चुना और देशहित में अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
वेबिनार में छात्र प्रियंका ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस का व्यक्तित्व युवाओं को कई सीख देता है। हमें अपनी बात दूसरों तक कैसे प्रभावित तरीके से रखनी चाहिए यह सीख मिलती है।
छात्र विनीता ने कहा कि आजाद हिंद फौज ने देश को आजाद कराने में बहुत अहम योगदान दिया। उन्होंने अपना सारा जीवन देश के लिए न्योछावर कर दिया। उनका देश के लिए समर्पण, योगदान और नारा आज की युवा पीढ़ी की रगों में कुछ कर गुजरने के लिए प्रेरित करता है।
विज्ञापन
छात्र साहिल ने कहा कि नेताजी का व्यक्तित्व भारतीय युवा पीढ़ी में जोश भरता है। नेताजी का नेतृत्व, धरातल पर अखंड भारत को जोड़ता है। आजाद हिंद फौज में भारतीय उपमहाद्वीप को एक कड़ी में जोड़ना नेताजी की शक्तियों का परिचायक है।
छात्र काजोल पांडेय ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का व्यक्तित्व प्रेरणास्रोत है। वह एक बहुत अच्छे वक्ता भी थे। उन्होंने हमें सीख दी कि आत्म सम्मान को कभी भी खोना नहीं चाहिए। अपराध को सहना भी एक अपराध ही है।
छात्र सचिन ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस आजाद हिंद फौज के संस्थापक थे। नेताजी दुनिया के ऐसे पहले योद्धा हैं जिन्होंने विदेश में जाकर देश को आजाद कराने का बीड़ा उठाया। इस कारण वह समस्त सम्मानों से बहुत ऊपर हैं।
छात्र मुदस्सिर ने कहा कि नेताजी राष्ट्र का गौरव हैं। भारती उपमहाद्वीप में महिला सशक्तिकरण में उनके द्वारा बनाई गई झांसी की रानी रेजिमेंट अनुकरणीय है। नेताजी अपने विचारों से समानता की बात करते रहे हैं।
छात्रा काजल पांडेय ने कहा कि सुभाषचंद्र बोस एक वीर और पराक्रमी नेता थे। उनकी देशभक्ति आज भी युवाओं के दिलों में बसती है। युवाओं को भी कोशिश करनी चाहिए कि हम सब उनका अनुसरण करें। उन्होंने देश के लिए जो बलिदान दिया है, उसको व्यर्थ न जाने दें।
छात्रा राघवी ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस राष्ट्रवादी थे। उन्होंने ब्रिटिश औपनिवेशिक नियंत्रण से लड़ाई लड़ी और भारत में एक राष्ट्रीय नायक की भूमिका बनाई। उनका जीवन नेतृत्व का एक उत्कृष्ट उदाहरण है जिससे आधुनिक भारतीय नेता बहुत कुछ सीख सकते हैं।
ऑनलाइन कार्यक्रम में 25 विद्यार्थियों ने शिरकत की। वेबिनार में विभाग से विभागाध्यक्ष डॉ. अद्वित्य खुराना, डॉ. चित्रा तंवर, कुसुम रानी, श्रेयशी छत्रपति भी जुड़े।
विज्ञापन
वेबिनार में छात्र प्रियंका ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस का व्यक्तित्व युवाओं को कई सीख देता है। हमें अपनी बात दूसरों तक कैसे प्रभावित तरीके से रखनी चाहिए यह सीख मिलती है।
विज्ञापन
छात्र विनीता ने कहा कि आजाद हिंद फौज ने देश को आजाद कराने में बहुत अहम योगदान दिया। उन्होंने अपना सारा जीवन देश के लिए न्योछावर कर दिया। उनका देश के लिए समर्पण, योगदान और नारा आज की युवा पीढ़ी की रगों में कुछ कर गुजरने के लिए प्रेरित करता है।
विज्ञापन
छात्र साहिल ने कहा कि नेताजी का व्यक्तित्व भारतीय युवा पीढ़ी में जोश भरता है। नेताजी का नेतृत्व, धरातल पर अखंड भारत को जोड़ता है। आजाद हिंद फौज में भारतीय उपमहाद्वीप को एक कड़ी में जोड़ना नेताजी की शक्तियों का परिचायक है।
छात्र काजोल पांडेय ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का व्यक्तित्व प्रेरणास्रोत है। वह एक बहुत अच्छे वक्ता भी थे। उन्होंने हमें सीख दी कि आत्म सम्मान को कभी भी खोना नहीं चाहिए। अपराध को सहना भी एक अपराध ही है।
छात्र सचिन ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस आजाद हिंद फौज के संस्थापक थे। नेताजी दुनिया के ऐसे पहले योद्धा हैं जिन्होंने विदेश में जाकर देश को आजाद कराने का बीड़ा उठाया। इस कारण वह समस्त सम्मानों से बहुत ऊपर हैं।
छात्र मुदस्सिर ने कहा कि नेताजी राष्ट्र का गौरव हैं। भारती उपमहाद्वीप में महिला सशक्तिकरण में उनके द्वारा बनाई गई झांसी की रानी रेजिमेंट अनुकरणीय है। नेताजी अपने विचारों से समानता की बात करते रहे हैं।
छात्रा काजल पांडेय ने कहा कि सुभाषचंद्र बोस एक वीर और पराक्रमी नेता थे। उनकी देशभक्ति आज भी युवाओं के दिलों में बसती है। युवाओं को भी कोशिश करनी चाहिए कि हम सब उनका अनुसरण करें। उन्होंने देश के लिए जो बलिदान दिया है, उसको व्यर्थ न जाने दें।
छात्रा राघवी ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस राष्ट्रवादी थे। उन्होंने ब्रिटिश औपनिवेशिक नियंत्रण से लड़ाई लड़ी और भारत में एक राष्ट्रीय नायक की भूमिका बनाई। उनका जीवन नेतृत्व का एक उत्कृष्ट उदाहरण है जिससे आधुनिक भारतीय नेता बहुत कुछ सीख सकते हैं।
ऑनलाइन कार्यक्रम में 25 विद्यार्थियों ने शिरकत की। वेबिनार में विभाग से विभागाध्यक्ष डॉ. अद्वित्य खुराना, डॉ. चित्रा तंवर, कुसुम रानी, श्रेयशी छत्रपति भी जुड़े।