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Panchkula News: मोरनी के पास बेलवाली गांव में ब्रेक फेल होने से पर्यटकों की कार पलटी बड़ा हादसा टला
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मोरनी। मोरनी से टिक्करताल जा रहे पंजाब के पर्यटकों की कार बुधवार को बेलवाली गांव के पास अचानक ब्रेक फेल होने के चलते पलट गई। हादसा टिक्करताल मार्ग पर हुआ, जहां एक मोड़ पर नियंत्रण खोने के बाद कार सड़क पर ही पलट गई। गनीमत रही कि जानमाल का कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। कार में 6 लोग सवार थे, जिनमें महिलाएं भी थीं। वे सभी पंजाब से घूमने के लिए मोरनी आए थे।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मशक्कत के बाद कार सवारों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यदि कार कुछ फीट और पीछे पलटती तो गहरी खाई में गिर सकती थी, जिससे जान-माल की भारी हानि हो सकती थी। फिलहाल सभी घायलों को हल्की चोटें आई हैं और वे खतरे से बाहर हैं।
सड़क पर वाहनों की सुरक्षा के संसाधन अधूरे।
बुधवार को हुआ हादसा वैसे तो वाहन में तकनीकी समस्या के कारण हुआ है लेकिन यह हादसा एक बार फिर मोरनी क्षेत्र की सड़कों पर सुरक्षा प्रबंधों की पोल खोलता है। टिक्करजाल मार्ग पर सहित कई अन्य मार्गों पर तीखे और अंधे मोड़ हैं, जहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। कई स्थानों पर स्कूल बसें और पर्यटकों की गाड़ियां पलट चुकी हैं।
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बावजूद इसके लोक निर्माण विभाग की ओर से इन खतरनाक मोड़ों पर कोई स्थायी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारी लोगों की शिकायतों पर न तो ध्यान देते हैं और न ही समय पर कोई समाधान करते हैं। कई बार फोन कॉल्स तक रिसीव नहीं की जातीं। इस सीजन में मोरनी क्षेत्र में पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था का न होना एक गंभीर लापरवाही है।
सरकार और प्रशासन की छवि पर सवाल
यह घटना सरकार और प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल उठाती है। मोरनी जैसे पर्यटन क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाएं अनिवार्य हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी यहां मौजूद समस्याओं की अनदेखी करते नजर आते हैं। यदि समय रहते इन खतरनाक स्थानों पर बैरिकेड, संकेत बोर्ड और क्रैश बैरियर नहीं लगाए गए, तो भविष्य में कोई भी गंभीर हादसा बड़ा जन आक्रोश खड़ा कर सकता है।
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हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मशक्कत के बाद कार सवारों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यदि कार कुछ फीट और पीछे पलटती तो गहरी खाई में गिर सकती थी, जिससे जान-माल की भारी हानि हो सकती थी। फिलहाल सभी घायलों को हल्की चोटें आई हैं और वे खतरे से बाहर हैं।
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सड़क पर वाहनों की सुरक्षा के संसाधन अधूरे।
बुधवार को हुआ हादसा वैसे तो वाहन में तकनीकी समस्या के कारण हुआ है लेकिन यह हादसा एक बार फिर मोरनी क्षेत्र की सड़कों पर सुरक्षा प्रबंधों की पोल खोलता है। टिक्करजाल मार्ग पर सहित कई अन्य मार्गों पर तीखे और अंधे मोड़ हैं, जहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। कई स्थानों पर स्कूल बसें और पर्यटकों की गाड़ियां पलट चुकी हैं।
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बावजूद इसके लोक निर्माण विभाग की ओर से इन खतरनाक मोड़ों पर कोई स्थायी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारी लोगों की शिकायतों पर न तो ध्यान देते हैं और न ही समय पर कोई समाधान करते हैं। कई बार फोन कॉल्स तक रिसीव नहीं की जातीं। इस सीजन में मोरनी क्षेत्र में पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था का न होना एक गंभीर लापरवाही है।
सरकार और प्रशासन की छवि पर सवाल
यह घटना सरकार और प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल उठाती है। मोरनी जैसे पर्यटन क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाएं अनिवार्य हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी यहां मौजूद समस्याओं की अनदेखी करते नजर आते हैं। यदि समय रहते इन खतरनाक स्थानों पर बैरिकेड, संकेत बोर्ड और क्रैश बैरियर नहीं लगाए गए, तो भविष्य में कोई भी गंभीर हादसा बड़ा जन आक्रोश खड़ा कर सकता है।