पंजाब में 1000 करोड़ की लागत से बने तीन मेडिकल कॉलेज जल्द होंगे शुरू, 726 पदों पर होगी भर्ती
पंजाब में जल्द ही 1000 करोड़ रुपये की लागत से तीन नए मेडिकल कॉलेज शुरू होने जा रहे हैं। कोविड काल में पंजाब में चिकित्सा सुविधा में बढ़ोतरी की गई। यही कारण रहा कि सूबे के तीन मेडिकल कॉलेज की लैबों और चार नई टेस्ट लैबों में हर रोज 26500 आरटीपीसीआर टेस्ट किए जा रहे हैं। ये बातें पंजाब के चिकित्सा शिक्षा मंत्री ओम प्रकाश सोनी ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में कहीं।
सोनी ने बताया कि मार्च 2020 में जब पंजाब में कोरोना के खतरे को देखते हुए राज्य में लॉकडाउन, कर्फ्यू लगाया गया था तो उस समय पंजाब में कोविड संबंधी टेस्ट करने की कोई सुविधा नहीं थी। कोरोना के संदिग्ध मरीजों के सैपलों को जांच के लिए पुणे की लैब में भेजा जाता था।
राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कोरोना संबंधी टेस्ट करने के लिए विदेश से करोड़ों रुपये की लागत वाली मशीनरी मंगवाई गई। राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों की तीन लैबों में 21 हजार टेस्ट प्रतिदिन और चार अन्य नई लैबों (2 मोहाली, 1 लुधियाना और 1 जालंधर) में प्रतिदिन 5500 टेस्ट किए जा रहे हैं। इस तरह कुल मिलाकर राज्य में 26500 आरटीपीसीआर टेस्ट की क्षमता बनाई गई है।
मौजूदा समय में सरकारी मेडिकल कॉलेज, पटियाला की लैब 10 हजार टेस्ट प्रतिदिन करने की क्षमता रखती है, जो देश की सभी लैबों से अधिक है। इसके अलावा पंजाब में वायरल टेस्टिंग के लिए सात नई लैब बनाई गई हैं। साथ ही पंजाब में तीन नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए जा रहे हैं, जिनकी कुल लागत तकरीबन 1000 करोड़ रुपये है।
अलग से बनाया जा रहा पदों का कैडर
सोनी ने बताया कि साल 2021 के दौरान चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए इसमें पदों का अलग से कैडर बनाया जा रहा है। इस समय स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के कुछ कैडर जैसे कि नर्स, मिनिस्टीरियल, रेडियोग्राफर को अलग किया जाएगा, जिससे विभाग की कार्यकुशलता बढ़ सके।
मोहाली में बनेगा एडवांस वायरोलॉजी सेंटर
पंजाब सरकार की तरफ से 550 करोड़ के साथ मोहाली में स्टेट ऑफ दी आर्ट एडवांस वायरोलॉजी सेंटर की स्थापना के लिए कार्रवाई आरंभ कर दी गई है। इसमें वायरोलॉजी संबंधी पढ़ाई, रिसर्च और टेस्ट की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। यह प्रोजेक्ट आईसीएमआर की तरफ से स्वीकृत किया गया है।
726 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव
चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग में घर-घर रोजगार स्कीम के अधीन चालू साल के दौरान 726 भर्ती करने का प्रस्ताव है, जिसमें 142 डॉक्टर, 189 नर्स और 234 टेक्नीशियन शामिल हैं। करोना वायरस का मुकाबला करने में पंजाब के चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग ने अहम भूमिका निभाई है।