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Panchkula News: 100 से अधिक लोगों को ठगने वाले गैंग के मास्टरमाइंड सहित तीन गिरफ्तार
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बरामद नकदी व अन्य सामान
1.25 करोड़ का हीरा-सोना, 26.50 लाख नकद, लग्जरी गाड़ी, 1 लैपटॉप, 25 एटीएम कार्ड, 2 पासपोर्ट और 12 मोबाइल बरामद
विदेश भेजने के नाम पर लगाते थे चपत, मास्टरमाइंड साहिल शर्मा जयपुर से पकड़ा
हरियाणा, पंजाब से लेकर राजस्थान तक फैला था नेटवर्क, पंजाब-हरियाणा में दर्ज हैं 26 मामले
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पंचकूला पुलिस की एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट ने विदेश भेजने के नाम पर 100 से अधिक लोगों के साथ करोड़ाें की ठगी करने वाले शातिर अंतरराज्यीय गैंग के मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गैंग के मास्टरमाइंड साहिल शर्मा को जयपुर से पकड़ा है।वहीं उसके दो अन्य साथी परमजीत सिंह और रमनदीप कौर को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों से 1.25 करोड़ रुपये के हीरे व सोना, 26.50 लाख की नकदी, 12 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 25 एटीएम कार्ड, 2 पासपोर्ट और एक एक्सयूवी-500 बरामद की है।
जून में 80 लोगों को दिल्ली एयरपोर्ट बुलाकर हुआ था फरार
गैंग की ठगी का तरीका भी हैरान करने वाला था। जून 2025 में आरोपियों ने करीब 80 लोगों को ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर दिल्ली एयरपोर्ट बुलाया था। सभी को फर्जी टिकट और पासपोर्ट दिए गए लेकिन उन्हें विदेश भेजने से पहले ही तीनों आरोपी फरार हो गए। मुख्य आरोपी साहिल शर्मा खुद को कभी अजय भारद्वाज तो कभी प्रदीप सिंह बताकर लोगों से मिलता था। वह बार-बार मोबाइल नंबर और ठिकाना बदलता रहता था ताकि पकड़ में न आए।
शिकायत से खुला ठगी का जाल
22 जुलाई 2025 को सेक्टर-32 पंचकूला निवासी शिवचरण सिंह ने थाना चंडीमंदिर में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह अपने बेटे को ऑस्ट्रेलिया भेजना चाहते थे। इसी दौरान अंबाला निवासी करतार सिंह के जरिये साहिल शर्मा से मिले। साहिल ने 14 लाख रुपये की डील तय की। 5 लाख बैंक खाते में और 9 लाख नकद लिए। शिकायत के बाद एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट ने इंस्पेक्टर योगविंद्र सिंह की अगुवाई में जांच शुरू की। टीम ने पहले परमजीत सिंह को फतेहगढ़ साहिब से दबोचा और फिर उसकी निशानदेही पर जयपुर से मास्टरमाइंड साहिल को गिरफ्तार किया।
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सरकारी नौकरी छोड़ ठगी का रास्ता चुना
पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ कि साहिल शर्मा एमबीए पास है। गत वर्ष उसे पंजाब सरकार में टीचर की नौकरी मिली थी लेकिन उसने ठगी को ही कॅरिअर बना लिया। साहिल पहले भी जालंधर पुलिस के हत्थे चढ़ चुका था लेकिन जमानत पर छूटकर फरार हो गया। वह 6 मामलों में भगोड़ा घोषित है।
हरियाणा, पंजाब से लेकर राजस्थान तक फैला है नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि गैंग हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में एक्टिव था। आरोपियों ने 7-8 बैंकों में फर्जी दस्तावेजों से खाते खुलवाए हुए थे और फर्जी सिम कार्डों के जरिये ठगी का नेटवर्क चला रहा था। संदेह है कि कुछ बैंक और मोबाइल कंपनी कर्मचारियों की इसमें मिलीभगत भी रही है क्योंकि कई जगह बायोमैट्रिक प्रक्रिया नहीं अपनाई गई थी।
पुराने मामलों में भी था वांटेड
साहिल शर्मा पर 13 मामले यमुनानगर, 6 शाहकोट (जालंधर), 2 जीरकपुर, 2 फिरोजपुर, 2 लुधियाना और 1 पंचकूला में दर्ज हैं। अन्य दो आरोपियों के खिलाफ भी कई मामले लंबित हैं।
टीम को मिला सफलता का श्रेय
एसीपी विक्रम नेहरा ने बताया कि यह कार्रवाई तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचना के आधार पर की गई। इस ऑपरेशन में एएसआई दीपक, एसआई जगपाल और महिला सिपाही पूनम की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस अब इस नेटवर्क के बाकी सदस्यों और आर्थिक लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही है।
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विदेश भेजने के नाम पर लगाते थे चपत, मास्टरमाइंड साहिल शर्मा जयपुर से पकड़ा
हरियाणा, पंजाब से लेकर राजस्थान तक फैला था नेटवर्क, पंजाब-हरियाणा में दर्ज हैं 26 मामले
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पंचकूला पुलिस की एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट ने विदेश भेजने के नाम पर 100 से अधिक लोगों के साथ करोड़ाें की ठगी करने वाले शातिर अंतरराज्यीय गैंग के मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गैंग के मास्टरमाइंड साहिल शर्मा को जयपुर से पकड़ा है।वहीं उसके दो अन्य साथी परमजीत सिंह और रमनदीप कौर को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों से 1.25 करोड़ रुपये के हीरे व सोना, 26.50 लाख की नकदी, 12 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 25 एटीएम कार्ड, 2 पासपोर्ट और एक एक्सयूवी-500 बरामद की है।
जून में 80 लोगों को दिल्ली एयरपोर्ट बुलाकर हुआ था फरार
गैंग की ठगी का तरीका भी हैरान करने वाला था। जून 2025 में आरोपियों ने करीब 80 लोगों को ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर दिल्ली एयरपोर्ट बुलाया था। सभी को फर्जी टिकट और पासपोर्ट दिए गए लेकिन उन्हें विदेश भेजने से पहले ही तीनों आरोपी फरार हो गए। मुख्य आरोपी साहिल शर्मा खुद को कभी अजय भारद्वाज तो कभी प्रदीप सिंह बताकर लोगों से मिलता था। वह बार-बार मोबाइल नंबर और ठिकाना बदलता रहता था ताकि पकड़ में न आए।
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शिकायत से खुला ठगी का जाल
22 जुलाई 2025 को सेक्टर-32 पंचकूला निवासी शिवचरण सिंह ने थाना चंडीमंदिर में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह अपने बेटे को ऑस्ट्रेलिया भेजना चाहते थे। इसी दौरान अंबाला निवासी करतार सिंह के जरिये साहिल शर्मा से मिले। साहिल ने 14 लाख रुपये की डील तय की। 5 लाख बैंक खाते में और 9 लाख नकद लिए। शिकायत के बाद एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट ने इंस्पेक्टर योगविंद्र सिंह की अगुवाई में जांच शुरू की। टीम ने पहले परमजीत सिंह को फतेहगढ़ साहिब से दबोचा और फिर उसकी निशानदेही पर जयपुर से मास्टरमाइंड साहिल को गिरफ्तार किया।
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सरकारी नौकरी छोड़ ठगी का रास्ता चुना
पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ कि साहिल शर्मा एमबीए पास है। गत वर्ष उसे पंजाब सरकार में टीचर की नौकरी मिली थी लेकिन उसने ठगी को ही कॅरिअर बना लिया। साहिल पहले भी जालंधर पुलिस के हत्थे चढ़ चुका था लेकिन जमानत पर छूटकर फरार हो गया। वह 6 मामलों में भगोड़ा घोषित है।
हरियाणा, पंजाब से लेकर राजस्थान तक फैला है नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि गैंग हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में एक्टिव था। आरोपियों ने 7-8 बैंकों में फर्जी दस्तावेजों से खाते खुलवाए हुए थे और फर्जी सिम कार्डों के जरिये ठगी का नेटवर्क चला रहा था। संदेह है कि कुछ बैंक और मोबाइल कंपनी कर्मचारियों की इसमें मिलीभगत भी रही है क्योंकि कई जगह बायोमैट्रिक प्रक्रिया नहीं अपनाई गई थी।
पुराने मामलों में भी था वांटेड
साहिल शर्मा पर 13 मामले यमुनानगर, 6 शाहकोट (जालंधर), 2 जीरकपुर, 2 फिरोजपुर, 2 लुधियाना और 1 पंचकूला में दर्ज हैं। अन्य दो आरोपियों के खिलाफ भी कई मामले लंबित हैं।
टीम को मिला सफलता का श्रेय
एसीपी विक्रम नेहरा ने बताया कि यह कार्रवाई तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचना के आधार पर की गई। इस ऑपरेशन में एएसआई दीपक, एसआई जगपाल और महिला सिपाही पूनम की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस अब इस नेटवर्क के बाकी सदस्यों और आर्थिक लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही है।