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Panchkula News: पंजाब को केंद्रीय पूल से 1,051 मेगावाट कम बिजली, मंत्री सौंद ने केंद्र को लिखा पत्र

Sun, 13 Sep 2026 12:28 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 13 Sep 2026 12:28 AM IST
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Punjab receives 1,051 MW less power from the central pool; Minister Saud writes to the Centre.
चंडीगढ़। पंजाब के बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने शनिवार को राज्य में बिजली संकट पर बयान दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश को केंद्रीय विद्युत पूल से 1,051 मेगावाट कम बिजली मिल रही है। यह कमी वर्तमान बिजली समस्या का प्रमुख कारण है।
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राज्य सरकार ने केंद्र से केंद्रीय विद्युत पूल के तहत पंजाब का बनता हिस्सा जारी करने की मांग की है। सौंद ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को इस संबंध में पत्र लिखा है। पंजाब का केंद्रीय पूल में 2800 मेगावाट का शेयर बनता है। सौंद ने प्रेसवार्ता में कहा कि पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है। किसानों और राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति आवश्यक है। केंद्र को इस समस्या से अवगत करा दिया गया है।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार के थर्मल पावर प्लांटों में कोयले की कमी नहीं है। राज्य ने पछवाड़ा कोयला खदान को पहले ही चालू कर लिया था जिससे सरकारी बिजली उत्पादन संयंत्रों के लिए पर्याप्त कोयला उपलब्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय पूल में बिजली उपलब्ध नहीं है जिस कारण वे बिजली खरीद नहीं पा रहे हैं। सौंद ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है और विपक्ष भी राजनीति कर रहा है।
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निजी प्लांटों में कोयले की समस्या :
असल मुद्दा निजी थर्मल पावर प्लांटों को कोयले की आपूर्ति का है जिसके लिए कोल इंडिया जिम्मेदार है। तलवंडी साबो और राजपुरा के निजी थर्मल पावर प्लांट कोयले की आपूर्ति से संबंधित समस्याओं का सामना कर रहे हैं। पंजाब में कुल 10 थर्मल बिजली उत्पादन यूनिट हैं। इनमें लहरा मोहब्बत और रोपड़ में चार-चार यूनिट तथा गोइंदवाल साहिब में दो यूनिट शामिल हैं।


बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास :
तलवंडी साबो और राजपुरा थर्मल पावर प्लांट निजी कंपनियों द्वारा संचालित हैं। पीएसपीसीएल के अधिकारियों ने निजी प्लांट की एक यूनिट में तकनीकी खराबी ठीक कर ली है। सरकार और पीएसपीसीएल बिजली की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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