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धमकियां मुझे पंजाब और देश की अखंडता की रक्षा करने से नहीं रोक सकतीं: कैप्टन अमरिंदर सिंह
Thu, 30 Jul 2020 02:17 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2020 02:17 PM IST
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत हाल में हुई गिरफ्तारियों पर सुखबीर बादल की तरफ से दी गई कथित धमकी का कड़ा जवाब देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बुधवार को कहा कि वह पंजाब और देश की एकता व अखंडता की रक्षा के लिए कानून के अनुसार सभी कदम उठाएंगे। अकाली दल के प्रधान की धमकियां उन्हें लोगों की सुरक्षा करने के रास्ते से हटा नहीं सकतीं।
कैप्टन ने कहा कि यदि सुखबीर बादल के दावे के अनुसार यूएपीए के तहत पंजाब पुलिस की तरफ से गलत ढंग से गिरफ्तार करने या मामला दर्ज करने संबंधी कोई विशेष केस उनके ध्यान में है, तो वे अनावश्यक बयानबाजी की जगह उन्हें इसकी सूची भेज सकते हैं। किसी पर भी झूठा मामला दर्ज करने का सवाल ही पैदा नहीं होता और अकाली दल के प्रधान को पंजाबी नौजवानों खासकर सिखों को पंजाब पुलिस के खिलाफ भड़काकर अलगाववादी ताकतों की हाथों कठपुतली बनने से गुरेज करना चाहिए।
अकाली-भाजपा सरकार के समय से लागू है एक्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूएपीए काफी समय पहले से ही अस्तित्व में है और सुखबीर बादल को यह ध्यान में रखना चाहिए कि अकाली-भाजपा सरकार के समय पर इस एक्ट के अंतर्गत पंजाब में 60 से अधिक मामले दर्ज किए गए थे। इनमें से 2010 में 19 और 2017 में 12 मामले थे। इन मामलों में गिरफ्तार किए 225 व्यक्तियों में से 120 को बरी कर दिया गया, जो इस बात का संकेत है कि यह अकाली सरकार के दौरान ही इस एक्ट का अंधाधुंध दुरुपयोग किया गया था।
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एसएफजे की हिमायत कर रहे सुखबीर : कैप्टन
कैप्टन ने सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के खालिस्तानी एजेंडे का हवाला देते हुए कैप्टन ने कहा कि कुछ ऐसी ताकतें हैं, जो अलगाववादी विचारधारा को उत्साहित करके देश में गड़बड़ी पैदा करना चाहती हैं। सुखबीर को यह पता होना चाहिए कि एसएफजे को भारत सरकार की तरफ से गैरकानूनी संस्था घोषित किया जा चुका है। इसके प्रमुख गुरपतवंत पन्नू को आतंकवादी घोषित किया गया है।
कैप्टन ने कहा कि जब दुनिया भर के मुल्क एसएफजे के खालिस्तानी समर्थक एजेंडे को रद्द कर रहे हैं तो सुखबीर की तरफ से अपने राज्य की पुलिस पर ही निशाना साधकर असली मायनों में इसकी हिमायत की जा रही है। कैप्टन ने कहा कि राज्य पुलिस ने अलगाववादियों की धमकियों का सामना करते हुए पंजाब की अमन शांति और स्थिरता को यकीनी बनाने के लिए मार्च 2017 से 30 आतंकवादी गिरोहों का पर्दाफाश किया और 170 आतंकवादी गिरफ्तार किए।
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कैप्टन ने कहा कि यदि सुखबीर बादल के दावे के अनुसार यूएपीए के तहत पंजाब पुलिस की तरफ से गलत ढंग से गिरफ्तार करने या मामला दर्ज करने संबंधी कोई विशेष केस उनके ध्यान में है, तो वे अनावश्यक बयानबाजी की जगह उन्हें इसकी सूची भेज सकते हैं। किसी पर भी झूठा मामला दर्ज करने का सवाल ही पैदा नहीं होता और अकाली दल के प्रधान को पंजाबी नौजवानों खासकर सिखों को पंजाब पुलिस के खिलाफ भड़काकर अलगाववादी ताकतों की हाथों कठपुतली बनने से गुरेज करना चाहिए।
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अकाली-भाजपा सरकार के समय से लागू है एक्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूएपीए काफी समय पहले से ही अस्तित्व में है और सुखबीर बादल को यह ध्यान में रखना चाहिए कि अकाली-भाजपा सरकार के समय पर इस एक्ट के अंतर्गत पंजाब में 60 से अधिक मामले दर्ज किए गए थे। इनमें से 2010 में 19 और 2017 में 12 मामले थे। इन मामलों में गिरफ्तार किए 225 व्यक्तियों में से 120 को बरी कर दिया गया, जो इस बात का संकेत है कि यह अकाली सरकार के दौरान ही इस एक्ट का अंधाधुंध दुरुपयोग किया गया था।
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एसएफजे की हिमायत कर रहे सुखबीर : कैप्टन
कैप्टन ने सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के खालिस्तानी एजेंडे का हवाला देते हुए कैप्टन ने कहा कि कुछ ऐसी ताकतें हैं, जो अलगाववादी विचारधारा को उत्साहित करके देश में गड़बड़ी पैदा करना चाहती हैं। सुखबीर को यह पता होना चाहिए कि एसएफजे को भारत सरकार की तरफ से गैरकानूनी संस्था घोषित किया जा चुका है। इसके प्रमुख गुरपतवंत पन्नू को आतंकवादी घोषित किया गया है।
कैप्टन ने कहा कि जब दुनिया भर के मुल्क एसएफजे के खालिस्तानी समर्थक एजेंडे को रद्द कर रहे हैं तो सुखबीर की तरफ से अपने राज्य की पुलिस पर ही निशाना साधकर असली मायनों में इसकी हिमायत की जा रही है। कैप्टन ने कहा कि राज्य पुलिस ने अलगाववादियों की धमकियों का सामना करते हुए पंजाब की अमन शांति और स्थिरता को यकीनी बनाने के लिए मार्च 2017 से 30 आतंकवादी गिरोहों का पर्दाफाश किया और 170 आतंकवादी गिरफ्तार किए।