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रंगमंच प्रकृति रक्षा के लिए बनेगा माध्यम : अपराजिता
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। नगर निगम की ओर से प्रायोजित एवं एचएसवीपी, हरियाणा पुलिस और शिक्षा विभाग के सानिध्य में सेक्टर -5 इंद्रधनुष ऑडिटोरियम परिसर में निगम आयुक्त अपराजिता कार्यशाला में मीडिया से रूबरू हुईं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पंचकूला, सुरक्षित पंचकूला की परिकल्पना को आकार देने के लिए रंगमंच का सहारा लिया जा रहा है। रंगमंच प्रकृति रक्षा के लिए एक माध्यम बनेगा।
उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों में समूह में जहां काम करने की आदत विकसित होगी। वहीं नाट्य अभ्यास से विद्यार्थी स्वयं अपने शहर को सुंदर करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे। उन्होंने बताया कि 27 से 29 जनवरी को राष्ट्रीय चित्रकला कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें हरियाणा के अतिरिक्त दूसरे शहरों से प्रख्यात चित्रकार आमंत्रित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि चित्रकला कार्यशाला के दौरान ही पंचकूला के सभी शिक्षण संस्थाओं से 5-5 विद्यार्थी भी आमंत्रित किए जाएंगे ताकि वे कार्यशाला में भागीदारी कर चित्रकला विशेषज्ञों से चित्रकला की बारीकियों को सीख सकें। अपराजिता ने बताया कि बचपन नई चीजें सीखने के लिए जिज्ञासु होता है। यदि बचपन में ही बच्चों को ऐसे संस्कार दिए जाएं तो अवश्य ही वो एक बेहतर नागरिक बनेंगे। इस अवसर पर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से आए कार्यशाला के निर्देशक राजीव गौड़ ने कहा कि रंगमंचीय प्रस्तुति द्वारा बच्चों में रचनात्मक गुण का विकास करना कार्यशाला का उद्देश्य है। नाट्य अनुशासन बेहतर मनुष्य का सृजन पक्ष है। उन्होंने रंगकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि नाटक में रीटेक नहीं होता। नाटक में सबकुछ लाइव होता है इसलिए नाटक में गलती की कोई गुंजाइश नहीं।
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इस अवसर पर कार्यशाला की कैंप डायरेक्टर रीता राय ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए इस तरह की कार्यशाला के आयोजन को प्राथमिकता देना सराहनीय है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला के संयोजन में घनश्याम, संगीत विशेषज्ञ एवं अमित कुमार, कला शिक्षक का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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पंचकूला। नगर निगम की ओर से प्रायोजित एवं एचएसवीपी, हरियाणा पुलिस और शिक्षा विभाग के सानिध्य में सेक्टर -5 इंद्रधनुष ऑडिटोरियम परिसर में निगम आयुक्त अपराजिता कार्यशाला में मीडिया से रूबरू हुईं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पंचकूला, सुरक्षित पंचकूला की परिकल्पना को आकार देने के लिए रंगमंच का सहारा लिया जा रहा है। रंगमंच प्रकृति रक्षा के लिए एक माध्यम बनेगा।
उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों में समूह में जहां काम करने की आदत विकसित होगी। वहीं नाट्य अभ्यास से विद्यार्थी स्वयं अपने शहर को सुंदर करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे। उन्होंने बताया कि 27 से 29 जनवरी को राष्ट्रीय चित्रकला कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें हरियाणा के अतिरिक्त दूसरे शहरों से प्रख्यात चित्रकार आमंत्रित किए जा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि चित्रकला कार्यशाला के दौरान ही पंचकूला के सभी शिक्षण संस्थाओं से 5-5 विद्यार्थी भी आमंत्रित किए जाएंगे ताकि वे कार्यशाला में भागीदारी कर चित्रकला विशेषज्ञों से चित्रकला की बारीकियों को सीख सकें। अपराजिता ने बताया कि बचपन नई चीजें सीखने के लिए जिज्ञासु होता है। यदि बचपन में ही बच्चों को ऐसे संस्कार दिए जाएं तो अवश्य ही वो एक बेहतर नागरिक बनेंगे। इस अवसर पर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से आए कार्यशाला के निर्देशक राजीव गौड़ ने कहा कि रंगमंचीय प्रस्तुति द्वारा बच्चों में रचनात्मक गुण का विकास करना कार्यशाला का उद्देश्य है। नाट्य अनुशासन बेहतर मनुष्य का सृजन पक्ष है। उन्होंने रंगकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि नाटक में रीटेक नहीं होता। नाटक में सबकुछ लाइव होता है इसलिए नाटक में गलती की कोई गुंजाइश नहीं।
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इस अवसर पर कार्यशाला की कैंप डायरेक्टर रीता राय ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए इस तरह की कार्यशाला के आयोजन को प्राथमिकता देना सराहनीय है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला के संयोजन में घनश्याम, संगीत विशेषज्ञ एवं अमित कुमार, कला शिक्षक का महत्वपूर्ण योगदान रहा।