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Panchkula News: सती प्रसंग से समझाया ईश्वर की अनुभूति और ब्रह्मज्ञान का महत्व
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पंचकूला। अग्रवाल भवन, सेक्टर-16 में चल रही सात दिवसीय भगवान शिव कथामृत के तीसरे दिन कथाव्यास डॉ. सर्वेश्वर ने सती प्रसंग के माध्यम से ईश्वर की अनुभूति और ब्रह्मज्ञान का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि ईश्वर तर्क-वितर्क, मन, वाणी और बुद्धि से परे है। पूर्ण सद्गुरु की कृपा से दिव्य दृष्टि प्राप्त होने पर ही ईश्वर का अनुभव किया जा सकता है।
कथा से पहले मुकेश गुप्ता, महेश राय अग्रवाल पत्नी किरण अग्रवाल, कुलभूषण अग्रवाल पत्नी मोनिका अग्रवाल, हेमंत अग्रवाल पत्नी शैली अग्रवाल और सुमन लता ने यजमान पूजन किया। इसके बाद संजय टंडन, बीबी सिंगल, तेजपाल गुप्ता सपरिवार सहित अन्य श्रद्धालुओं ने प्रभु की ज्योति प्रज्वलित कर कथा शुरू करवाई।
डॉ. सर्वेश्वर ने बताया कि सती ने तर्कबुद्धि के कारण श्रीराम की महिमा पर संशय किया और उनकी परीक्षा लेने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि केवल बुद्धि से ईश्वर को समझना संभव नहीं है। कथा के समापन पर आरती हुई और श्रद्धालुओं को लंगर वितरित किया गया।
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कथा से पहले मुकेश गुप्ता, महेश राय अग्रवाल पत्नी किरण अग्रवाल, कुलभूषण अग्रवाल पत्नी मोनिका अग्रवाल, हेमंत अग्रवाल पत्नी शैली अग्रवाल और सुमन लता ने यजमान पूजन किया। इसके बाद संजय टंडन, बीबी सिंगल, तेजपाल गुप्ता सपरिवार सहित अन्य श्रद्धालुओं ने प्रभु की ज्योति प्रज्वलित कर कथा शुरू करवाई।
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डॉ. सर्वेश्वर ने बताया कि सती ने तर्कबुद्धि के कारण श्रीराम की महिमा पर संशय किया और उनकी परीक्षा लेने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि केवल बुद्धि से ईश्वर को समझना संभव नहीं है। कथा के समापन पर आरती हुई और श्रद्धालुओं को लंगर वितरित किया गया।
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