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Panchkula News: आदेश में झलका जज साहब का दर्द, पांच महीने के अनुभव को बताया दर्दनाक

Sat, 08 Jul 2023 10:42 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 08 Jul 2023 10:42 PM IST
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The pain of the judge was reflected in the order, the experience of five months was described as painful
चंडीगढ़। तय कानून का पालन नियुक्तियों के लिए बनाई गई एजेंसियों के न करने के कारण न्याय पालिका पर लगातार बोझ बढ़ता जा रहा है। पिछले पांच माह से जबसे पंजाब सरकार के सेवा से जुड़े मामले सुनने की जिम्मेदारी सौंपी गई है तब से प्रत्येक कार्य दिवस पर इस स्थिति का सामना करने का यह अनुभव दर्दनाक है। यह उम्मीद की जाती है कि उच्चतम स्तर पर सक्षम अधिकारी ऐसी घटनाओं की संभावनाओं से बचने के लिए इन टिप्पणियों पर ध्यान देंगे। पंजाब के ही एक मामले में नियुक्तियों को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा करते हुए लिखवाए गए आदेश में की गई टिप्पणियों में जज साहब का यह दर्द झलका।
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हरविंदर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए खेल विभाग में सहायक निदेशक के पद पर की जा रही नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती दी थी। कोर्ट को बताया गया कि 13 पद पर नियुक्ति के लिए सरकार ने विज्ञापन जारी किया था। इस मामले में चार आवेदकों को कट ऑफ तिथि के बाद अनुभव से जुड़े प्रमाणपत्र सौंपने का मौका दिया गया जो गलत है। पंजाब सरकार ने कहा कि यह मौका केवल चार आवेदकों को नहीं बल्कि सभी आवेदकों को दिया गया था।
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हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि सरकार द्वारा ऐसा कदम उठाना एक चूक थी क्योंकि यह तय कानून है कि आवेदन के साथ अंतिम तिथि से पहले सभी दस्तावेजों को संलग्न करना जरूरी है। इस मामले में सभी नियुक्त लोग 10 साल से काम कर रहे हैं और ऐसे में इस नियुक्ति को रद्द करना सही नहीं है। हालांकि राज्य सरकार को यह निर्देश दिया जाता है कि इस प्रकार की खामियां भविष्य में न हों इसके लिए नियुक्ति के लिए बनाई गई एजेंसियों को उचित निर्देश जारी किए जाएं। आदेश में हाईकोर्ट ने पंजाब पब्लिक सर्विस कमिशन, पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विस सिलेक्शन बोर्ड, विभागीय जांच कमेटी आदि की कार्य पद्धति पर सवाल उठाए हैं।
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