फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   The Municipal Corporation did not hand over the records of the firemen to the police and asked for time again

Panchkula News: नगर निगम ने पुलिस को नहीं साैंपा फायरमैन का रिकॉर्ड, फिर मांगा समय

Sat, 19 Jul 2025 01:27 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jul 2025 01:27 AM IST
विज्ञापन
The Municipal Corporation did not hand over the records of the firemen to the police and asked for time again
चंडीगढ़। नगर निगम ने अभी तक पुलिस को फायरमैन का रिकॉर्ड नहीं साैंपा है, जबकि पुलिस अधिकारी खुद रिकॉर्ड लेने नगर निगम जा चुके हैं। निगम बार-बार समय मांग रहा है और बार-बार पत्र भेजने के बाद भी पुलिस को रिकॉर्ड नहीं दिया जा रहा है। इस कारण पुलिस की जांच रूकी हुई है। नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने कहा था कि पुलिस को अगर जल्द रिकॉर्ड चाहिए तो पुलिस नगर निगम कार्यालय में आकर ले सकती है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के अगले दिन 27 जून को ही पुलिस अधिकारी नगर निगम में रिकॉर्ड लेने गए थे, लेकिन वहां एक हफ्ते से 10 दिन तक का समय मांगा गया था। अब पुलिस ने फिर से नगर निगम को रिकॉर्ड के लिए पूछा है, लेकिन नगर निगम ने फिर से कुछ और दिनों का समय मांगा है। इस कारण से पुलिस की जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है।
विज्ञापन


डीजीपी ने जांच कर रही टीम को निर्देश दिए हैं कि मामले की तह तक पहुंचकर जल्द जांच पूरी करें। हालांकि उससे पहले पुलिस ने फायरमैन भर्ती घोटाले की फाइल को किनारे कर दिया था। अमर उजाला ने इस विषय पर कई खबरें प्रकाशित की थीं, जिसके बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाई और जांच आगे बढ़ाई। सूत्रों के अनुवार जांच में सामने आया है कि करीब 60 से अधिक फर्जी फायरमैनों की नियुक्ति की गई थी और प्रत्येक से 10-10 लाख रुपये वसूले गए थे। यह मामला तीन साल से लंबित है।
विज्ञापन



ऐसे हुआ था खुलासा


वर्ष 2023 में एएसआई भर्ती परीक्षा के दौरान चार फर्जी उम्मीदवार पकड़े गए थे। सोनीपत निवासी सतीश को एक असली उम्मीदवार की जगह परीक्षा देते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सतीश ने बताया कि वह सोमवीर नामक व्यक्ति के साथ मिलकर फायरमैन की फर्जी भर्ती में शामिल था, जिसके लिए उन्होंने प्रत्येक उम्मीदवार से 10-10 लाख रुपये लिए थे। सतीश की निशानदेही पर पुलिस ने दीपक, बृजेंद्र और नवीन को गिरफ्तार किया है, जो डेढ़ साल से फायरमैन पद पर कार्यरत थे। जांच में यह भी सामने आया कि इनकी जगह किसी और ने परीक्षा दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed