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मुख्यमंत्री मनोहर लाल बोले, हरियाणा में तीन चरणों में पूरी होगी कृषि भूमि की पैमाइश

Wed, 02 Feb 2022 02:12 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 02 Feb 2022 02:12 AM IST
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The measurement of agricultural land will be completed in three phases in Haryana
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि कृषि भूमि की मैपिंग का कार्य करने मेंतेजी लाएं। इससे कृषि भूमि का डाटा उपलब्ध हो सकेगा। तीन चरणों में कृषि भूमि की पैमाइश पूरी होगी। अधिकांश गांवों का ड्रोन बेस मैपिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है। स्वामित्व योजना की तरह कृषि भूमि की मैपिंग का कार्य कर राजस्व रिकॉर्ड को परिवार पहचान पत्र से जोड़ा जाएगा। पहले चरण में ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि की मैपिंग, इस पर बने हुए ढांचों के मानचित्र बनाने का कार्य किया जाएगा। दूसरे चरण में शहरों में औद्योगिक क्षेत्रों की मैपिंग की जाएगी। इनसे पैमाइश के कार्य में सहायता मिलेगी।
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मुख्यमंत्री मंगलवार को यहां लार्ज स्केल लैंड मैपिंग को लेकर राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि भूमि की मैपिंग का कार्य करने के लिए रोवर्स मशीन से पटवारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। हर तहसील स्तर पर दो-दो रोवर्स (जीपीएस) मशीन खरीद कर मुहैया करवाई जाएंगी। हर तहसील को रोवर्स मशीन से जोड़ा जाएगा ताकि खेतों की पैमाइश आसानी से की जा सके। प्रदेशभर में 19 स्थानों पर कंटीन्यूअस रेफ्रेसिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। इनके माध्यम से आसपास के एरिया में 500 किलोमीटर के दायरे में जीपीएस लोकेशन का आसानी पता चल सकेगा। इसके अलावा 16 जीआईएस लैब भी प्रदेश भर में स्थापित की गई हैं ।
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मजबूत रेफरेंस प्वाइंट लगाए जाएंगे
मुख्यमंत्री ने बताया कि लार्ज स्तर पर लैंड मैपिंग का कार्य होने से सभी भूमि मालिकों की जमीन की जानकारी स्पष्ट हो सकेगी। इसके अलावा स्कूल, शामलाती ढांचा, धार्मिक स्थल आदि भूमि की लोकेशन भी सही मिलेगी। गांवों में मुरब्बा स्टोन की तरह तकनीक आधारित 25 मुरब्बे के क्षेत्रफल में गहरे एवं मजबूत रेफरेंस प्वाइंट बनाए जाएंगे। लोग जानकारी के लिए इन रेफरेंस प्वाइंट का उपयोग कर सकेंगे। लैंड मैपिंग का कार्य करने के लिए करनाल, कुरुक्षेत्र और पानीपत में 3 टीमें लगाई गई हैं। इसके अलावा 15 मार्च तक और टीमें लगाई जाएंगी। प्रदेशभर में कुल 44 टीमें लैंड ड्रोन मैपिंग का कार्य करेंगी। इसे अगस्त 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा। पहले 5 गांवों में ट्रायल बेस पर लार्ज स्केल मैपिंग का कार्य किया गया। अब इसे पूरे प्रदेश में शुरू कर दिया है। सरकार प्रदेश में जमीन सुधार के लिए नया सिस्टम लेकर आ रही है। इसके माध्यम से सारी कृषि जमीन का रिकॉर्ड ही उपलब्ध हो जाएगा। जमाबंदी के लिए भी नया फॉर्मेट तैयार किया गया है।
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