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Panchkula News: सरकार की नजरअंदाजी ऐसी की.. राज्यभर के 434 एडेड स्कूलों में अध्यापकों की 8100 पोस्टें खाली

Fri, 08 Aug 2025 08:35 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला Updated Fri, 08 Aug 2025 08:35 PM IST
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The government's negligence was such that 8100 teacher posts are vacant in 434 aided schools across the state
संवाद न्यूज़ एजेंसी
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अमृतसर। पंजाब सरकार की ओर से शुरू शिक्षा क्रांति की बात की जाए तो इस क्रांति की लहर में राज्यभर के एडेड स्कूलों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है। जिसके चलते अब एडेड स्कूलों में कार्यरत नॉन-टीचिंग और टीचिंग स्टाफ ने खुद को सरकार से सरकारी स्कूलों में ही मर्ज करने की आवाज उठाई है।
राज्यभर में 434 एडेड स्कूल हैं। इनमें पहले 9468 अध्यापक तैनात थे परंतु 2003 में भर्ती पर लगी रोक के बाद 22 साल में अब इन स्कूलों में सिर्फ 1368 अध्यापक ही बचे हैं। एडेड स्कूल टीचर्स यूनियन के पंजाब के प्रेस सचिव अजय चौहान ने बताया कि इन स्कूलों को सरकार की ओर से सैलरी ग्रांट के रूप में 95 फीसदी हिस्सा दिया जाता था, जबकि 5 फीसदी प्रबंधक कमेटियां जुटाती थी लेकिन अब हालात यह हो चुके है कि प्रबंधक कमेटी के लिए 5% जुटाना मुश्किल हो गया है और सरकार ने भी 95% देना बंद कर दिया है जिसके चलते अध्यापक वेतन से भी लाचार हैं। उन्होंने कहा कि अध्यापकों को अभी भी पिछले 4 महीने से वेतन नहीं मिला और फिर भी वह बिना वेतन के स्कूलों में आकर बच्चों को पढ़ाकर अपना कर्तव्य निभा रहे हैं।
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जिले में 155 अध्यापक ही 45 स्कूलों में दे रहे सेवा

यूनियन नेता अजय चौहान ने बताया कि जिले में 45 एडेड स्कूल थे, जिनमें में कुछेक स्कूल बंद होने की कगार पर है, तो 10 स्कूल ऐसे कि जिनमें 1-1 अध्यापक बच्चों को पढ़ा रहा है। जिसकी मिसाल रामगढ़िया सीनियर सैकेंडरी स्कूल है जहां पर एक अध्यापक ही बच्चों को पढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर 155 अध्यापक बचे है, जबकि बाकी मैनेजमेंट कमेटियों ने खुद अपने स्तर पर एडहॉक पर अध्यापकों को रखा है, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
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2007 से ही विधायकों, मंत्रियों को समाधान के लिए दें रहे मांग पत्र
यूनियन नेता प्रदीप सरीन ने कहा कि 2003 में कांग्रेस सरकार में लगी भर्ती पर रोक को हटाने के 2007 में अकाली-भाजपा, 2017 में कांग्रेस और 2022 में मौजूदा सरकार से अपनी जायज मांगों के समाधान को लेकर राज्य भर के विधायकों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री से मीटिंग और मांग पत्र सौंप चुके है, लेकिन इन 22 सालों में उनकी एक भी मांग को पूरा नहीं किया गया।


12 को देंगे डीपीआई दफ्तर समक्ष धरना
यूनियन नेता अजय चौहान ने कहा कि पंजाब के एडेड स्कूलों में कार्यरत हजारों शिक्षक और कर्मचारी पिछले चार महीने से वेतन के बिना काम कर रहे हैं। वहीं सी और डी श्रेणी के कई शिक्षक 16 महीनों से तनख्वाह का इंतजार कर रहे हैं। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि यह समस्या जल्द हल नहीं हुई, तो 12 अगस्त मंगलवार को डीपीआई कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इसके बाद भी हल न निकला तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

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