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पंजाब मुख्यमंत्री बोले- ‘कोरोना के लिए सामान तैयार है, पर नहीं चाहते कि स्टोर से निकालना पड़े’
Mon, 08 Jun 2020 02:02 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jun 2020 02:02 PM IST
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि कोविड संकट से निपटने के लिए उनकी सरकार की तैयारियां पुख्ता हैं, लेकिन उन्होंने लोगों से इस महामारी से खुद को, परिवारों और राज्य को बचाने के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों और बंदिशों की सख्ती से पालना करने की अपील की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पास इसका फैलाव रोकने के लिए अपेक्षित जरूरी साजो-सामान मौजूद है, लेकिन वह नहीं चाहते कि इस को स्टोरों में से निकालना पड़े।
रविवार को ‘कैप्टन को सवाल’ के फेसबुक लाइव की ताजा कड़ी में, सवालों के जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्ती से लॉकडाउन लागू करने और लोगों के सहयोग के कारण अब तक कोविड की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने में सफलता मिली है। बंदिशों में अब ढील देनी जरूरी था, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों के उल्लंघन की इजाजत दी जाए।
आंकड़ों का हवाला देते हुए कैप्टन ने खुलासा किया कि सिर्फ बीते शुक्रवार ही सार्वजनिक तौर पर मास्क न पहनने पर 4600 चालान किए गए। सार्वजनिक तौर पर थूकने वाले 160 व्यक्तियों और सामाजिक दूरी के नियमों की पालना न करने वाले दो दर्जन व्यक्तियों का भी चालान किया गया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा ग़ैर-जिम्मेदाराना रवैया सहन नहीं किया जाएगा, क्योंकि इससे पंजाब भी देश के अन्य राज्यों की राह पर जा सकता है।
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रविवार को ‘कैप्टन को सवाल’ के फेसबुक लाइव की ताजा कड़ी में, सवालों के जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्ती से लॉकडाउन लागू करने और लोगों के सहयोग के कारण अब तक कोविड की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने में सफलता मिली है। बंदिशों में अब ढील देनी जरूरी था, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों के उल्लंघन की इजाजत दी जाए।
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आंकड़ों का हवाला देते हुए कैप्टन ने खुलासा किया कि सिर्फ बीते शुक्रवार ही सार्वजनिक तौर पर मास्क न पहनने पर 4600 चालान किए गए। सार्वजनिक तौर पर थूकने वाले 160 व्यक्तियों और सामाजिक दूरी के नियमों की पालना न करने वाले दो दर्जन व्यक्तियों का भी चालान किया गया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा ग़ैर-जिम्मेदाराना रवैया सहन नहीं किया जाएगा, क्योंकि इससे पंजाब भी देश के अन्य राज्यों की राह पर जा सकता है।
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मिशन फतेह में शामिल शख्सियतों का जताया आभार
कोविड के विरुद्ध ‘मिशन फतेह’ को पंजाब के लोगों की लड़ाई करार देते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों को कोविड का फैलाव रोकने के लिए मेडिकल सलाह का पूरी तरह पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खांसी, शरीर दर्द, बुखार आदि का कोई भी लक्षण पाए जाने पर तुरंत अपने डाक्टरों से संपर्क किया जाए ताकि महामारी के संक्रमण का शक दूर किया जा सके।
‘मिशन फतेह’ के लिए अलग-अलग मशहूर शख्सियतों द्वारा दिए समर्थन के लिए आभार जताते हुए कैप्टन ने कहा कि इन हस्तियों की तरफ से कोविड के विरुद्ध लड़ाई में दिए योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। इनमें अमिताभ बच्चन, करीना कपूर, सोनू सूद, मिल्खा सिंह, कपिल देव, युवराज सिंह के अलावा अन्य शख्सियतें शामिल हैं।
कोरोना से निपटने की है पूरी तैयारी
महामारी से निपटने के लिए राज्य द्वारा बनाई रूपरेखा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल 2461 पॉजिटिव मामलों में से 2070 व्यक्ति स्वस्थ हो चुके हैं। पंजाब में अब तक स्थिति काबू में है। इस सबके बावजूद राज्य सरकार कोई जोखिम नहीं ले रही। पहले चरण में सरकारी अस्पतालों में 4248 बेड का प्रबंध है और 2014 अन्य बेड शामिल किए जा रहे हैं।
इसी तरह कोविड के मरीजों के लिए 950 बेड का इंतजाम किया है। संकट के गंभीर होने की सूरत में 52 सरकारी और 195 प्राइवेट अस्पतालों में बड़ी संख्या में व्यक्तियों की संभाल के लिए एकांतवास केंद्रों की कुल संख्या की शिनाख्त की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि शनिवार तक 554 वेंटिलेटर मौजूद हैं और प्रयोग में केवल एक ही है।
‘मिशन फतेह’ के लिए अलग-अलग मशहूर शख्सियतों द्वारा दिए समर्थन के लिए आभार जताते हुए कैप्टन ने कहा कि इन हस्तियों की तरफ से कोविड के विरुद्ध लड़ाई में दिए योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। इनमें अमिताभ बच्चन, करीना कपूर, सोनू सूद, मिल्खा सिंह, कपिल देव, युवराज सिंह के अलावा अन्य शख्सियतें शामिल हैं।
कोरोना से निपटने की है पूरी तैयारी
महामारी से निपटने के लिए राज्य द्वारा बनाई रूपरेखा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल 2461 पॉजिटिव मामलों में से 2070 व्यक्ति स्वस्थ हो चुके हैं। पंजाब में अब तक स्थिति काबू में है। इस सबके बावजूद राज्य सरकार कोई जोखिम नहीं ले रही। पहले चरण में सरकारी अस्पतालों में 4248 बेड का प्रबंध है और 2014 अन्य बेड शामिल किए जा रहे हैं।
इसी तरह कोविड के मरीजों के लिए 950 बेड का इंतजाम किया है। संकट के गंभीर होने की सूरत में 52 सरकारी और 195 प्राइवेट अस्पतालों में बड़ी संख्या में व्यक्तियों की संभाल के लिए एकांतवास केंद्रों की कुल संख्या की शिनाख्त की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि शनिवार तक 554 वेंटिलेटर मौजूद हैं और प्रयोग में केवल एक ही है।
किसानों के लिए पीएम को खत लिखेंगे कैप्टन
केंद्र सरकार के कथित कृषि सुधारों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार पिछले 60 सालों से सफलतापूर्वक चल रहे कृषि मंडीकरण की प्रक्रिया में अड़चन डालने की कोशिशों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखेंगे, क्योंकि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए वे खुद भी किसानों की समस्याओं से अवगत होंगे।
केंद्र द्वारा एमएसपी खत्म करने के इरादे पर चिंता जाहिर करते हुए कैप्टन ने कहा कि पंजाब सरकार इसके खिलाफ लड़ाई में पूरी ताकत लगा देगी और किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाने की किसी को आज्ञा नहीं देंगे। देश की अन्न सुरक्षा में सबसे बड़ा योगदान किसानों का ही है।
बिजली उपभोक्ताओं को देंगे और राहत
कैप्टन की तरफ से एक नागरिक को भरोसा दिया गया कि उनकी सरकार अगले वर्ष बिजली उपभोक्ताओं को और राहत देगी क्योंकि मौजूदा हालात के कारण पीएसपीसीएल मजबूर था लेकिन इसकी तरफ से वित्तीय मुश्किलों के बावजूद गरीब और छोटे उपभोक्ताओं के लिए घरेलू दरें को घटाने का एलान किया गया है। इस फैसले से 70 लाख घरेलू खपतकारों में से करीब 68 लाख को लाभ होगा।
केंद्र द्वारा एमएसपी खत्म करने के इरादे पर चिंता जाहिर करते हुए कैप्टन ने कहा कि पंजाब सरकार इसके खिलाफ लड़ाई में पूरी ताकत लगा देगी और किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाने की किसी को आज्ञा नहीं देंगे। देश की अन्न सुरक्षा में सबसे बड़ा योगदान किसानों का ही है।
बिजली उपभोक्ताओं को देंगे और राहत
कैप्टन की तरफ से एक नागरिक को भरोसा दिया गया कि उनकी सरकार अगले वर्ष बिजली उपभोक्ताओं को और राहत देगी क्योंकि मौजूदा हालात के कारण पीएसपीसीएल मजबूर था लेकिन इसकी तरफ से वित्तीय मुश्किलों के बावजूद गरीब और छोटे उपभोक्ताओं के लिए घरेलू दरें को घटाने का एलान किया गया है। इस फैसले से 70 लाख घरेलू खपतकारों में से करीब 68 लाख को लाभ होगा।