{"_id":"698260104bd8a6b40f0bae79","slug":"the-farmers-union-submitted-a-memorandum-to-the-adc-panchkula-news-c-87-1-pan1011-132531-2026-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: किसान यूनियन ने एडीसी को सौंपा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: किसान यूनियन ने एडीसी को सौंपा ज्ञापन
विज्ञापन
धान खरीद घोटाले की सीबीआई जांच व दवाइयों की एमआरपी तय करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को जिला प्रशासन के माध्यम से अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने प्रदेश में धान खरीद सीजन 2025-26 में कथित बड़े घोटाले की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराने की मांग की।
यूनियन के जिला अध्यक्ष नरेश सिंह नयागांव ने बताया कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर 4,83,897 किसानों द्वारा 28,80,192 एकड़ धान की फसल दर्ज की गई, जबकि कृषि विभाग ने केवल 30,16,285 एकड़ को वैध माना। इससे 1,36,116 एकड़ जमीन संदिग्ध श्रेणी में आई, जो बड़े घोटाले का संकेत देती है।
किसान यूनियन ने आरोप लगाया कि राज्य की खरीद एजेंसियों, मंडी प्रशासन और कृषि विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी पंजीकरण, ओवर-रिपोर्टिंग और फसल की गलत एंट्री की गई। यूनियन ने इस मामले की सीबीआई जांच कराने पर जोर दिया।
विज्ञापन
इसके अलावा संगठन ने नशे पर रोक की दिशा में दवाइयों की अधिकतम बिक्री कीमत 2 रुपये तय करने की मांग उठाई। ज्ञापन में कहा गया कि कई कंपनियां साधारण दवाइयों पर 200 रुपये तक एमआरपी लगाकर बेच रही हैं, जिससे अवैध नशे का कारोबार बढ़ रहा है और गरीब मरीजों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
यूनियन ने शिक्षा व्यवस्था सुधारने, सरकारी स्कूल मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को जिला प्रशासन के माध्यम से अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने प्रदेश में धान खरीद सीजन 2025-26 में कथित बड़े घोटाले की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराने की मांग की।
यूनियन के जिला अध्यक्ष नरेश सिंह नयागांव ने बताया कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर 4,83,897 किसानों द्वारा 28,80,192 एकड़ धान की फसल दर्ज की गई, जबकि कृषि विभाग ने केवल 30,16,285 एकड़ को वैध माना। इससे 1,36,116 एकड़ जमीन संदिग्ध श्रेणी में आई, जो बड़े घोटाले का संकेत देती है।
विज्ञापन
किसान यूनियन ने आरोप लगाया कि राज्य की खरीद एजेंसियों, मंडी प्रशासन और कृषि विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी पंजीकरण, ओवर-रिपोर्टिंग और फसल की गलत एंट्री की गई। यूनियन ने इस मामले की सीबीआई जांच कराने पर जोर दिया।
विज्ञापन
इसके अलावा संगठन ने नशे पर रोक की दिशा में दवाइयों की अधिकतम बिक्री कीमत 2 रुपये तय करने की मांग उठाई। ज्ञापन में कहा गया कि कई कंपनियां साधारण दवाइयों पर 200 रुपये तक एमआरपी लगाकर बेच रही हैं, जिससे अवैध नशे का कारोबार बढ़ रहा है और गरीब मरीजों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
यूनियन ने शिक्षा व्यवस्था सुधारने, सरकारी स्कूल मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की।