फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   The effect shown.. Greenery increased by three percent in 5 years, the Horticulture Department planted 35652 saplings in four years, the target is to plant 10070 saplings this year

दिखा असर.. 5 साल में तीन फीसदी बढ़ी हरियाली, चार साल में बागवानी विभाग ने लगाए 35652 पौधे, इस साल 10070 पौधे लगाने का निर्धारित है लक्ष्य

Wed, 30 Jun 2021 02:00 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 30 Jun 2021 02:00 AM IST
विज्ञापन
The effect shown.. Greenery increased by three percent in 5 years, the Horticulture Department planted 35652 saplings in four years, the target is to plant 10070 saplings this year
पंचकूला। चंडीगढ़ और मोहाली से पंचकूला में हरियाली कम नहीं है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और नगर निगम का बागवानी विभाग हरियाली की दिशा में संयुक्त रूप में कार्य कर रहा है। पिछले चार साल की बात करें तो दोनों विभागों ने पंचकूला शहर में अलग-अलग प्रजातियों के 35652 पौधे लगाए हैं। इस साल 10 हजार से ज्यादा पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का बागवानी विभाग अभी तक करीब चार हजार पौधे लगा चुका है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि आने वाले छह माह में इतने ही और पौधे लगाए जाएंगे। वहीं, नगर निगम का बागवानी विभाग भी लक्ष्य पूर्ति की तरफ तेजी से कदम बढ़ा रहा है। बता दें कि पांच साल में पंचकूला का हरियाली क्षेत्र 45.09 से बढ़कर 48.33 फीसदी हो गया है।
विज्ञापन

सेक्टर-5 में सबसे ज्यादा हरियाली
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का बागवानी विभाग के पास एमडीसी सेक्टर-1 स्थित राजीव गांधी आईटी पार्क, जोकि 65 एकड़ में विकसित है। सेक्टर-5 स्थित एशिया का नंबर-1 कैक्टस गार्डन, यवनिका पार्क, टपोरी पार्क की जिम्मेदारी है। इसके अलावा शहर के डिवाइडिंग रोड और फुटपाथ के बीच की हरियाली को बनाए रखने की भी जिम्मेदारी इसी विभाग के पास है। हरियाली के मामले में यवनिका और टपोरी पार्क पंचकूला का सबसे बड़ा पार्क माना जाता है, जबकि कैक्टस गार्ड की अपनी अलग पहचान है। यहां करीब पौधों की 26 सौ प्रजातियां हैं। इतना ही नहीं विभाग यहां पर हर साल कैक्टस मेले का भी आयोजन करता है। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। सेक्टरों के अंदर के पार्क की देखरेख की जिम्मेदारी नगर निगम के पास है।
विज्ञापन

सड़कों के किनारे किस प्रजाति के लगे हैं पेड़
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के बागवानी विभाग की एक्सईएन डॉक्टर निधि भारद्वाज ने बताया कि सड़कों के किनारे ज्यादातर ऑक्सीजन देने वाले पौधे लगाए गए हैं। इसके अलावा नीम, बड़, पीपल, कदम, गुलमोहर, अर्जुन, हरड़, चक्रराशि, नीली गुलमोहर, फल, सुगंधित और छायादार पौधे सड़कों के किनारे सबसे ज्यादा लगाए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्तमान में इस तरफ बढ़ा रहे कदम
शहर में हरियाली बढ़ाने के लिए एचएसवीपी के बागवानी विभाग का पूरा ध्यान घग्गर पार क्षेत्र की तरफ है। यहां एचएसवीपी द्वारा 18 एकड़ में पार्क विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा घग्गर नदी के किनारे ऑक्सीवन बनाया जा रहा है। शहर में अधिकांश ऐसे पौधे लगाए जा रहे हैं जिन्हें ज्यादा देखरेख की जरूरत नहीं पड़ती है।

पंचकूला का वन क्षेत्र
- पंचकूला में वन क्षेत्र 38 हजार 214.54 हेक्टेयर
- आरक्षित वन-8628.72 हेक्टेयर
- सुरक्षित वन-24 हजार 449.57 हेक्टेयर
- सड़कों के साथ वन-684.54 हेक्टेयर
- रेलवे से लगते वन-125.56 हेक्टेयर
- भूमि बांधों से लगते वन-7.94 हेक्टेयर
- अवर्गीकृत वन-8.39 हेक्टेयर
- चार और पांच वन क्षेत्र-4309.82 हेक्टेयर
एचएसवीपी द्वारा लगाए पौधे
सन-2018 पौधे-6929
सन-2019 पौधे-5000
सन-2020 पौधे-7820
सन-2021 पौधे-3993
कुल पौधे लगाए-23742
इस साल का लक्ष्य-5000
नगर निगम द्वारा लगाए पौधे
सन-2018 पौधे-3632
सन-2019 पौधे-4144
सन-2020 पौधे-1449
सन-2021 पौधे-2685
कुल पौधे लगाए- 11910
इस वर्ष का लक्ष्य-5070
चंडीगढ़ का वन क्षेत्र
फारेस्ट कवर एरिया 48 स्क्वायर किलोमीटर
ट्री कवर एरिया 25 स्क्वायर किलोमीटर
साल 2019 में ग्रीन कवर एरिया 41 से बढ़कर 46 फीसदी पहुंचा (रिपोर्ट: इंडियन स्टेट आफ फॉरेस्ट)
मध्य घना जंगल 14.02 स्क्वायर किमी
बड़े पेड़ों की संख्या करीब ढाई लाख से ज्यादा, 87 से ज्यादा प्रजातियां (साल-2013 में फारेस्ट विभाग की गणना के अनुसार)
चंडीगढ़ में छोटे-बड़े पार्क 1800
चंडीगढ़ में प्रदूषण अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से बढ़ता है। इस दौरान पंजाब व हरियाणा में पराली जलाई जाती है। इस वजह से चंडीगढ़ के प्रदूषण में बढ़ोतरी होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed