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स्ट्रीट लाइट बदलने के लिए लगाया टेंडर, जल्द शुरू होगा काम
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पंचकूला। शहर की स्ट्रीट लाइट बदलने के लिए नगर निगम की ओर से निकाय विभाग के आदेश पर टेंडर लगा दिया गया है। पंचकूला को कलस्टर एक में शामिल किया गया है। इसके तहत पंचकूला, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र और करनाल को शामिल किया गया है। इस कलस्टर मेें कुल 75420 लाइट हैं। 52382 लाइटें बदली जाएंगी और 54494 नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। यह टेंडर 3 जून 2021 को खुल जाएगा और लाइटों को 9 महीने में बदलना होगा। मेयर कुलभूषण गोयल बताया कि कलस्टर जोन 102.68 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
मेयर कुलभूषण गोयल के अनुसार स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम को स्मार्ट बनाने के लिए शहर में कंट्रोल एंड कमांड सेंटर बनाएगी। यह सेंटर पूरी तरह से ऑटोमैटिक सिस्टम से लैस होगा। शहर में कहीं भी स्ट्रीट लाइट खराब होने पर सेंटर में बैठे ही इसकी जानकारी मिल जाएगी। एजेंसी को यह एलईडी लाइट्स ठीक करानी होगी। टेंडर अलॉट होने के बाद एजेंसी 10 साल तक इसे मेटेंन भी करेगी।
गोयल ने बताया कि नगर निगम की ओर से 22 हजार स्ट्रीट लाइट लगाए जाने की प्लानिंग की जा रही है। इसमें खास बात यह होगी कि स्ट्रीट लाइट प्वाइंट खराब होते ही उसकी सूचना कंट्रोल रूम में आएगी और उसे तुरंत ठीक करवाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर काम एनर्जी सेविंग स्कीम के तहत किया जाएगा। ध्यान रखा जाएगा कि पार्क, मार्केट, डिवाइडिंग रोड, बी रोड, सी रोड सहित अन्य अंधेरे वाली जगहों पर कितने वॉट की लाइट लगाई जा सकती हैं। टेक्नीकल विंग की रिपोर्ट के अनुसार ही इन जगहों पर लाइट लगाई जाएंगी, ताकि स्ट्रीट लाइट के आसपास की जगह पर अंधेरा न हो।
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सोडियम लाइट को एलईडी में बदला जाना है
एजेंसी पूरे एमसी एरिया में सोडियम लाइट को एलईडी में बदलेगी। ऐसे स्थानों का चयन होगा जहां अभी स्ट्रीट लाइट्स नहीं है। ऐसे डार्क स्पॉट्स का पता लगाकर एजेंसी यहां भी एलईडी स्ट्रीट लाइट्स लगाएगी। एमसी एरिया में अभी करीब 22,000 स्ट्रीट लाइट्स हैं। करीब 3500 एलईडी लाइट्स पहले ही लगी हैं। शेष बची 18500 सोडियम की जगह एलईडी लाइट्स लगाई जानी हैं।
रोड वाइज खाका किया तैयार
सभी डिवाइडिंग रोड, ए रोड, बी रोड सहित अन्य सड़कों पर लगाए जाने वाली स्ट्रीट लाइट की रोड वाइज उसका खाका तैयार किया जाएगा। इसमें सड़क पर कितनी स्ट्रीट लाइट्स के प्वाइंट्स हैं। उन पर कितना बिजली का खर्च हो रहा है। इसकी पूरी रिपोर्ट कंप्यूटर में फीड की जाएगी और उसे रोज मॉनिटर किया जाएगा। मॉनिटरिंग में सड़क की स्ट्रीट लाइट्स को चेक किया जाएगा और खराब लाइट्स को ठीक कराया जाएगा।
अभी मैनुअल होता है ऑन-ऑफ
अभी शहर में लगी स्ट्रीट लाइट्स को मैनुअल ऑन व ऑफ करना होता है। इसके लिए एमसी ने स्टाफ रखा हुआ है जोकि विभिन्न सेक्टरों में शाम के समय स्ट्रीट लाइट्स ऑन करता है और सुबह इन्हें बंद करने का जिम्मा भी निभाता है। स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम में मैनुअली स्ट्रीट लाइट्स को ऑन या ऑफ करने की जरूरत नहीं रहेगी। सेंटर में बैठे हुए ही शहर की सभी स्ट्रीट लाइट्स को ऑन या ऑफ किया जा सकेगा।
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मेयर कुलभूषण गोयल के अनुसार स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम को स्मार्ट बनाने के लिए शहर में कंट्रोल एंड कमांड सेंटर बनाएगी। यह सेंटर पूरी तरह से ऑटोमैटिक सिस्टम से लैस होगा। शहर में कहीं भी स्ट्रीट लाइट खराब होने पर सेंटर में बैठे ही इसकी जानकारी मिल जाएगी। एजेंसी को यह एलईडी लाइट्स ठीक करानी होगी। टेंडर अलॉट होने के बाद एजेंसी 10 साल तक इसे मेटेंन भी करेगी।
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गोयल ने बताया कि नगर निगम की ओर से 22 हजार स्ट्रीट लाइट लगाए जाने की प्लानिंग की जा रही है। इसमें खास बात यह होगी कि स्ट्रीट लाइट प्वाइंट खराब होते ही उसकी सूचना कंट्रोल रूम में आएगी और उसे तुरंत ठीक करवाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर काम एनर्जी सेविंग स्कीम के तहत किया जाएगा। ध्यान रखा जाएगा कि पार्क, मार्केट, डिवाइडिंग रोड, बी रोड, सी रोड सहित अन्य अंधेरे वाली जगहों पर कितने वॉट की लाइट लगाई जा सकती हैं। टेक्नीकल विंग की रिपोर्ट के अनुसार ही इन जगहों पर लाइट लगाई जाएंगी, ताकि स्ट्रीट लाइट के आसपास की जगह पर अंधेरा न हो।
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सोडियम लाइट को एलईडी में बदला जाना है
एजेंसी पूरे एमसी एरिया में सोडियम लाइट को एलईडी में बदलेगी। ऐसे स्थानों का चयन होगा जहां अभी स्ट्रीट लाइट्स नहीं है। ऐसे डार्क स्पॉट्स का पता लगाकर एजेंसी यहां भी एलईडी स्ट्रीट लाइट्स लगाएगी। एमसी एरिया में अभी करीब 22,000 स्ट्रीट लाइट्स हैं। करीब 3500 एलईडी लाइट्स पहले ही लगी हैं। शेष बची 18500 सोडियम की जगह एलईडी लाइट्स लगाई जानी हैं।
रोड वाइज खाका किया तैयार
सभी डिवाइडिंग रोड, ए रोड, बी रोड सहित अन्य सड़कों पर लगाए जाने वाली स्ट्रीट लाइट की रोड वाइज उसका खाका तैयार किया जाएगा। इसमें सड़क पर कितनी स्ट्रीट लाइट्स के प्वाइंट्स हैं। उन पर कितना बिजली का खर्च हो रहा है। इसकी पूरी रिपोर्ट कंप्यूटर में फीड की जाएगी और उसे रोज मॉनिटर किया जाएगा। मॉनिटरिंग में सड़क की स्ट्रीट लाइट्स को चेक किया जाएगा और खराब लाइट्स को ठीक कराया जाएगा।
अभी मैनुअल होता है ऑन-ऑफ
अभी शहर में लगी स्ट्रीट लाइट्स को मैनुअल ऑन व ऑफ करना होता है। इसके लिए एमसी ने स्टाफ रखा हुआ है जोकि विभिन्न सेक्टरों में शाम के समय स्ट्रीट लाइट्स ऑन करता है और सुबह इन्हें बंद करने का जिम्मा भी निभाता है। स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम में मैनुअली स्ट्रीट लाइट्स को ऑन या ऑफ करने की जरूरत नहीं रहेगी। सेंटर में बैठे हुए ही शहर की सभी स्ट्रीट लाइट्स को ऑन या ऑफ किया जा सकेगा।