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राजनैतिक संबंधों का फायदा उठा अस्पताल में 5 सितारा होटल जैसी सुविधा ले रहा राम रहीम
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चंडीगढ़। मृतक पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश को पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप के अनुसार अपने राजनीतिक संबंधों का फायदा उठाते हुए और स्वास्थ्य आधारित पैरोल लेकर राम रहीम अस्पताल में 5 सितारा होटल जैसी सेवाएं ले रहा है। अंशुल ने मुख्य न्यायधीश से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
अंशुल ने कहा कि राम रहीम पर हत्या, दुष्कर्म और इसके अतिरिक्त कई अन्य गंभीर मामलों में केस दर्ज हैं। कुछ में वह दोषी भी करार दिया जा चुका है। याची ने कहा कि वह कभी अपनी बीमारी, कभी मां की बीमारी और कभी ऐसे ही बहाने बनाकर पैरोल की मांग करता रहता है। सुप्रीम कोर्ट यह स्पष्ट कर चुका है कि जब स्वास्थ्य आधारित पैरोल पर निर्णय लेना हो तो उस दौरान इसका आधार स्वास्थ्य से जुड़े दस्तावेज होने चाहिए। राम रहीम अक्सर ऐसी पैरोल का फायदा उठाते हुए गुरुग्राम के फार्म हाऊस में डेरा के अधिकारियों के साथ गोपनीय बैठक करता है। अंशुल ने कहा कि यदि राम रहीम कोरोना संक्रमित है तो उसे किसी से मिलने नहीं देना चाहिए। हनीप्रीत को उसका अटेंडेंट बना दिया गया। साथ ही यह भी कहा कि जब जेल में राम रहीम को अकेला रखा गया था तो वह कैसे किसी कोरोना संक्रमित के संपर्क में आकर संक्रमित हो सकता है। साथ ही राम रहीम का कोरोना टेस्ट पीजीआई में न करवाने पर भी सवाल उठाया गया। पत्र में कहा गया कि राम रहीम गंभीर मामलों में दोषी कारार दिए जाने के बाद सजा काट रहा है और हनीप्रीत पंचकूला हिंसा मामले में आरोपी है। ऐसे में दोनों को साथ रखने से किसी खतरे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। साथ ही राम रहीम को विशेष सुविधाएं देना भी राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा साबित हो सकता है।
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अंशुल ने कहा कि राम रहीम पर हत्या, दुष्कर्म और इसके अतिरिक्त कई अन्य गंभीर मामलों में केस दर्ज हैं। कुछ में वह दोषी भी करार दिया जा चुका है। याची ने कहा कि वह कभी अपनी बीमारी, कभी मां की बीमारी और कभी ऐसे ही बहाने बनाकर पैरोल की मांग करता रहता है। सुप्रीम कोर्ट यह स्पष्ट कर चुका है कि जब स्वास्थ्य आधारित पैरोल पर निर्णय लेना हो तो उस दौरान इसका आधार स्वास्थ्य से जुड़े दस्तावेज होने चाहिए। राम रहीम अक्सर ऐसी पैरोल का फायदा उठाते हुए गुरुग्राम के फार्म हाऊस में डेरा के अधिकारियों के साथ गोपनीय बैठक करता है। अंशुल ने कहा कि यदि राम रहीम कोरोना संक्रमित है तो उसे किसी से मिलने नहीं देना चाहिए। हनीप्रीत को उसका अटेंडेंट बना दिया गया। साथ ही यह भी कहा कि जब जेल में राम रहीम को अकेला रखा गया था तो वह कैसे किसी कोरोना संक्रमित के संपर्क में आकर संक्रमित हो सकता है। साथ ही राम रहीम का कोरोना टेस्ट पीजीआई में न करवाने पर भी सवाल उठाया गया। पत्र में कहा गया कि राम रहीम गंभीर मामलों में दोषी कारार दिए जाने के बाद सजा काट रहा है और हनीप्रीत पंचकूला हिंसा मामले में आरोपी है। ऐसे में दोनों को साथ रखने से किसी खतरे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। साथ ही राम रहीम को विशेष सुविधाएं देना भी राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा साबित हो सकता है।
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