पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी की सुरक्षा वापस नहीं ली, वह घर छोड़कर फरार: एसआईटी
- जांच एजेंसी ने पूर्व डीजीपी की पत्नी के आरोप को नकारा
- बलवंत सिंह मुल्तानी केस की जांच कर रही एसआईटी
विस्तार
पंजाब पुलिस ने पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी की सुरक्षा वापस लेने से साफ इनकार किया है। साथ ही कहा कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में सिटको के पूर्व मुलाजिम बलवंत सिंह मुल्तानी के कत्ल केस में पहली जमानत अर्जी की सुनवाई से एक दिन पहले वह अपनी सुरक्षा घर पर छोड़कर फरार हो गए हैं।
एसआईटी के प्रवक्ता ने बुधवार को पूर्व डीजीपी सैनी की पत्नी के इस आरोप को नकार दिया कि उनके पति की सुरक्षा वापस ले ली गई है, जिससे उसकी जान को खतरा है। उल्लेखनीय है कि एसआईटी सुमेध सिंह सैनी के खिलाफ बलवंत सिंह मुल्तानी की हत्या के मामले की जांच कर रही है।
एसआईटी के प्रवक्ता ने कहा कि डीजीपी दिनकर गुप्ता को लिखी चिट्ठी में सैनी की पत्नी द्वारा जो दावा किया गया था, उसके उलट पूर्व डीजीपी की सुरक्षा, वाहन और अन्य साधनों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और उनको राज्य सरकार की तरफ से सुरक्षा बक्से और जैमर वाहन समेत जेड प्लस श्रेणी की मुहैया करवाई गई है। प्रवक्ता ने कहा कि सैनी की पत्नी की चिट्ठी से लगता है कि वह चंडीगढ़ आवास से गायब हो गए हैं। यह कत्ल केस में अग्रिम जमानत लेने के उनके दावे को मजबूत करने की एक कोशिश लगती है।
सैनी के घर के बाहर खड़े हैं सुरक्षा वाहन
प्रवक्ता ने कहा कि हकीकत यह है कि पूर्व डीजीपी चंडीगढ़ स्थित अपने आवास से पंजाब पुलिस के सुरक्षा वाहनों और कर्मचारियों को छोड़कर कहीं बाहर चले गए हैं और खुद ही अपनी सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं। जैमर वाहन और सुरक्षा वाहन अभी तक उनके आवास के बाहर खड़े देखे जा सकते हैं, जहां सुरक्षा कर्मचारी उनकी वापसी के इंतजार में समय गुजार रहे हैं।
पूर्व डीजीपी सैनी की अग्रिम जमानत याचिका पर उच्च न्यायालय में आज होगी सुनवाई
जिला अदालत से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की शरण में पहुंचे अब पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी की याचिका पर अदालत शुक्रवार को सुनवाई करेगी। सैनी ने अपनी याचिका में कहा है कि 2015 में एक रिटायर्ड पुलिसकर्मी गुरमीत सिंह पिंकी के आरोप के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
उन्होंने कहा कि 29 साल पुराने मामले में अब मामला दर्ज किया गया है, जिसका कोई औचित्य नहीं बनता है। यह पूरा मामला राजनीतिक रंजिश के चलते उन्हें फंसाने का है। इस मामले में गत 11 मई को मोहाली जिला अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत दे दी थी। इसके बाद पुलिस ने एफआईआर में हत्या की धाराओं को भी जोड़ दिया था। जिसके चलते 1 सितंबर को ट्रायल कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत को खारिज कर दिया था। 1 सितंबर की इसी आदेश के खिलाफ अब सैनी ने उच्च न्यायालय से गुहार लगाते हुए अग्रिम जमानत देने का आग्रह किया है।
यह है मामला
1991 में सुमेध सिंह सैनी जब चंडीगढ़ पुलिस में एसएसपी थे तब हुए एक आतंकी हमले की जांच के दौरान पुलिस ने बलवंत मुल्तानी को उसके घर से हिरासत में लिया था। आरोप है कि सैनी के आदेश पर पुलिस ने सेक्टर 11 और सेक्टर 17 के थानों में मुल्तानी को बुरी तरह टॉर्चर किया था।
1991 में बलवंत सिंह मुल्तानी के अपहरण के मामले में मोहाली पुलिस ने मई, 2020 में एफआईआर दर्ज की। मोहाली जिला अदालत ने सैनी को इस मामले में 11 मई को अग्रिम जमानत दे दी थी। बाद में इस एफआईआर में सैनी के खिलाफ धारा-302 जोड़ दी गई और 1 सितंबर को मोहाली की ट्रायल कोर्ट ने सैनी की अंतरिम जमानत के आदेश को रद्द कर दिया।