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Panchkula News: विद्यार्थियों ने वंचित बच्चों के सपनों को दी नई उड़ान
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तीन दिवसीय कार्यशाला में व्यक्तित्व विकास और जीवन कौशल की दी सीख
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। गर्मी की छुट्टियों में विद्यार्थियों ने समाजसेवा की प्रेरणादायी मिसाल पेश करते हुए नाडा गांव में वंचित बच्चों और बालिकाओं के लिए तीन दिवसीय कार्यशालाओं का आयोजन किया। करुण्यम सेतु फाउंडेशन, आशमान फाउंडेशन और भाव्या-सांझ के अभिभावकों के सहयोग से आयोजित इन कार्यशालाओं का उद्देश्य बच्चों को नई सीख और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम का नेतृत्व स्ट्रॉबेरी फील्ड्स हाई स्कूल की छात्राओं भाव्या और सांझ ने किया। कार्यशाला में सरकारी स्कूलों के बच्चों को आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने और स्वयं को बेहतर ढंग से अभिव्यक्त करने का प्रशिक्षण दिया गया। भाषा आधारित खेलों और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सीखने का नया अनुभव मिला।
भाव्या ने कहा कि इस पहल ने उन्हें सिखाया कि सच्चा नेतृत्व दूसरों को आगे बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने में है। वहीं सांझ ने बताया कि यह कार्यशाला सीखने और आपसी जुड़ाव का सुंदर माध्यम बनी। इसी क्रम में 17 वर्षीय शांभवी, जो मिस टीन कॉन्टिनेंट्स 2024 की विजेता और मिस टीन डीवा 2026 की फाइनलिस्ट हैं, ने भी समाजसेवा की अनूठी पहल की। उन्होंने ‘फैशन फॉर अ कॉज : ए बिगिनर्स गाइड टू एम्ब्रॉयडरी’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की।
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शांभवी ने अपनी पॉकेट मनी से कार्यक्रम का पूरा खर्च वहन किया। उन्होंने पुराने कपड़ों के रचनात्मक उपयोग के माध्यम से वंचित बालिकाओं को सिलाई और कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया। साथ ही आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और नेतृत्व से जुड़े महत्वपूर्ण जीवन कौशल भी साझा किए।
आयोजकों के अनुसार, यह पहल दर्शाती है कि सेवा भावना और स्पष्ट उद्देश्य के साथ युवा समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। ये युवा न केवल स्वयं आगे बढ़ रहे हैं, बल्कि जरूरतमंद बच्चों और बालिकाओं के सपनों को भी नई उड़ान दे रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। गर्मी की छुट्टियों में विद्यार्थियों ने समाजसेवा की प्रेरणादायी मिसाल पेश करते हुए नाडा गांव में वंचित बच्चों और बालिकाओं के लिए तीन दिवसीय कार्यशालाओं का आयोजन किया। करुण्यम सेतु फाउंडेशन, आशमान फाउंडेशन और भाव्या-सांझ के अभिभावकों के सहयोग से आयोजित इन कार्यशालाओं का उद्देश्य बच्चों को नई सीख और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम का नेतृत्व स्ट्रॉबेरी फील्ड्स हाई स्कूल की छात्राओं भाव्या और सांझ ने किया। कार्यशाला में सरकारी स्कूलों के बच्चों को आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने और स्वयं को बेहतर ढंग से अभिव्यक्त करने का प्रशिक्षण दिया गया। भाषा आधारित खेलों और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सीखने का नया अनुभव मिला।
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भाव्या ने कहा कि इस पहल ने उन्हें सिखाया कि सच्चा नेतृत्व दूसरों को आगे बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने में है। वहीं सांझ ने बताया कि यह कार्यशाला सीखने और आपसी जुड़ाव का सुंदर माध्यम बनी। इसी क्रम में 17 वर्षीय शांभवी, जो मिस टीन कॉन्टिनेंट्स 2024 की विजेता और मिस टीन डीवा 2026 की फाइनलिस्ट हैं, ने भी समाजसेवा की अनूठी पहल की। उन्होंने ‘फैशन फॉर अ कॉज : ए बिगिनर्स गाइड टू एम्ब्रॉयडरी’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की।
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शांभवी ने अपनी पॉकेट मनी से कार्यक्रम का पूरा खर्च वहन किया। उन्होंने पुराने कपड़ों के रचनात्मक उपयोग के माध्यम से वंचित बालिकाओं को सिलाई और कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया। साथ ही आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और नेतृत्व से जुड़े महत्वपूर्ण जीवन कौशल भी साझा किए।
आयोजकों के अनुसार, यह पहल दर्शाती है कि सेवा भावना और स्पष्ट उद्देश्य के साथ युवा समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। ये युवा न केवल स्वयं आगे बढ़ रहे हैं, बल्कि जरूरतमंद बच्चों और बालिकाओं के सपनों को भी नई उड़ान दे रहे हैं।