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Panchkula News: परीक्षा को लेकर बढ़ रहा तनाव, नींद-भूख से परेशान बच्चे पहुंच रहे डॉक्टर के पास
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पंचकूला। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की परीक्षा करीब आने के बाद विद्यार्थियों में घबराहट और तनाव के मामले बढ़ने लगे हैं। 10वीं और 12वीं की परीक्षा को लेकर अभिभावक बच्चों को लगातार मनोचिकित्सक के पास लेकर आ रहे हैं। बच्चों के दस से अधिक मामले सामने आ रहे हैं।
इसमें विद्यार्थियों की काउंसिलिंग कर तनाव से बचने के गुर भी बताए जा रहे हैं। शहर के सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में मनोेचिकित्सकों की ओपीडी में रोजाना दस बच्चे आ रहे हैं। नींद नहीं आने, भूख नहीं लगने और पढ़ने के बाद पेपर को लेकर घबराहट होने की शिकायत बच्चों में आमतौर पर मिल रही है। पंचकूला मनोचिकित्सक विभाग के हेड डॉ. एमपी शर्मा ने बताया कि लगातार मामले आने के बाद बच्चों को तनाव में नहीं रहने के लिए कहा जा रहा है। दिनभर पढ़ाई के बारे में सोचने की जगह वे बैडमिंटन, वॉकिंग और अन्य इनडोर गेम खेलें।
इस तरह के हैं मामले
सेक्टर-20 निवासी 12वीं के छात्र ने बताया पढ़ाई के बाद कई बार आत्मविश्वास में कमी महसूस होती है। इसे लेकर डॉक्टरों ने काउंसिलिंग कर इलाज किया। सेक्टर-10 निवासी दसवीं का विद्यार्थी लंबे सवाल से डरकर काउंसिलिंग कराने पहुंचा। डॉक्टर ने उनको डरने से मना किया है।
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इस तरह से करें तैयारी
पंचकूला सिविल अस्पताल के मनोचिकित्सक ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को 24 में से 6 से 8 घंटे सोना, 6 घंटे पढ़ाई, 2 घंटे एक्सरसाइज, 2 घंटे खेल, 30 मिनट मोबाइल और बचा समय खाने के साथ परिवार के साथ बिताएं। इसके अलावा कोई बात का डर है तो अभिभावक से खुलकर बात करें। अभिभावक भी बच्चों की बात को अनसुनी नहीं करें। उनका सपोर्ट करें।
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इसमें विद्यार्थियों की काउंसिलिंग कर तनाव से बचने के गुर भी बताए जा रहे हैं। शहर के सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में मनोेचिकित्सकों की ओपीडी में रोजाना दस बच्चे आ रहे हैं। नींद नहीं आने, भूख नहीं लगने और पढ़ने के बाद पेपर को लेकर घबराहट होने की शिकायत बच्चों में आमतौर पर मिल रही है। पंचकूला मनोचिकित्सक विभाग के हेड डॉ. एमपी शर्मा ने बताया कि लगातार मामले आने के बाद बच्चों को तनाव में नहीं रहने के लिए कहा जा रहा है। दिनभर पढ़ाई के बारे में सोचने की जगह वे बैडमिंटन, वॉकिंग और अन्य इनडोर गेम खेलें।
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इस तरह के हैं मामले
सेक्टर-20 निवासी 12वीं के छात्र ने बताया पढ़ाई के बाद कई बार आत्मविश्वास में कमी महसूस होती है। इसे लेकर डॉक्टरों ने काउंसिलिंग कर इलाज किया। सेक्टर-10 निवासी दसवीं का विद्यार्थी लंबे सवाल से डरकर काउंसिलिंग कराने पहुंचा। डॉक्टर ने उनको डरने से मना किया है।
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इस तरह से करें तैयारी
पंचकूला सिविल अस्पताल के मनोचिकित्सक ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को 24 में से 6 से 8 घंटे सोना, 6 घंटे पढ़ाई, 2 घंटे एक्सरसाइज, 2 घंटे खेल, 30 मिनट मोबाइल और बचा समय खाने के साथ परिवार के साथ बिताएं। इसके अलावा कोई बात का डर है तो अभिभावक से खुलकर बात करें। अभिभावक भी बच्चों की बात को अनसुनी नहीं करें। उनका सपोर्ट करें।