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Panchkula News: लोन लेकर शुरू किया व्यवसाय, अब बना रहीं 15 तरह के अचार
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पंचकूला। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन लगातार सफलता की कहानियां लिख रहा है। इसी मिशन से जुड़कर पानीपत की निर्मला देवी ने स्वयं सहायता समूह के जरिये हजारों रुपये का लोन लेकर अचार बनाने का छोटा व्यवसाय शुरू किया।
कभी घर के उपयोग के लिए अचार बनाने वाली निर्मला देवी ने मेहनत और गुणवत्ता के दम पर इसे बड़े व्यवसाय में बदल दिया। शुरुआती दिनों में संसाधनों की कमी और सीमित बाजार उनकी सबसे बड़ी चुनौती थी। समूह की अन्य महिलाओं का सहयोग और आजीविका मिशन द्वारा दिए गए प्रशिक्षण ने उनकी राह आसान कर दी।
उन्होंने आस पड़ोस और आस-पास की दुकानों में अचार उपलब्ध कराया। धीरे-धीरे घर में 15 किस्म के अचार बनाने लगीं। इसमें आम, नींबू, हरी मिर्च, गाजर, अंगूर, मूली, नारियल, शकरकंद, अदरक, लहसुन, आंवला और अन्य पारंपरिक स्वाद वाले अचार शामिल किए। बढ़ती मांग को देखते हुए उन्होंने उत्पादन और पैकिंग में सुधार किया।
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आज उनके अचार की सप्लाई न केवल पानीपत और हरियाणा में बल्कि अन्य राज्यों में भी हो रही है। उन्हें कई शहरों से ऑर्डर मिल रहे हैं। लोन से शुरू हुआ व्यवसाय आज लाखों रुपये तक पहुंच चुका है। व्यवसाय से हुई आय ने परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह बदल दी है और अब वह अपने अन्य खर्च आसानी से पूरा कर पा रही हैं। निर्मला देवी का कहना है कि स्वयं सहायता समूह ने न केवल आर्थिक मदद दी बल्कि आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और बाजार की समझ भी विकसित की।
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कभी घर के उपयोग के लिए अचार बनाने वाली निर्मला देवी ने मेहनत और गुणवत्ता के दम पर इसे बड़े व्यवसाय में बदल दिया। शुरुआती दिनों में संसाधनों की कमी और सीमित बाजार उनकी सबसे बड़ी चुनौती थी। समूह की अन्य महिलाओं का सहयोग और आजीविका मिशन द्वारा दिए गए प्रशिक्षण ने उनकी राह आसान कर दी।
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उन्होंने आस पड़ोस और आस-पास की दुकानों में अचार उपलब्ध कराया। धीरे-धीरे घर में 15 किस्म के अचार बनाने लगीं। इसमें आम, नींबू, हरी मिर्च, गाजर, अंगूर, मूली, नारियल, शकरकंद, अदरक, लहसुन, आंवला और अन्य पारंपरिक स्वाद वाले अचार शामिल किए। बढ़ती मांग को देखते हुए उन्होंने उत्पादन और पैकिंग में सुधार किया।
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आज उनके अचार की सप्लाई न केवल पानीपत और हरियाणा में बल्कि अन्य राज्यों में भी हो रही है। उन्हें कई शहरों से ऑर्डर मिल रहे हैं। लोन से शुरू हुआ व्यवसाय आज लाखों रुपये तक पहुंच चुका है। व्यवसाय से हुई आय ने परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह बदल दी है और अब वह अपने अन्य खर्च आसानी से पूरा कर पा रही हैं। निर्मला देवी का कहना है कि स्वयं सहायता समूह ने न केवल आर्थिक मदद दी बल्कि आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और बाजार की समझ भी विकसित की।