{"_id":"61bce6c8a56f7f5e686288a0","slug":"sports-in-tau-devi-lal-sports-complex-sai-approved-to-prepare-players-for-athletics-boxing-and-badminton-pkl-office-news-pkl4364068198","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेलकूद : ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में साई ने एथलेटिक्स, बॉक्सिंग और बैडमिंटन के खिलाड़ी तैयार करने को दी मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेलकूद : ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में साई ने एथलेटिक्स, बॉक्सिंग और बैडमिंटन के खिलाड़ी तैयार करने को दी मंजूरी
विज्ञापन
पंचकूला। ओलंपिक स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (केआईएससीई) पंचकूला में खोलने की तैयारी चल रही है। इसके लिए स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) ने तीन खेलों एथलेटिक्स, बॉक्सिंग और बैडमिंटन को चुना है। इन तीनों खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को रिहायशी खेल नर्सरी की भी सुविधा मिलेगी। यहां प्रदेश से चुने करीब 100 महिला और पुरुष वर्ग के खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि उन्हें ओलंपिक स्तर पर तैयार किया जा सके। केआईएससीई में अपग्रेड होने वाले पंचकूला में केंद्र सरकार हाई परफार्मेंस मैनेजर, स्पोर्ट्स साइंस एक्सपर्ट और कोच की नियुक्ति करेगी। इन सभी सेंटर पर ट्रेनिंग के लिए मॉडर्न इक्यूपमेंट और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
केआईएससीई का मैनेजमेंट राज्य के खेल विभाग की होगी
केआईएससीई का मैनेजमेंट राज्य के खेल विभाग की होगी। साथ ही केंद्र सरकार जिन ओलंपिक खेलों को सपोर्ट कर रही है, उन खेलों के टैलेंट को तलाशने की जिम्मेदारी भी राज्य की ही होगी। कोच, सपोर्ट स्टाफ, खेल एक्यूपमेंट और बुनियादी सुविधाएं खेलो इंडिया स्कीम के तहत दी जाएंगी। वहीं खिलाड़ियों के परफॉरर्मेंस, सुविधाओं और ट्रेनिंग पर नजर रखने के लिए स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (साई) एक स्पेशल टीम तैनात करेगी।
खिलाड़ियों को मिलेगी सुविधा
सेक्टर-3 स्थित ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में राज्य का पहला खेल-चोट एवं पुनर्वास केंद्र तैयार किया जा रहा है। यह सेंटर फरवरी 2022 में आयोजित होने वाले खेलो इंडिया गेम्स से पहले बनकर तैयार हो जाएगा। इसकी पुष्टि हरियाणा खेल एवं युवा राज्यमंत्री संदीप सिंह की है। इस सेंटर के स्थापित होने से स्पोर्ट्स ग्राउंड में चोटिल होने वाले खिलाड़ियों को राहत मिलेगी। यहां उन्हें प्रदेश भर के खिलाड़ियों के लिए आधुनिक खेल सुविधाएं प्रदान करने के लिए सरकार ने तैयारी की है।
विज्ञापन
इसके तहत खिलाड़ियों को खेल के दौरान होने वाली इंजरी से निपटने के लिए सुविधाएं दी जाएंगी। इसके तहत यदि किसी खिलाड़ी को चोट लग जाती है, तो उसका उपचार इन पुनर्वास केंद्रों में हो सकेगा। इसके लिए जिला स्तर पर खेल अधिकारी की संस्तुति के बाद संबंधित केंद्र पर जाना होगा। यहां पर उनके रहने, प्रशिक्षण की व्यवस्था तो होगी, साथ ही खिलाड़ी का उपचार भी किया जाएगा। इसके लिए खिलाड़ी का उपचार डाक्टर करेंगे, वहीं फिजियोथेरेपिस्ट भी खिलाड़ी की मदद करेंगे।
विज्ञापन
केआईएससीई का मैनेजमेंट राज्य के खेल विभाग की होगी
केआईएससीई का मैनेजमेंट राज्य के खेल विभाग की होगी। साथ ही केंद्र सरकार जिन ओलंपिक खेलों को सपोर्ट कर रही है, उन खेलों के टैलेंट को तलाशने की जिम्मेदारी भी राज्य की ही होगी। कोच, सपोर्ट स्टाफ, खेल एक्यूपमेंट और बुनियादी सुविधाएं खेलो इंडिया स्कीम के तहत दी जाएंगी। वहीं खिलाड़ियों के परफॉरर्मेंस, सुविधाओं और ट्रेनिंग पर नजर रखने के लिए स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (साई) एक स्पेशल टीम तैनात करेगी।
विज्ञापन
खिलाड़ियों को मिलेगी सुविधा
सेक्टर-3 स्थित ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में राज्य का पहला खेल-चोट एवं पुनर्वास केंद्र तैयार किया जा रहा है। यह सेंटर फरवरी 2022 में आयोजित होने वाले खेलो इंडिया गेम्स से पहले बनकर तैयार हो जाएगा। इसकी पुष्टि हरियाणा खेल एवं युवा राज्यमंत्री संदीप सिंह की है। इस सेंटर के स्थापित होने से स्पोर्ट्स ग्राउंड में चोटिल होने वाले खिलाड़ियों को राहत मिलेगी। यहां उन्हें प्रदेश भर के खिलाड़ियों के लिए आधुनिक खेल सुविधाएं प्रदान करने के लिए सरकार ने तैयारी की है।
विज्ञापन
इसके तहत खिलाड़ियों को खेल के दौरान होने वाली इंजरी से निपटने के लिए सुविधाएं दी जाएंगी। इसके तहत यदि किसी खिलाड़ी को चोट लग जाती है, तो उसका उपचार इन पुनर्वास केंद्रों में हो सकेगा। इसके लिए जिला स्तर पर खेल अधिकारी की संस्तुति के बाद संबंधित केंद्र पर जाना होगा। यहां पर उनके रहने, प्रशिक्षण की व्यवस्था तो होगी, साथ ही खिलाड़ी का उपचार भी किया जाएगा। इसके लिए खिलाड़ी का उपचार डाक्टर करेंगे, वहीं फिजियोथेरेपिस्ट भी खिलाड़ी की मदद करेंगे।