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झुरीवाला की जगह कहीं और लगाया जा सकता है सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट
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चंडीगढ़। पंचकूला के झुरीवाला गांव में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट आरंभ होने तक कचरा गिराने पर रोक लगाने की मांग पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा व केंद्र सरकार को 1 नवंबर तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। साथ ही पूछा है कि क्या इसके अतिरिक्त किसी अन्य स्थान पर यह प्लांट लगाया जा सकता है।
याचिका दाखिल करते हुए सिटीजन कमेटी हाउस ऑनर्स तथा शिवालिक विकास मंच के अध्यक्ष विजय बंसल की ओर से बताया गया कि पूरे पंचकूला का कचरा झुरीवाला में गिराया जा रहा है। याची ने कहा कि प्लांट के लिए अभी तक कई मंजूरियां नहीं ली गई हैं। नियमों के अनुसार डंपिंग की जगह आबादी से कम से कम दो किलोमीटर दूर होनी चाहिए, लेकिन झुरीवाला आबादी के बहुत करीब है। प्लांट स्थापित करने के लिए एनवायरमेंट क्लीयरेंस जरूरी है और अभी तक यह नहीं ली गई है। यह कचरा वन क्षेत्र मे डाला जा रहा है जिससे पर्यावरण पर बुरा असर हो रहा है।
कचरा फेंकने के लिए जिम्मेदार लोगों पर लगाएं जुर्माना
याची ने बताया कि इस क्षेत्र का भूजल लगातार प्रदूषित हो रहा है। इसके अध्ययन के लिए शोध की आवश्यकता है। याचिका में अपील की गई है कि वन क्षेत्र में कचरा फेंकने के लिए जिम्मेदार लोगों पर जुर्माना लगाया जाए। याची ने बताया कि इस प्लांट को लेकर दायर याचिका पर हरियाणा सरकार ने कहा था कि जब तक सभी मंजूरियां नहीं ली जातीं, जब तक प्लांट नहीं लगाया जाएगा। अभी तक मंजूरियां नहीं ली गई हैं और कचरा लगातार गिराया जा रहा है। इस प्लांट के लिए ली गई अनुमति मार्च 2020 में ही खत्म हो चुकी है।
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विधायक के मुख्यमंत्री को दूसरी जगह के चयन के लिखा पत्र
यह भी बताया कि स्थानीय एमएलए ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है कि इस स्थान पर प्लांट न लगाया जाए और किसी अन्य स्थान का चयन किया जाए। इस सब के बावजूद नियमों को अनदेखा कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इस मामले में याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए हरियाणा व केंद्र सरकार ने समय मांगा। इसपर हाईकोर्ट ने दोनों को 1 नवंबर की मोहलत देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी।
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याचिका दाखिल करते हुए सिटीजन कमेटी हाउस ऑनर्स तथा शिवालिक विकास मंच के अध्यक्ष विजय बंसल की ओर से बताया गया कि पूरे पंचकूला का कचरा झुरीवाला में गिराया जा रहा है। याची ने कहा कि प्लांट के लिए अभी तक कई मंजूरियां नहीं ली गई हैं। नियमों के अनुसार डंपिंग की जगह आबादी से कम से कम दो किलोमीटर दूर होनी चाहिए, लेकिन झुरीवाला आबादी के बहुत करीब है। प्लांट स्थापित करने के लिए एनवायरमेंट क्लीयरेंस जरूरी है और अभी तक यह नहीं ली गई है। यह कचरा वन क्षेत्र मे डाला जा रहा है जिससे पर्यावरण पर बुरा असर हो रहा है।
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कचरा फेंकने के लिए जिम्मेदार लोगों पर लगाएं जुर्माना
याची ने बताया कि इस क्षेत्र का भूजल लगातार प्रदूषित हो रहा है। इसके अध्ययन के लिए शोध की आवश्यकता है। याचिका में अपील की गई है कि वन क्षेत्र में कचरा फेंकने के लिए जिम्मेदार लोगों पर जुर्माना लगाया जाए। याची ने बताया कि इस प्लांट को लेकर दायर याचिका पर हरियाणा सरकार ने कहा था कि जब तक सभी मंजूरियां नहीं ली जातीं, जब तक प्लांट नहीं लगाया जाएगा। अभी तक मंजूरियां नहीं ली गई हैं और कचरा लगातार गिराया जा रहा है। इस प्लांट के लिए ली गई अनुमति मार्च 2020 में ही खत्म हो चुकी है।
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विधायक के मुख्यमंत्री को दूसरी जगह के चयन के लिखा पत्र
यह भी बताया कि स्थानीय एमएलए ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है कि इस स्थान पर प्लांट न लगाया जाए और किसी अन्य स्थान का चयन किया जाए। इस सब के बावजूद नियमों को अनदेखा कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इस मामले में याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए हरियाणा व केंद्र सरकार ने समय मांगा। इसपर हाईकोर्ट ने दोनों को 1 नवंबर की मोहलत देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी।