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आईटीबीपी की ओर से नॉन जीडी रिक्रूट बैच का दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ
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पंचकूला। प्राथमिक प्रशिक्षण केंद्र आईटीबीपी भानू में बुधवार को 167वें नॉन जीडी रिक्रूट बैच का दीक्षांत एवं शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। इसमें भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के 594 प्रशिक्षणार्थियों ने हिस्सा लिया। इसमें 16 राज्यों के 521 हिमवीर और 73 हिमवीरांगनाओं ने हिस्सा लिया। दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि आईटीबीपी पश्चिमी कमान अपर महानिदेशक मनोज रावत ने शिरकत की।
इस मौके पर आईटीबीपी के महानिरीक्षक ईश्वर सिंह दुहन ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। इसमें बल के विभिन्न ट्रेड के प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया। दीक्षांत समारोह में एसके, कोबलर, बारबर, वासरमैन, गार्डनर, टेलीकाम में सेवा देने वाले शामिल रहे। परेड की कमान कांस्टेबल लालचंद 21वीं वाहिनी की ओर से संभाली गई। इस समारोह में आईटीबीपी के उपमहानिरीक्षक अश्वनी कुमार डोगरा, राजेश शर्मा, सेनानी विक्रांत थपलियाल एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। इसमें शैक्षिक स्तर 10वीं पास 19, 12वीं पास 180, स्नातक 339 और स्नाकोत्तर 56 कांस्टेबल हैं। सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षणार्थी कांस्टेबल अविनाश पाण्डुरंग वाहिनी आरटीसी शिवगंगई को घोषित किया गया। उन्होंने विजेताओं को ट्राफियां देकर सम्मानित किया। सभी प्रशिक्षणार्थियों को बेसिक प्रशिक्षण पूर्ण करने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
उन्होंने बताया कि आप सभी प्रशिक्षणार्थी अपनी बेसिक ट्रेनिंग पूर्ण करके इस बल के हिमवीर परिवार में एक प्रशिक्षित सदस्य के रूप में शामिल हो गए हैं। आप सभी बहुत भाग्यशाली हैं कि आप सभी को देश सेवा का अवसर आईटीबीपी जैसे अनुशासित बल में प्राप्त हुआ है। जवानों ने इस केंद्र में जो ज्ञान अर्जित किया है उसे कायम रखते हुए अपने जीवन में अधिक सीखने का प्रयास करेंगे। तत्पश्चात बैंड का प्रदर्शन, पीटी प्रदर्शन, वन मिनट ड्रिल और बल की जांबाज टीम की ओर से बाइक पर विभिन्न प्रकार के प्रदर्शन किए गए, जिसे दर्शक दीर्घा में बैठे हुए लोगों की ओर से बहुत सराहना की गई। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक सैनिक को वास्तविक युद्घ में तैनात होने की तैयारी के लिए पूरी तरह प्रशिक्षित करना है। इस प्रशिक्षण में महिलाओं ने अपनी विशेष भूमिका निभाई। यह महिला सशक्तीकरण का एक उदाहरण है कि अपनी देश की सेवा के लिए महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। कार्यक्रम के अंत में आईटीबीपी के महानिरीक्षक ईश्वर सिंह दुहन ने सभी के उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
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24 सप्ताह के कठोर प्रशिक्षण ने प्रत्येक महिला को तन, मन और धन से मजबूत बनाया है, ताकि देश की सेवा के साथ-साथ अपनी पारिवारिक जिम्मेवारियां भी निभा सके। प्रशिक्षण के दौरान महानिरीक्षक ईश्वर सिंह दुहन की ओर से सभी प्रशिक्षणार्थियों का मनोबल बढ़ाया गया है। शारीरिक और मानसिक रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से इन प्रशिक्षणार्थियों को ड्रिल, वैपन, मैप रीडिंग तथा हथियारों की सिखलाई इत्यादि विषयों पर 24 सप्ताह का कठोर प्रशिक्षण दिया गया है। इससे प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी आने वाली सभी चुनौतियों का सामना आसानी से कर सकेंगे।
अनुशासन के साथ करेंगे ड्यूटी
24 सप्ताह का कठिन प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अब हम ड्यूटी ज्वाइन करेंगे। हम अपने जीवन में हमेशा अनुशासन को बनाए रखेंगे। यहां का प्रशिक्षण हमेशा हमारे जीवन में काम आएगा। -पंकज नामदेव, जवान, आईटीबीपी
जीवन भर याद रहेंगे यह पल
जिस तरह से प्रशिक्षण खत्म होने क बाद दीक्षांत समारोह मनाया गया है। यह पल हमें जीवन भर याद रहेंगे। मैं सभी आईटीबीपी परिवार के लोगों का धन्यवाद करता हूं उन्होंने हमें बहुत स्नेह दिया। -आशीष कुमार, जवान, आईटीबीपी
महिलाओं को दी जा रही अच्छी ट्रेनिंग
आईटीबीपी ज्वाइन करने के बाद हमें अच्छा प्रशिक्षण मिला है। हमें कहीं भी कम नहीं समझा गया है। ट्रेनिंग के दौरान जो अनुशासन हमने सीखा है। हम इस पर खरा उतरेंगे। -ज्योति, महिला जवान, आईटीबीपी
प्रशिक्षण के बाद इमानदारी से करेंगे ड्यूटी
प्रशिक्षण में हमें अनुशासन के साथ इमानदारी से ड्यूटी करने की सीख मिली है। हम इसका पूरी तरह से अनुसरण करेंगे। यह प्रशिक्षण हमारे जीवन में बहुत उपयोगी है। मैं आईटीबीपी के सभी अधिकारियों का धन्यवाद करती हूं। -दीक्षा यादव, महिला जवान, आईटीबीपी
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इस मौके पर आईटीबीपी के महानिरीक्षक ईश्वर सिंह दुहन ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। इसमें बल के विभिन्न ट्रेड के प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया। दीक्षांत समारोह में एसके, कोबलर, बारबर, वासरमैन, गार्डनर, टेलीकाम में सेवा देने वाले शामिल रहे। परेड की कमान कांस्टेबल लालचंद 21वीं वाहिनी की ओर से संभाली गई। इस समारोह में आईटीबीपी के उपमहानिरीक्षक अश्वनी कुमार डोगरा, राजेश शर्मा, सेनानी विक्रांत थपलियाल एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। इसमें शैक्षिक स्तर 10वीं पास 19, 12वीं पास 180, स्नातक 339 और स्नाकोत्तर 56 कांस्टेबल हैं। सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षणार्थी कांस्टेबल अविनाश पाण्डुरंग वाहिनी आरटीसी शिवगंगई को घोषित किया गया। उन्होंने विजेताओं को ट्राफियां देकर सम्मानित किया। सभी प्रशिक्षणार्थियों को बेसिक प्रशिक्षण पूर्ण करने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
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उन्होंने बताया कि आप सभी प्रशिक्षणार्थी अपनी बेसिक ट्रेनिंग पूर्ण करके इस बल के हिमवीर परिवार में एक प्रशिक्षित सदस्य के रूप में शामिल हो गए हैं। आप सभी बहुत भाग्यशाली हैं कि आप सभी को देश सेवा का अवसर आईटीबीपी जैसे अनुशासित बल में प्राप्त हुआ है। जवानों ने इस केंद्र में जो ज्ञान अर्जित किया है उसे कायम रखते हुए अपने जीवन में अधिक सीखने का प्रयास करेंगे। तत्पश्चात बैंड का प्रदर्शन, पीटी प्रदर्शन, वन मिनट ड्रिल और बल की जांबाज टीम की ओर से बाइक पर विभिन्न प्रकार के प्रदर्शन किए गए, जिसे दर्शक दीर्घा में बैठे हुए लोगों की ओर से बहुत सराहना की गई। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक सैनिक को वास्तविक युद्घ में तैनात होने की तैयारी के लिए पूरी तरह प्रशिक्षित करना है। इस प्रशिक्षण में महिलाओं ने अपनी विशेष भूमिका निभाई। यह महिला सशक्तीकरण का एक उदाहरण है कि अपनी देश की सेवा के लिए महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। कार्यक्रम के अंत में आईटीबीपी के महानिरीक्षक ईश्वर सिंह दुहन ने सभी के उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
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अनुशासन के साथ करेंगे ड्यूटी
24 सप्ताह का कठिन प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अब हम ड्यूटी ज्वाइन करेंगे। हम अपने जीवन में हमेशा अनुशासन को बनाए रखेंगे। यहां का प्रशिक्षण हमेशा हमारे जीवन में काम आएगा। -पंकज नामदेव, जवान, आईटीबीपी
जीवन भर याद रहेंगे यह पल
जिस तरह से प्रशिक्षण खत्म होने क बाद दीक्षांत समारोह मनाया गया है। यह पल हमें जीवन भर याद रहेंगे। मैं सभी आईटीबीपी परिवार के लोगों का धन्यवाद करता हूं उन्होंने हमें बहुत स्नेह दिया। -आशीष कुमार, जवान, आईटीबीपी
महिलाओं को दी जा रही अच्छी ट्रेनिंग
आईटीबीपी ज्वाइन करने के बाद हमें अच्छा प्रशिक्षण मिला है। हमें कहीं भी कम नहीं समझा गया है। ट्रेनिंग के दौरान जो अनुशासन हमने सीखा है। हम इस पर खरा उतरेंगे। -ज्योति, महिला जवान, आईटीबीपी
प्रशिक्षण के बाद इमानदारी से करेंगे ड्यूटी
प्रशिक्षण में हमें अनुशासन के साथ इमानदारी से ड्यूटी करने की सीख मिली है। हम इसका पूरी तरह से अनुसरण करेंगे। यह प्रशिक्षण हमारे जीवन में बहुत उपयोगी है। मैं आईटीबीपी के सभी अधिकारियों का धन्यवाद करती हूं। -दीक्षा यादव, महिला जवान, आईटीबीपी