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Panchkula News: लद्दाख हिंसा मामले की न्यायिक जांच का एसकेएम ने किया स्वागत
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने लद्दाख हिंसा मामले की न्यायिक जांच करवाने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया है। एसकेएम के अनुसार यह न्यायिक जांच लद्दाख की जनता के लोकतांत्रिक आंदोलन की एक प्रमुख मांग थी।
एसकेएम ने एपेक्स बॉडी लेह (एबीएल) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के (केडीए) 22 अक्तूबर को केंद्र सरकार के साथ वार्ता फिर से शुरू करने के निर्णय का भी स्वागत करता है। मोर्चे ने कहा कि पुलिस को न्यूनतम बल का प्रयोग करना चाहिए। अगर आवश्यकता पड़े तो भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गोली केवल घुटनों के नीचे मारी जानी चाहिए, इसलिए मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच जरूरी है।
उन्होंने हिंसा और फायरिंग पर न्यायिक जांच के साथ सभी आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। एसकेएम एनएसए को रद्द करने, सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, सभी आंदोलनकारियों के विरुद्ध दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की है।
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चंडीगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने लद्दाख हिंसा मामले की न्यायिक जांच करवाने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया है। एसकेएम के अनुसार यह न्यायिक जांच लद्दाख की जनता के लोकतांत्रिक आंदोलन की एक प्रमुख मांग थी।
एसकेएम ने एपेक्स बॉडी लेह (एबीएल) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के (केडीए) 22 अक्तूबर को केंद्र सरकार के साथ वार्ता फिर से शुरू करने के निर्णय का भी स्वागत करता है। मोर्चे ने कहा कि पुलिस को न्यूनतम बल का प्रयोग करना चाहिए। अगर आवश्यकता पड़े तो भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गोली केवल घुटनों के नीचे मारी जानी चाहिए, इसलिए मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच जरूरी है।
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उन्होंने हिंसा और फायरिंग पर न्यायिक जांच के साथ सभी आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। एसकेएम एनएसए को रद्द करने, सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, सभी आंदोलनकारियों के विरुद्ध दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की है।
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