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हालात : तकनीकी कारण से नहीं हुई सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट की बोली
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पंचकूला। गांव झूरीवाला में निगम 47 करोड़ रुपये की लागत से सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट लगाएगा। इसका निगम अधिकारियों ने टेंडर लगा दिया है। 22 अक्तूबर को टेक्निकल बोली होनी थी, लेकिन तकनीकी कारणों से बोली नहीं हो सकी। अब यह बिड 30 नवंबर को खुलेगा। वहीं, फाइनेंशियल बिड (बोली) खोलने के लिए कोई समय निर्धारित नहीं किया गया है। संभावना है कि नवंबर में फाइनेंशियल बिड खोलने के बाद टेंडर अलॉट किया जाएगा। टेंडर में 215 टन कूड़ा शहर का बताया गया है, जिसे ट्रीट किया जाना है।
नियमों और शर्तों के अनुसार पंचकूला कलस्टर के लिए कूड़ा एकत्रित करना, ट्रांसर्पोटेशन, प्रसंस्करण सुविधाओं की स्थापना के लिए एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना और अन्य प्रसंस्करण अस्वीकार और सेनिटरी लैंडफिल में निष्क्रिय करना होगा। एचएसवीपी, हाउसिंग बोर्ड, एचएसआईआईडीसी, लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों, संस्थान और निजी टाउनशिप आदि के तहत यूएलबी के तहत नगर निगम क्षेत्र से कूड़े का ट्रीटमेंट किया जाएगा। पंचकूला कलस्टर में पंचकूला के अलावा कोई अन्य क्षेत्र जिसे स्थानीय निकाय विभाग चाहे जोड़ सकता है। कंपनी अपनी मर्जी से लोगों से चार्ज नहीं वसूल सकेगी। हरियाणा सरकार द्वारा अधिसूचित शुल्क ही लेना होगा।
रोजाना 215 टन कूड़ा ट्रीट होगा
रोजाना 215 टन कूड़ा ट्रीटमेंट करने की योजना है। निगम के आंकड़ों के हिसाब से शहर से रोजाना 200 टन कूड़ा सेक्टर-23 के डंपिंग ग्राउंड में पहुंच रहा था। इस कारण डंपिंग ग्राउंड अब 20 फीट ऊंचा हो गया है, जोकि एक पहाड़ के रूप में नजर आ रहा है। शिवालिक की पहाड़ियों के साथ बसे पंचकूला जैसे हरे-भरे शहर और इस की आबोहवा को डंपिंग ग्राउंड बदसूरत बना रहा है। अब इसे झूरीवाला में शिफ्ट कर दिया गया है। सेक्टर-23 के इस डंपिंग ग्राउंड से मात्र 100 कदम की दूरी पर ही 100 करोड़ की लागत से हरियाणा सरकार द्वारा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी की भव्य इमारत तैयार की जा रही है। इसका करीब 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो गया है।
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यह करना होगा कंपनी को
- सफल कंपनी को गीला, सूखा कूड़ा अलग-अलग घर-घर जाकर एकत्रित करना होगा।
- पंचकूला कलस्टर द्वारा स्थापित निर्धारित जगहों से सड़क पर सफाई करने से एकत्रित कचरे का ट्रांसपोर्टेशन करना होगा।
- दूसरे कलेक्शन प्वाइंट से प्रसंस्करण सुविधाओं तक का ट्रांसपोर्टेेशन समझौते के अनुसार करना होगा।
- रियायतग्राही ठोस कचरे के भंडारण और संग्रह के लिए उपयुक्त स्थानों पर लागू कानूनों के अनुसार डिब्बे का उपयोग और तैनाती करने का प्रयास करेगा।
- पंचकूला कलस्टर की प्रसंस्करण सुविधाओं के लिए एमएसडब्ल्यू के परिवहन की सुविधा के लिए स्थानांतरण स्टेशनों (यदि आवश्यक हो) की स्थापना और प्रबंधन।
- पंचकूला परियोजना स्थल पर प्रसंस्करण सुविधाओं को डिजाइन और स्थापित करना।
- जैविक कचरे के जैविक उपचार और डिजाइन क्षमता के सैनिटरी लैंडफिल के साथ कचरे के प्रसंस्करण के लिए और प्रत्येक साइट पर एलेचेट उपचार सुविधा स्थापित करना।
घग्गर पार सेक्टर के लोग डंपिंग ग्राउंड के कारण काफी परेशान थे। अब इसे झूरीवाला में शिफ्ट कर दिया है। जल्द ही सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट मैनेजमेंट प्लांट का टेंडर अलॉट कर दिया जाएगा। प्लांट लगने के बाद किसी को समस्या नहीं रहेगी। - कुलभूषण गोयल, मेयर पंचकूला।
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नियमों और शर्तों के अनुसार पंचकूला कलस्टर के लिए कूड़ा एकत्रित करना, ट्रांसर्पोटेशन, प्रसंस्करण सुविधाओं की स्थापना के लिए एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना और अन्य प्रसंस्करण अस्वीकार और सेनिटरी लैंडफिल में निष्क्रिय करना होगा। एचएसवीपी, हाउसिंग बोर्ड, एचएसआईआईडीसी, लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों, संस्थान और निजी टाउनशिप आदि के तहत यूएलबी के तहत नगर निगम क्षेत्र से कूड़े का ट्रीटमेंट किया जाएगा। पंचकूला कलस्टर में पंचकूला के अलावा कोई अन्य क्षेत्र जिसे स्थानीय निकाय विभाग चाहे जोड़ सकता है। कंपनी अपनी मर्जी से लोगों से चार्ज नहीं वसूल सकेगी। हरियाणा सरकार द्वारा अधिसूचित शुल्क ही लेना होगा।
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रोजाना 215 टन कूड़ा ट्रीट होगा
रोजाना 215 टन कूड़ा ट्रीटमेंट करने की योजना है। निगम के आंकड़ों के हिसाब से शहर से रोजाना 200 टन कूड़ा सेक्टर-23 के डंपिंग ग्राउंड में पहुंच रहा था। इस कारण डंपिंग ग्राउंड अब 20 फीट ऊंचा हो गया है, जोकि एक पहाड़ के रूप में नजर आ रहा है। शिवालिक की पहाड़ियों के साथ बसे पंचकूला जैसे हरे-भरे शहर और इस की आबोहवा को डंपिंग ग्राउंड बदसूरत बना रहा है। अब इसे झूरीवाला में शिफ्ट कर दिया गया है। सेक्टर-23 के इस डंपिंग ग्राउंड से मात्र 100 कदम की दूरी पर ही 100 करोड़ की लागत से हरियाणा सरकार द्वारा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी की भव्य इमारत तैयार की जा रही है। इसका करीब 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो गया है।
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यह करना होगा कंपनी को
- सफल कंपनी को गीला, सूखा कूड़ा अलग-अलग घर-घर जाकर एकत्रित करना होगा।
- पंचकूला कलस्टर द्वारा स्थापित निर्धारित जगहों से सड़क पर सफाई करने से एकत्रित कचरे का ट्रांसपोर्टेशन करना होगा।
- दूसरे कलेक्शन प्वाइंट से प्रसंस्करण सुविधाओं तक का ट्रांसपोर्टेेशन समझौते के अनुसार करना होगा।
- रियायतग्राही ठोस कचरे के भंडारण और संग्रह के लिए उपयुक्त स्थानों पर लागू कानूनों के अनुसार डिब्बे का उपयोग और तैनाती करने का प्रयास करेगा।
- पंचकूला कलस्टर की प्रसंस्करण सुविधाओं के लिए एमएसडब्ल्यू के परिवहन की सुविधा के लिए स्थानांतरण स्टेशनों (यदि आवश्यक हो) की स्थापना और प्रबंधन।
- पंचकूला परियोजना स्थल पर प्रसंस्करण सुविधाओं को डिजाइन और स्थापित करना।
- जैविक कचरे के जैविक उपचार और डिजाइन क्षमता के सैनिटरी लैंडफिल के साथ कचरे के प्रसंस्करण के लिए और प्रत्येक साइट पर एलेचेट उपचार सुविधा स्थापित करना।
घग्गर पार सेक्टर के लोग डंपिंग ग्राउंड के कारण काफी परेशान थे। अब इसे झूरीवाला में शिफ्ट कर दिया है। जल्द ही सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट मैनेजमेंट प्लांट का टेंडर अलॉट कर दिया जाएगा। प्लांट लगने के बाद किसी को समस्या नहीं रहेगी। - कुलभूषण गोयल, मेयर पंचकूला।