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हालात : बिना मंजूरी और फीस जमा किए मोबाइल कंपनियां बिछा रहीं तार, कंपनी के कर्मचारी गड्ढा खोदने के बाद भरना भूल जाते हैं

Wed, 01 Sep 2021 01:50 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 01 Sep 2021 01:50 AM IST
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Situation: Mobile companies are laying wires without approval and depositing fees, the company's employees forget to fill after digging the pit.
पंचकूला। शहर में जगह-जगह मोबाइल कंपनियों द्वारा तार बिछाने का काम धड़ल्ले से किया जा रहा है और निगम को फीस भी नहीं भरी जा रही। औद्योगिक क्षेत्र में मोबाइल कंपनी द्वारा बिना फीस भरे ही तारें बिछाने का काम किया जा रहा है। मंगलवार को पार्षद जय कौशिक और पार्षद सुरेश वर्मा ने मौके का दौरा किया तो देखा कि बिना कोई फीस भरे ही मोबाइल कंपनी द्वारा औद्योगिक क्षेत्र में जगह-जगह गड्ढे खोद दिए गए और काफी तारें बिछाई जा चुकी थी। पार्षदों ने संबंधित कंपनी के अधिकारियों से नगर निगम की फीस भरने और परमिशन लेटर दिखाने के लिए कहा तो उनके द्वारा लेटर ऑफ इंटेंट दिखाया गया, जिसमें केवल परमिशन मांगी गई थी। इसके बाद लगभग सवा करोड़ रुपये कंपनी द्वारा निगम को फीस भरने के बाद ही काम शुरू किया जा सकता था, लेकिन लेटर ऑफ इंटेंट मिलते ही कंपनी द्वारा लगभग 75 प्रतिशत तारें बिछाई जा चुकी हैं।
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पार्षद जय कौशिक और सुरेश वर्मा ने संबंधित अधिकारियों को भी मामले में संज्ञान लेने के लिए कहा है। वहीं वार्ड नंबर 10 के पार्षद गुरमेल कौर ने पंचकूला के मेयर कुलभषण गोयल से मुलाकात करके सेक्टर 12 और सेक्टर 12-ए में मोबाइल कंपनी द्वारा तार बिछाने के लिए गड्ढे खोदने का मुद्दा उठाया। गुरमेल कौर ने बताया कि अभी कुछ दिन पहले ही एक कंपनी द्वारा तार बिछाई गई थी, जिसके बाद अभी तक गड्डे ही नहीं भरे गए और अब दूसरी मोबाइल कंपनी ने गड्ढा खोदने शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं कि किसी भी सेक्टर में तार बिछाना है तो सभी कंपनियों को एक साथ परमिशन दी जाए, ताकि बार-बार गड्ढा खोदने की नौबत ना आए।
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गौरतलब है कि शहर में लगभग 290 मोबाइल टावर अलग-अलग कंपनियों द्वारा लगाए गए हैं, लेकिन उनकी फीस नाम मात्र ही नगर निगम के पास जमा है और प्राइवेट कंपनियां कुछ दलालों के जरिए अपनी तारें शहर में अलग-अलग जगह विभिन्न सेक्टरों में बिना फीस जमा किए ही बिछवा रही हैं। जिससे नगर निगम को करोड़ों रुपए का चूना लग रहा है। पार्षदों द्वारा इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने और फीस ना जमा करवाने वाले मोबाइल टावर कंपनियों के कनेक्शन काटने की भी मांग उठाई गई है।
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