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Panchkula News: तिजारा के 18 पार्षद रोके जाने पर पिंजौर थाने में धरना
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सभापति चुनाव से पहले चंडीमंदिर-सूरजपुर टोल के पास रोकने का कांग्रेस का आरोप
पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी समेत कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर किया प्रदर्शन
कांग्रेस ने पार्षदों की स्थिति स्पष्ट करने और रोकने का आधार बताने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
पिंजौर। राजस्थान के तिजारा नगर परिषद में सभापति पद के चुनाव से पहले कांग्रेस समर्थित 18 पार्षदों को हरियाणा के चंडीमंदिर-सूरजपुर टोल प्लाजा के पास कथित तौर पर रोकने के आरोप से सियासी हलचल बढ़ गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश से लौट रहे पार्षदों को पुलिस ने रोक लिया। इसके विरोध में पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पिंजौर थाने के बाहर धरना दिया।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि 20 सितंबर की रात करीब 10:45 बजे पार्षदों का काफिला मल्लाह चौक-चंडीमंदिर क्षेत्र के आसपास पहुंचा, जहां वाहनों को रोक लिया गया। दावा किया गया कि कुछ हथियारबंद लोग पार्षदों और उनके साथ मौजूद परिवारजनों को अपने नियंत्रण में ले गए। इसके बाद पार्षदों और परिवारजनों से संपर्क टूटने तथा मोबाइल फोन बंद या संपर्क से बाहर होने की बात कही गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि समूह में महिलाएं और नाबालिग बच्चे भी शामिल थे।
थाने के बाहर किया प्रदर्शन
पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी के साथ गुरभाग सिंह धमाला, विजय बंसल एडवोकेट, नरेश मान, अजय सिंगला और चंचल शर्मा समेत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने मामले में कार्रवाई और पार्षदों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। प्रदीप चौधरी ने बताया कि धरने के दौरान पुलिस से सूचना मिली कि पार्षद शाहबाद और कुरुक्षेत्र के बीच हैं। इसके बाद करीब 12 बजे धरना समाप्त कर दिया गया। राजस्थान से पहुंचे नेताओं ने चुनाव का समय बढ़ाए जाने की भी जानकारी दी। पुलिस की भूमिका को लेकर कांग्रेस के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने मामले में आरोपों की जांच की बात कही है।
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पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी समेत कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर किया प्रदर्शन
कांग्रेस ने पार्षदों की स्थिति स्पष्ट करने और रोकने का आधार बताने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
पिंजौर। राजस्थान के तिजारा नगर परिषद में सभापति पद के चुनाव से पहले कांग्रेस समर्थित 18 पार्षदों को हरियाणा के चंडीमंदिर-सूरजपुर टोल प्लाजा के पास कथित तौर पर रोकने के आरोप से सियासी हलचल बढ़ गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश से लौट रहे पार्षदों को पुलिस ने रोक लिया। इसके विरोध में पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पिंजौर थाने के बाहर धरना दिया।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि 20 सितंबर की रात करीब 10:45 बजे पार्षदों का काफिला मल्लाह चौक-चंडीमंदिर क्षेत्र के आसपास पहुंचा, जहां वाहनों को रोक लिया गया। दावा किया गया कि कुछ हथियारबंद लोग पार्षदों और उनके साथ मौजूद परिवारजनों को अपने नियंत्रण में ले गए। इसके बाद पार्षदों और परिवारजनों से संपर्क टूटने तथा मोबाइल फोन बंद या संपर्क से बाहर होने की बात कही गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि समूह में महिलाएं और नाबालिग बच्चे भी शामिल थे।
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थाने के बाहर किया प्रदर्शन
पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी के साथ गुरभाग सिंह धमाला, विजय बंसल एडवोकेट, नरेश मान, अजय सिंगला और चंचल शर्मा समेत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने मामले में कार्रवाई और पार्षदों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। प्रदीप चौधरी ने बताया कि धरने के दौरान पुलिस से सूचना मिली कि पार्षद शाहबाद और कुरुक्षेत्र के बीच हैं। इसके बाद करीब 12 बजे धरना समाप्त कर दिया गया। राजस्थान से पहुंचे नेताओं ने चुनाव का समय बढ़ाए जाने की भी जानकारी दी। पुलिस की भूमिका को लेकर कांग्रेस के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने मामले में आरोपों की जांच की बात कही है।
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