{"_id":"6091ab958ebc3ed1e55652fd","slug":"sidhu-bypassed-punjab-bjp-s-offer-bureau-news-pkl4123897109","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिद्धू ने पंजाब भाजपा की पेशकश की दरकिनार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिद्धू ने पंजाब भाजपा की पेशकश की दरकिनार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। पंजाब में 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए नवजोत सिंह सिद्धू को फिर से भाजपा का आफर मिला है। इस बार हरजीत सिंह ग्रेवाल ने पेशकश की है कि अगर सिद्धू भाजपा में आना चाहते हैं तो मुख्यमंत्री पद की इच्छा छोड़ दें।
सिद्धू ने भाजपा नेता के इस ऑफर का कोई सीधा जवाब तो नहीं दिया लेकिन मंगलवार को ट्वीट करके ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल में भाजपा के खिलाफ जीत की बधाई दी। उन्होंने लिखा कि सच्चाई की राह और नैतिक मूल्यों पर चलते हुए पश्चिम बंगाल के लोगों ने दोबारा ममता दीदी भरोसा जताया है। इसके साथ ही सिद्धू ने केरल में एमके स्टालिन को ट्वीट कर जीत की बधाई दी है। उन्होंने लिखा कि- बधाई, स्टालिन जी, आप तमिलनाडू की जनता की आवाज हो। आपकी जीत भारत के गणतांत्रिक ढांचे को मजबूत करेगी।
खास बात यह भी है कि सिद्धू ने असम में भाजपा की जीत के लिए के लिए कोई बधाई ट्वीट नहीं किया। भाजपा के विरुद्ध पार्टियों के नेताओं को बधाई देते हुए सिद्धू ने यह साफ कर दिया कि वे पंजाब में 2022 के चुनाव को लेकर अकेला चलते हुए तैयारी कर रहे हैं। भाजपा विरोधी दलों के साथ सिद्धू का बढ़ता प्रेम यह संकेत दे रहा है कि वे अलग पार्टी बनाकर पंजाब की सियासत में नया अध्याय जोड़ने का प्रयास कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धू ने भाजपा नेता के इस ऑफर का कोई सीधा जवाब तो नहीं दिया लेकिन मंगलवार को ट्वीट करके ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल में भाजपा के खिलाफ जीत की बधाई दी। उन्होंने लिखा कि सच्चाई की राह और नैतिक मूल्यों पर चलते हुए पश्चिम बंगाल के लोगों ने दोबारा ममता दीदी भरोसा जताया है। इसके साथ ही सिद्धू ने केरल में एमके स्टालिन को ट्वीट कर जीत की बधाई दी है। उन्होंने लिखा कि- बधाई, स्टालिन जी, आप तमिलनाडू की जनता की आवाज हो। आपकी जीत भारत के गणतांत्रिक ढांचे को मजबूत करेगी।
विज्ञापन
खास बात यह भी है कि सिद्धू ने असम में भाजपा की जीत के लिए के लिए कोई बधाई ट्वीट नहीं किया। भाजपा के विरुद्ध पार्टियों के नेताओं को बधाई देते हुए सिद्धू ने यह साफ कर दिया कि वे पंजाब में 2022 के चुनाव को लेकर अकेला चलते हुए तैयारी कर रहे हैं। भाजपा विरोधी दलों के साथ सिद्धू का बढ़ता प्रेम यह संकेत दे रहा है कि वे अलग पार्टी बनाकर पंजाब की सियासत में नया अध्याय जोड़ने का प्रयास कर सकते हैं।
विज्ञापन