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Panchkula News: पंजाब में 1.28 लाख टन डीएपी खाद की कमी
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चंडीगढ़। पंजाब में फसल की अगली पैदावार के लिए डीएपी खाद का संकट गहराता जा रहा है। गेहूं, आलू और सरसों की खेती के लिए किसानों ने फसल बीजने के लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन मार्केट में खाद के संकट और कालाबाजारी की समस्या लगातार बनी हुई है। इस कड़ी में फिरोजपुर के मुख्य कृषि अधिकारी और मार्कफेड के जिला प्रबंधक पर सरकार ने गाज गिराई है। दोनों अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। नई पैदावार के लिए किसानों को इस सीजन 4.8 लाख टन डीएपी खाद की जरूरत है। सरकार के पास करीब 3.52 लाख टन खाद का स्टॉक है, 1.28 लाख टन डीएपी की कमी के कारण प्रदेश के कई जिलों में खाद का संकट बना हुआ है। पंजाब में हर साल किसानों को फसल की पैदावार के लिए 8.5 लाख टन खाद की जरूरत पड़ती है। रबी के सीजन में किसानों को पांच लाख टन तक जरूरत पड़ती है, जबकि खरीफ के सीजन में 3.5 से 4 लाख टन तक की आवश्यकता होती है।
प्रदेश में इस बार 86 लाख एकड़ जमीन पर गेहूं की फसल की जाएगी। 15 नवंबर तक मंडियों में धान की खरीद प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। अभी तक मंडियों में 111 लाख मीट्रिक टन धान पहुंच चुका है, इसमें से 108 लाख मीट्रिक टन धान सरकार खरीद चुकी है, जबकि 63 प्रतिशत के करीब धान की लिफ्टिंग हो जाएगी। सरकार का दावा है कि 15 नवंबर तक किसानों को अगली फसल की पैदावार के लिए मंडियों में आए एक-एक दाने की खरीद कर छुट्टी दे दी जाएगी।
किसानों ने तीन दिन का अल्टीमेटम दिया, 11 को मोर्चा खोलने का एलान
मंडियों में लगातार धान की खरीद, लिफ्टिंग और डीएपी खाद के संकट को लेकर वीरवार को शंभू बॉर्डर पर किसानों ने बैठक की। बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा की ओर से सरकार को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया है, 10 नवंबर तक अगर मंडियों में धान की खरीद और लिफ्टिंग के अलावा डीएपी खाद की स्थिति नहीं सुधरी तो वह 11 नवंबर को बैठक कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का एलान करेंगे। इस बीच संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने वीरवार को सेक्टर-39 स्थित अनाज भवन में अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में किसानों, आढ़तियों, मिलर्स के अलावा धान की एमएसपी पर किसानों से की जा रही कटौती पर सवाल उठाए। तय एमएसपी से कम किसानों को भुगतान करने को लेकर डल्लेवाल की ओर से अधिकारियों को कुछ वीडियो और दस्तावेज भी उपलब्ध कराए हैं, जोकि मंडियों की स्थिति बयान करते हैं, इस पर अधिकारियों ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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अतिरिक्त स्टॉक के लिए केंद्र से की है मांग: मंत्री खुड्डियां
कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि किसानों की डीएपी खाद की जरूरत को पूरा करने के लिए हर जिले में मार्कफेड, कॉओपरेटिव सोसाइटीज और मुख्य कृषि अधिकारी के जरिये रोटेशन बनाई गई है। हर जिले में खाद के स्टॉक की रोजाना मॉनिटरिंग की जा रही है। खाद की कालाबाजारी के जो मामले सामने आ रहे हैं, उसके लिए ट्रेडर्स के गोदामों की चेकिंग के लिए फ्लाइंग स्क्वॉयड बनाए गए हैं, सरकार इस पर सख्ती से काम कर रही है। अतिरिक्त स्टॉक के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा गया है।
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प्रदेश में इस बार 86 लाख एकड़ जमीन पर गेहूं की फसल की जाएगी। 15 नवंबर तक मंडियों में धान की खरीद प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। अभी तक मंडियों में 111 लाख मीट्रिक टन धान पहुंच चुका है, इसमें से 108 लाख मीट्रिक टन धान सरकार खरीद चुकी है, जबकि 63 प्रतिशत के करीब धान की लिफ्टिंग हो जाएगी। सरकार का दावा है कि 15 नवंबर तक किसानों को अगली फसल की पैदावार के लिए मंडियों में आए एक-एक दाने की खरीद कर छुट्टी दे दी जाएगी।
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किसानों ने तीन दिन का अल्टीमेटम दिया, 11 को मोर्चा खोलने का एलान
मंडियों में लगातार धान की खरीद, लिफ्टिंग और डीएपी खाद के संकट को लेकर वीरवार को शंभू बॉर्डर पर किसानों ने बैठक की। बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा की ओर से सरकार को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया है, 10 नवंबर तक अगर मंडियों में धान की खरीद और लिफ्टिंग के अलावा डीएपी खाद की स्थिति नहीं सुधरी तो वह 11 नवंबर को बैठक कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का एलान करेंगे। इस बीच संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने वीरवार को सेक्टर-39 स्थित अनाज भवन में अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में किसानों, आढ़तियों, मिलर्स के अलावा धान की एमएसपी पर किसानों से की जा रही कटौती पर सवाल उठाए। तय एमएसपी से कम किसानों को भुगतान करने को लेकर डल्लेवाल की ओर से अधिकारियों को कुछ वीडियो और दस्तावेज भी उपलब्ध कराए हैं, जोकि मंडियों की स्थिति बयान करते हैं, इस पर अधिकारियों ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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अतिरिक्त स्टॉक के लिए केंद्र से की है मांग: मंत्री खुड्डियां
कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि किसानों की डीएपी खाद की जरूरत को पूरा करने के लिए हर जिले में मार्कफेड, कॉओपरेटिव सोसाइटीज और मुख्य कृषि अधिकारी के जरिये रोटेशन बनाई गई है। हर जिले में खाद के स्टॉक की रोजाना मॉनिटरिंग की जा रही है। खाद की कालाबाजारी के जो मामले सामने आ रहे हैं, उसके लिए ट्रेडर्स के गोदामों की चेकिंग के लिए फ्लाइंग स्क्वॉयड बनाए गए हैं, सरकार इस पर सख्ती से काम कर रही है। अतिरिक्त स्टॉक के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा गया है।