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Panchkula News: पराली प्रबंधन को लेकर पंजाब सरकार का लॉन्ग टर्म प्लान

Fri, 25 Sep 2026 02:25 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 25 Sep 2026 02:25 AM IST
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Punjab government's long-term plan for stubble management
चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने 2030 तक पराली प्रबंधन के लिए एक दीर्घकालिक योजना तैयार की है। इस योजना का उद्देश्य बायोमास औद्योगिक पार्क विकसित करना है। साथ ही, सीआरएम मशीनों की संख्या बढ़ाना और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना भी शामिल है।
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विकसित होने वाले बायोमास औद्योगिक पार्क में हर साल एक से दो लाख टन पराली का निपटारा किया जाएगा। सरकार 22 नए सीबीजी प्लांट स्थापित करेगी। इन प्लांटों से चार साल के भीतर 10 से 12 लाख टन पराली का निस्तारण करने का लक्ष्य है। नए सीबीजी प्लांटों में प्रति वर्ष 9.50 लाख टन पराली निस्तारित करने की योजना है।
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थर्मल प्लांटों में पैलेट बनाने की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। भंडारण के लिए 250 से 300 नए डिपो तैयार किए जाएंगे। नई तकनीक की सस्ती सीआरएम मशीनों के लिए अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। सभी जिलों में सीआरएम रूम स्थापित किए जाएंगे ताकि किसानों तक मशीनें आसानी से पहुंच सकें। किसानों को बड़े स्तर पर जागरूक करने के लिए स्कूल स्तर पर भी अभियान चलाया जाएगा।
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डिस्टिलरी और चारे में पराली का उपयोग :

प्रदेश की सभी नई और पुरानी डिस्टिलरियों के लिए पराली आधारित बॉयलर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन बॉयलर में ईंधन के लिए पराली का उपयोग होना चाहिए। योजना के तहत चारे के लिए भी पराली का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रति वर्ष 2 से 4 लाख टन पराली का उपयोग चारे के लिए करने की योजना है।




फसल विविधीकरण और अन्य उपाय :

1.30 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। कृषि विभाग 60 हजार हेक्टेयर में मक्का, 30 हजार हेक्टेयर में गन्ना और 40 हजार हेक्टेयर में कपास की खेती बढ़ाएगा। धान की सीधी बोआई के लिए 1500 एकड़ प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। पिछले साल 2.93 लाख एकड़ में सीधी बोआई हुई थी, जिससे पराली की समस्या कम रहती है। विभाग ने पूसा-44 धान की रोपाई पर प्रतिबंध लगाया है, क्योंकि यह पराली जलाने का एक प्रमुख कारण है।
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