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Panchkula News: शौर्य चक्र विजेता मेजर तृप्तप्रीत सिंह का गांव पहुंचने पर स्वागत
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरदासपुर। शौर्य चक्र विजेता मेजर तृप्तप्रीत सिंह का अपने पैतृक गांव खान मालिक पहुंचने पर लोगों ने भव्य स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों बजाकर और फूलमालाओं पहनाकर पूरे गांव ने वीर सपूत को सलामी दी।
तृप्तप्रीत सिंह को शौर्च चक्र 4 जनवरी, 2024 को जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले के गावं आलिशेर में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान दिखाए अद्वितीय साहस के लिए प्रदान किया गया। मेजर तृप्तप्रीत सिंह ने अपनी टुकड़ी का नेतृत्व करते हुए एक ए-श्रेणी के खूंखार आतंकवादी को मार गिराया था। इसके अलावा, उन्होंने छह अलग-अलग अभियानों में नौ दुर्दांत आतंकवादियों का सफाया किया, जिनमें से अधिकांश सुरक्षा बलों की वांछित सूची में शामिल थे। मेजर के पिता हरदयाल सिंह पड्डा ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनका बेटा देश की सेवा में इतना ऊंचा नाम कमा रहा है। तृप्तप्रीत की पत्नी सीरत कौर ने कहा कि उन्हें अपने पति पर गर्व है। बता दें कि मेजर तृप्तप्रीत सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट्रल स्कूल कपूरथला से पूरी की। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रवेश लिया और सेना में अधिकारी बने।
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गुरदासपुर। शौर्य चक्र विजेता मेजर तृप्तप्रीत सिंह का अपने पैतृक गांव खान मालिक पहुंचने पर लोगों ने भव्य स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों बजाकर और फूलमालाओं पहनाकर पूरे गांव ने वीर सपूत को सलामी दी।
तृप्तप्रीत सिंह को शौर्च चक्र 4 जनवरी, 2024 को जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले के गावं आलिशेर में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान दिखाए अद्वितीय साहस के लिए प्रदान किया गया। मेजर तृप्तप्रीत सिंह ने अपनी टुकड़ी का नेतृत्व करते हुए एक ए-श्रेणी के खूंखार आतंकवादी को मार गिराया था। इसके अलावा, उन्होंने छह अलग-अलग अभियानों में नौ दुर्दांत आतंकवादियों का सफाया किया, जिनमें से अधिकांश सुरक्षा बलों की वांछित सूची में शामिल थे। मेजर के पिता हरदयाल सिंह पड्डा ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनका बेटा देश की सेवा में इतना ऊंचा नाम कमा रहा है। तृप्तप्रीत की पत्नी सीरत कौर ने कहा कि उन्हें अपने पति पर गर्व है। बता दें कि मेजर तृप्तप्रीत सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट्रल स्कूल कपूरथला से पूरी की। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रवेश लिया और सेना में अधिकारी बने।
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