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20 साल पहले सेक्टर बसाया, एचएसवीपी आज भी सुविधाएं नहीं दे पाया

Thu, 02 Dec 2021 02:15 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 02 Dec 2021 02:15 AM IST
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Set up the sector 20 years ago, HSVP still could not provide facilities
पंचकूला। सेक्टर 28 को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने 20 साल पहले बसाया, लेकिन दो दशक बाद भी डिस्पेंसरी, स्कूल, मार्केट जैसी बुनियादी सुविधाएं यहां के स्थानीय लोगों को नहीं मिल पाईं।
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सेक्टर के अंदर जंगल और झाड़ियां तो आम बात है, यहां हर दूसरे दिन सांप और अजगर भी निकलते रहते हैं। लाखों रुपये खर्च कर यहां लोगों ने अपना आशियाना बनाया पर गार्बेज कलेक्शन के लिए एक जगह भी पंचकूला नगर निगम निर्धारित नहीं कर पाया। यहां के लोगों को अपने छोटे बड़े कामों के लिए या तो घग्गर पार से निकलकर पंचकूला के मुख्य शहर के मार्केटों में आना पड़ता है या फिर उन्हें चार से पांच किलोमीटर रामगढ़ या फिर सेक्टर 26 के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
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वहीं, सेक्टर-28 में इंस्टीट्यूट, फायर स्टेशन, मंदिर, पुलिस स्टेशन के लिए छोड़े गए जगह पर एचएसवीपी आशियाना के लिए 14 मंजिला 4200 फ्लैट बनाने जा रहा है। जिसे लेकर सेक्टर के स्थानीय लोग अदालत पहुंचे हैं। इसकी अगली तारीख 10 दिसंबर 2021 को लगी है। स्थानीय लोगों की मांग है कि जिस मकसद के लिए एचएसवीपी ने जगह रिजर्ब की थी, वहां उन्हीं प्रोजेक्टों पर काम होना चाहिए।
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हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण अपने बनाए गए ले आउट प्लान से भटक रहा है। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों की मांग है कि यहां जिस चीज के लिए साइट पहले से एचएसवीपी ने रिजर्ब की है, उस जगह को छोड़कर आशियाना बनाया जाता है, तो सेक्टर वासियों को कोई ऐतजरा नहीं है।
मार्केट में महज एक दुकान, हर तरफ झाड़ियां
सेक्टर-28 के लोग के लिए एचएसवीपी की ओर से बनाई मार्केट में महज एक दुकान है। बाकी तरफ खाली पड़ी साइटों में झाड़ियां ही झाड़ियां हैं। मार्केट के पार्किंग सड़कें टूटी पड़ी हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो एचएसवीपी ने 2001 से 2003 के बीच घग्गर पार स्थित सेक्टर 28 बसाया था, लेकिन इन बीस से अठारह सालों के बीच मार्केट का विकास नहीं हो पाया। इस सपने को लेकर लोगों ने लाखों रुपये खर्च कर अपना घर बनाया है, अब उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए भी तरसना पड़ रहा है। यहां के लोगों को घर के लिए कोई सामान खरीदना होता है, तो लोगों को रामगढ़ या फिर सेक्टर-26 के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
डिस्पेंसरी और स्कूल साइटों से निकलते हैं अजगर और सांप
एचएसवीपी ने डिस्पेंसरी और स्कूल साइट के लिए जगह तो छोड़ दी, लेकिन वहां चारों तरफ झाड़ियां और जंगल है। साफ सफाई नहीं होने के चलते अक्सर यहां सांप और अजगर निकलते रहते हैं। डिस्पेंसरी साइट पर डिस्पेंसरी बनाने की मंजूरी के लिए एचएसवीपी के इंजीनियरिंग विंग के अधिकारी ने विभाग के आला अधिकारियों को एक माह पहले पत्र लिखा था, लेकिन प्रोजेक्ट कागजों में दौड़ रहा है, धरातल पर कबतक आएगा, कुछ पता नहीं।
-महेंदर बलहारा, प्रधान, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन
न बस क्यू शेल्टर और ना ही गार्बेज का पता
परिवहन सुविधा का लाभ लेने के लिए पंचकूला नगर निगम ने सेक्टर के अंदर बस क्यू शेल्टर तक नहीं बनाया। इसके चलते लोगों को बारिश धूप में बसों के इंतजार में मेन सड़क पर खड़ा होना पड़ता है। बसों की टाइमिंग को लेकर भी कंफ्यूजन है, क्योंकि बसों की टाइम भी स्थानीय लोगों को पता नहीं है। अगर बस क्यू सेल्टर बना होता तो उसपर बसों की टाइमिंग भी अंकित होती। यहां बस क्यू शेल्टर की जरूरत है।

-सुमित राणा, स्थानीय निवासी
दो दिन सफाई के लिए आते हैं कर्मचारी
सेक्टर में गार्बेज की भी सुविधा नहीं है। यहां के लोग घरों का कूड़ा कहां फेंके। नगर निगम के सफाई कर्मी सप्ताह में महज दो दिन सेक्टर में सफाई के लिए आते हैं। ऐसे में साफ सफाई का भी अभाव है। यहां तीन ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। कम से कम चार की और जरूरत है ताकि काम हो सके।
- सतीश कुमार, स्थानीय निवासी
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