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कोरोना की दूसरी लहर सिमटी, अब सामान्य मरीजों को सर्जरी का इंतजार
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चंडीगढ़। प्रदेश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर सिमटती जा रही है। नए केस 250 से नीचे पहुंच गए हैं और सरकारी अस्पतालों में ज्यादातर बैड खाली हो चुके हैं। बावजूद इसके सरकार की ओर से सरकारी अस्पतालों में बंद चल रही इलेक्टिव सर्जरी शुरू करने के आदेश नहीं दिए गए हैं। करीब डेढ़ माह से सैकड़ों मरीजों के ऑपरेशन प्रभावित हुए हैं। अब उनका इंतजार लंबा होता जा रहा है। मजबूरी में मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगा इलाज लेना पड़ रहा है।
इस समय 3700 से नीचे कोरोना के सक्रिय मरीज हैं। इनमें से 2 हजार के करीब होम आइसोलेशन में है। ऐसे में मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में बेड खाली हो रहे हैं। बता दें कि प्रदेश सरकार की ओर से कोरोना के पीक पर होने के कारण 20 अप्रैल से सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशन बंद कर दिए थे। केवल इंजरजेंसी ऑपरेशन ही किए जा रहे थे, शेष पर रोक लगा दी थी। ऐसे में सैकड़ों की संख्या में मरीजों को सर्जरी के लिए आगे की तिथि दी गई थी। इनमें से काफी संख्या में तो निजी अस्पतालों में पहुंच गए, वहीं कई अभी भी सरकारी अस्पताल के इंतजार में हैं।
सैकड़ों मरीजों के ऑपरेशन हुए प्रभावित
अनुमान है कि हरियाणा के अस्पतालों में हर माह 8 हजार से अधिक की संख्या में सर्जरी होती है। इनमें आंख, हड्डी, हृदय, ईएनटी समेत अन्य सर्जरी शामिल हैं। डेढ़ माह के करीब समय से सरकारी अस्पतालों में सर्जरी बंद होने से हजारों की संख्या में मरीजों के ऑपरेशन प्रभावित हुए हैं। सोनीपत के रमेश सिंह ने बताया कि उसके पिता की आंख का ऑपरेशन कराना था, लेकिन कोरोना के चलते उस समय नहीं हो पाया। निजी अस्पताल में पैसे अधिक लगते हैं। अगर सरकारी में शुरू हो जाए तो राहत मिल जाएगी। वहीं, करनाल के कृष्ण कुमार ने कहा कि उसको पेट में पत्थरी है, आपरेशन का इंतजार कर रहा है।
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जल्दी करेंगे शुरू : एसीएस
कोरोना के केस कम होने से सरकारी अस्पतालों में बैड खाली हो रहे हैं। इसकी समीक्षा की जा रही है। जल्द ही सरकारी अस्पतालों में इलेक्टिव सर्जरी शुरू की जाएंगी। -राजीव अरोड़ा, एसीएस, स्वास्थ्य विभाग।
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इस समय 3700 से नीचे कोरोना के सक्रिय मरीज हैं। इनमें से 2 हजार के करीब होम आइसोलेशन में है। ऐसे में मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में बेड खाली हो रहे हैं। बता दें कि प्रदेश सरकार की ओर से कोरोना के पीक पर होने के कारण 20 अप्रैल से सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशन बंद कर दिए थे। केवल इंजरजेंसी ऑपरेशन ही किए जा रहे थे, शेष पर रोक लगा दी थी। ऐसे में सैकड़ों की संख्या में मरीजों को सर्जरी के लिए आगे की तिथि दी गई थी। इनमें से काफी संख्या में तो निजी अस्पतालों में पहुंच गए, वहीं कई अभी भी सरकारी अस्पताल के इंतजार में हैं।
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सैकड़ों मरीजों के ऑपरेशन हुए प्रभावित
अनुमान है कि हरियाणा के अस्पतालों में हर माह 8 हजार से अधिक की संख्या में सर्जरी होती है। इनमें आंख, हड्डी, हृदय, ईएनटी समेत अन्य सर्जरी शामिल हैं। डेढ़ माह के करीब समय से सरकारी अस्पतालों में सर्जरी बंद होने से हजारों की संख्या में मरीजों के ऑपरेशन प्रभावित हुए हैं। सोनीपत के रमेश सिंह ने बताया कि उसके पिता की आंख का ऑपरेशन कराना था, लेकिन कोरोना के चलते उस समय नहीं हो पाया। निजी अस्पताल में पैसे अधिक लगते हैं। अगर सरकारी में शुरू हो जाए तो राहत मिल जाएगी। वहीं, करनाल के कृष्ण कुमार ने कहा कि उसको पेट में पत्थरी है, आपरेशन का इंतजार कर रहा है।
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जल्दी करेंगे शुरू : एसीएस
कोरोना के केस कम होने से सरकारी अस्पतालों में बैड खाली हो रहे हैं। इसकी समीक्षा की जा रही है। जल्द ही सरकारी अस्पतालों में इलेक्टिव सर्जरी शुरू की जाएंगी। -राजीव अरोड़ा, एसीएस, स्वास्थ्य विभाग।