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हरियाणा में निवेश लाने को गहन अध्ययन के बाद लागू होंगी योजनाएं
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चंडीगढ़। हरियाणा में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए अब प्रदेश के अधिकारी विभिन्न योजनाओं का गहन अध्ययन करेंगे। इसके बाद योजनाओं को निवेशकों की सुविधा के अनुसार लागू किया जाएगा, ताकि योजनाओं से प्रभावित होकर दूसरे राज्यों और देशों से और अधिक निवेशक प्रदेश में आएं। इस संबंध में सोमवार को प्रदेश के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने यहां एचएसआईआईडीसी, सूक्ष्म, मध्यम एवं लघु उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि विभागों के अधिकारी निवेशकों के आवेदनों का निपटारा निर्धारित समयावधि में करें। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के प्रमुखों को अंतिम तीन माह की प्रदर्शन रिपोर्ट प्रस्तुत करने और सभी कार्यों को दिन-प्रतिदिन आधार पर निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर अभियान के तहत हरियाणा सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा एमएसएमई में निर्धारित प्रारूप को भी प्रदेश में लागू कर दिया है। इसके तहत, सुक्ष्म उद्योगों में निवेश एक करोड़ व टर्नओवर 5 करोड़, लघु उद्योगों में निवेश 10 करोड़ और टर्नओवर 50 करोड़, मध्य उद्योगों में निवेश 50 करोड़ व टर्नओवर 250 करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है। बैठक में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनन्द मोहन शरण, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक विकास गुप्ता, सूक्ष्म, मध्य एवं लघु उद्योग के महानिदेशक शेखर विद्यार्थी सहित अनेक अधिकारी मौजूद थे।
वर्ष 2021-22 के दौरान 19.06 लाख रोजगार सृजित
कौशल ने कहा कि वर्ष 2019-20 के बजट के आधार राज्य में लोगों का करीब 22 प्रतिशत एमएसएमई में योगदान रहा है। प्रदेश में 9.53 लाख सूक्ष्म इकाइयां हैं, जबकि इस दौरान राज्य में 19.06 लाख रोजगार सृजित हुए हैं। हरियाणा उद्यम मेमोरेंडम (एचयूएम) के तहत 45844 उद्योग पंजीकृत हुए हैं। इसके अलावा, 4.14 लाख यूनिफार्म रूल्स फॉर कलेक्शन (यूआरसी) पंजीकृत किए गए हैं, जिनमें 3.90 लाख सूक्ष्म, 21164 लघु और 1893 मध्यम इकाइयों यूआरसी पंजीकृत हुई हैं। इन इकाइयों में ऑटोमोबाईल, खाद्य प्रसंस्करण, टैक्सटाईल, चमड़ा, लकड़ी व कागज, धातु उत्पाद, मशीनरी एवं इंजीनियरिंग, फॉर्मा, पैट्रो-कैमिकल, रबड़ उत्पाद और बिजली एवं इलेक्ट्रोनिक के उद्योग शामिल हैं।
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5 लाख नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य
मुख्य सचिव ने कहा कि हरियाणा सरकार ने वर्ष 2020 में ‘हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति-2020’ लागू की। इस नीति से राज्य में 5 लाख नए रोजगार सृजित करने, 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश और निर्यात को 2 लाख करोड़ रुपये तक करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में बताया गया कि इस नीति के लागू होने के उपरांत कई बड़े निवेशक निवेश के लिए आगे आ रहे हैं। मुख्य सचिव ने केन्द्र सरकार द्वारा उद्योग विभाग को राष्ट्रीय एमएसएमई पुरस्कार-2022 प्राप्त करने की बधाई दी।
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मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि विभागों के अधिकारी निवेशकों के आवेदनों का निपटारा निर्धारित समयावधि में करें। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के प्रमुखों को अंतिम तीन माह की प्रदर्शन रिपोर्ट प्रस्तुत करने और सभी कार्यों को दिन-प्रतिदिन आधार पर निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर अभियान के तहत हरियाणा सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा एमएसएमई में निर्धारित प्रारूप को भी प्रदेश में लागू कर दिया है। इसके तहत, सुक्ष्म उद्योगों में निवेश एक करोड़ व टर्नओवर 5 करोड़, लघु उद्योगों में निवेश 10 करोड़ और टर्नओवर 50 करोड़, मध्य उद्योगों में निवेश 50 करोड़ व टर्नओवर 250 करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है। बैठक में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनन्द मोहन शरण, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक विकास गुप्ता, सूक्ष्म, मध्य एवं लघु उद्योग के महानिदेशक शेखर विद्यार्थी सहित अनेक अधिकारी मौजूद थे।
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वर्ष 2021-22 के दौरान 19.06 लाख रोजगार सृजित
कौशल ने कहा कि वर्ष 2019-20 के बजट के आधार राज्य में लोगों का करीब 22 प्रतिशत एमएसएमई में योगदान रहा है। प्रदेश में 9.53 लाख सूक्ष्म इकाइयां हैं, जबकि इस दौरान राज्य में 19.06 लाख रोजगार सृजित हुए हैं। हरियाणा उद्यम मेमोरेंडम (एचयूएम) के तहत 45844 उद्योग पंजीकृत हुए हैं। इसके अलावा, 4.14 लाख यूनिफार्म रूल्स फॉर कलेक्शन (यूआरसी) पंजीकृत किए गए हैं, जिनमें 3.90 लाख सूक्ष्म, 21164 लघु और 1893 मध्यम इकाइयों यूआरसी पंजीकृत हुई हैं। इन इकाइयों में ऑटोमोबाईल, खाद्य प्रसंस्करण, टैक्सटाईल, चमड़ा, लकड़ी व कागज, धातु उत्पाद, मशीनरी एवं इंजीनियरिंग, फॉर्मा, पैट्रो-कैमिकल, रबड़ उत्पाद और बिजली एवं इलेक्ट्रोनिक के उद्योग शामिल हैं।
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5 लाख नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य
मुख्य सचिव ने कहा कि हरियाणा सरकार ने वर्ष 2020 में ‘हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति-2020’ लागू की। इस नीति से राज्य में 5 लाख नए रोजगार सृजित करने, 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश और निर्यात को 2 लाख करोड़ रुपये तक करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में बताया गया कि इस नीति के लागू होने के उपरांत कई बड़े निवेशक निवेश के लिए आगे आ रहे हैं। मुख्य सचिव ने केन्द्र सरकार द्वारा उद्योग विभाग को राष्ट्रीय एमएसएमई पुरस्कार-2022 प्राप्त करने की बधाई दी।